सीएम योगी का गोरखपुर को दीपावली गिफ्ट, 1 नवंबर को खुलेंगे विकास के नए रास्ते

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भोपा बाजार में 59.44 करोड़ से बने रेल ओवरब्रिज का करेंगे उद्घाटन, गोड़धोइया नाला फेज-एक का लोकार्पण और फेज-दो समेत 787 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास

☕ आशुतोष मिश्र, चाय पंचायत।

गोरखपुर। दीपावली से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर को विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। एक नवंबर को मुख्यमंत्री जिले में करीब 1663 करोड़ रुपये की लागत वाली 88 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने, बाढ़ बचाव, जलनिकासी, सीवर प्रबंधन और नगरीय सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री चौरीचौरा के भोपा बाजार में 59.44 करोड़ रुपये की लागत से बने रेल ओवरब्रिज का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही 287.56 करोड़ रुपये की लागत वाले 84 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे।

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण गोड़धोइया नाला परियोजना होगी। इसके पहले चरण में 495.24 करोड़ रुपये की लागत से पूरे हुए कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा। वहीं, 92.72 करोड़ रुपये की लागत से दूसरे चरण, 65.93 करोड़ रुपये से नाले के समानांतर सड़क और 721.40 करोड़ रुपये की गोरखपुर सीवरेज योजना जोन ए-3 का शिलान्यास होगा।

भोपा बाजार रेल ओवरब्रिज से चौरीचौरा को मिलेगी जाम से मुक्ति

चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र के भोपा बाजार में गोरखपुर-भटनी रेलखंड के समपार संख्या 147बी पर 59.44 करोड़ रुपये की लागत से करीब 650 मीटर लंबा रेल ओवरब्रिज तैयार किया गया है। इसके चालू होने से चौरीचौरा कस्बे में लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलेगी।

अब तक रेलवे फाटक पर ट्रेनों की आवाजाही के कारण दिन में कई बार आवागमन बाधित होता था। इससे स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, स्कूली बच्चों और आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को परेशानी उठानी पड़ती थी। ओवरब्रिज शुरू होने से लोगों का समय और ईंधन दोनों बचेंगे। क्षेत्र की यातायात व्यवस्था भी पहले से अधिक सुगम होगी।

ओवरब्रिज पर जीवंत होगी चौरीचौरा के अमर बलिदानियों की गाथा

भोपा बाजार रेल ओवरब्रिज को केवल आवागमन की सुविधा तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे चौरीचौरा के ऐतिहासिक गौरव से भी जोड़ा गया है। ओवरब्रिज के स्तंभों और दीवारों पर भित्तिचित्रों के माध्यम से चार फरवरी 1922 की ऐतिहासिक चौरीचौरा घटना और उसमें योगदान देने वाले अमर बलिदानियों की गाथा उकेरी गई है। आकर्षक चित्रों के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन के इस महत्वपूर्ण अध्याय को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

17 वार्डों को जलभराव और सीवर की समस्या से मिलेगी राहत

शहर में जलभराव और सीवर प्रबंधन की समस्या के समाधान के लिए गोड़धोइया नाला परियोजना का पहला चरण पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री एक नवंबर को 495.24 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस चरण का लोकार्पण करेंगे।

इसके तहत 9.25 किलोमीटर लंबे नाले में 7.75 किलोमीटर पक्का नाला बनाया गया है। इसके अलावा 17.50 किलोमीटर इंटरसेप्टिंग सीवर लाइन बिछाई गई है। सीवेज के शोधन के लिए 38 एमएलडी क्षमता का सीवेज शोधन संयंत्र स्थापित किया गया है। परियोजना में 61 एमएलडी क्षमता का मुख्य पंपिंग स्टेशन और 14 पुल एवं पुलियों का निर्माण भी कराया गया है।

इस परियोजना से शहर के उत्तरी हिस्से के 17 वार्डों में जलनिकासी व्यवस्था बेहतर होगी। नाले में आने वाले सीवेज को शोधन संयंत्र तक पहुंचाकर शोधित किया जा रहा है। शोधन के बाद पानी रामगढ़ताल में प्रवाहित किया जा रहा है। इससे ताल की जल गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।

दूसरे चरण में 1.50 किलोमीटर नाला होगा पक्का, बनेगा पहुंच मार्ग

गोड़धोइया नाला परियोजना के दूसरे चरण पर 92.72 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत नाले के शेष 1.50 किलोमीटर कच्चे हिस्से को आरसीसी से पक्का किया जाएगा। साथ ही बिछिया रेलवे कॉलोनी में बने 38 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज शोधन संयंत्र तक पहुंचने के लिए 1.50 किलोमीटर लंबा नया मार्ग बनाया जाएगा।

वर्तमान में संयंत्र तक पहुंचने के लिए रेलवे कॉलोनी के भीतर से एक संकरा रास्ता है। भविष्य में रेलवे की ओर से कॉलोनी की चहारदीवारी बनाए जाने पर यह रास्ता बंद होने की आशंका है। इसे देखते हुए नाले के समानांतर वैकल्पिक पहुंच मार्ग बनाया जाएगा। दूसरे चरण में 120 स्ट्रीट लाइट लगाने और सुंदरीकरण के लिए पौधरोपण व लैंडस्केपिंग का कार्य भी कराया जाएगा। इसके लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

गोड़धोइया नाले के दोनों ओर बनेगी सड़क

नाले के समानांतर 7.75 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण भी कराया जाएगा। इस पर 65.93 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सड़क बनने से नाले के आसपास रहने वाले लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी।

परियोजना के तहत नाले के दोनों ओर 3.75 मीटर चौड़े मार्ग का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ पौधरोपण, सुरक्षा के लिए क्रैश बैरियर और प्रकाश व्यवस्था के लिए स्ट्रीट लाइट के खंभे लगाए जाएंगे।

जोन ए-3 में 350 किलोमीटर सीवर लाइन बिछेगी

गोड़धोइया नाला क्षेत्र में सीवर प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए 721.40 करोड़ रुपये की गोरखपुर सीवरेज योजना जोन ए-3 का शिलान्यास भी मुख्यमंत्री करेंगे। अमृत 2.0 कार्यक्रम के अंतर्गत स्वीकृत इस परियोजना में करीब 350 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जाएगी।

इसके तहत गोड़धोइया नाला क्षेत्र के 17 वार्डों में सीवर लाइन का विस्तार, 43,604 घरों को सीवर संयोजन और 37.50 एमएलडी तथा 27 एमएलडी क्षमता के दो मध्यवर्ती पंपिंग स्टेशनों का निर्माण कराया जाएगा। परियोजना पूरी होने पर इन वार्डों में सीवेज प्रबंधन की व्यवस्था मजबूत होगी और नाले में गंदे पानी का सीधे प्रवाह रोकने में मदद मिलेगी।

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