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डांडिया-गरबा की प्रस्तुतियों ने बांधा समां, लॉज नेपाल-38, निपाल क्लब और मेसोनिक लेडीज क्लब ने संयुक्त रूप से किया आयोजन
गोरखपुर। निपाल क्लब में आयोजित दीपावली महोत्सव में नन्हे कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। दीपों की रोशनी और संगीत की मधुर धुनों के बीच बच्चों ने पारंपरिक नृत्य, डांडिया और गरबा की प्रस्तुतियों से भारतीय संस्कृति की झलक पेश की। लॉज नेपाल-38, निपाल क्लब और एसोसिएशन ऑफ मेसोनिक लेडीज क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में उत्साह और उल्लास का माहौल रहा।
महोत्सव का शुभारंभ लॉज निपाल-38 के अध्यक्ष पीसी अग्रवाल, सचिव आशुतोष कुमार सिंह, निपाल क्लब के सचिव नीरज अस्थाना, लेडीज क्लब की अध्यक्ष डॉ. ऊषा कुमार, सचिव रेनू सहाय तथा संयोजक आलोक श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
स्वागत संबोधन में डॉ. अजय राय ने कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं, आशाओं और सकारात्मक ऊर्जा का उत्सव है। यह पर्व संदेश देता है कि अंधकार कितना भी गहरा हो, एक छोटा-सा दीपक भी उसे चुनौती दे सकता है। उन्होंने दीपोत्सव को प्रेम, सद्भाव और सामाजिक एकता का प्रतीक बताया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। इसके बाद रिद्धिका ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। नन्ही कलाकार मिष्ठी मिश्रा की भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुति विशेष आकर्षण रही। उनके आत्मविश्वास और प्रतिभा पर दर्शकों ने तालियों से उत्साहवर्धन किया।
नृत्य निर्देशक विवेक सोनकर के मार्गदर्शन में रूबी और रुचि कोरी ने आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों के सामूहिक नृत्य ने भी खूब वाहवाही बटोरी। भूषण पांडेय के गीत, अदिति श्रीवास्तव के नृत्य तथा इशिका और मधुरिमा की गीत प्रस्तुतियों ने समारोह में चार चांद लगा दिए। नृत्य निर्देशक मुस्कान गुप्ता के निर्देशन में आर्यन, आशिका और मानवी ने भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को प्रभावित किया।
समारोह में डांडिया और गरबा की प्रस्तुतियों ने दीपावली महोत्सव के उल्लास को और बढ़ा दिया। पारंपरिक संगीत और नृत्य की थिरकन से पूरा परिसर उत्सवी रंग में रंग गया। कार्यक्रम का संचालन मनोज कुमार श्रीवास्तव ने किया।
आयोजन को सफल बनाने में सांस्कृतिक सचिव भूषण पांडेय, संयुक्त सचिव आलोक श्रीवास्तव, सुशील श्रीवास्तव, सुधांशु चंद्रा, अमित विक्रम वर्मा, महेश गर्ग, समझना, आशा, साधना और मधुलिका का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
समापन पर लेडीज क्लब की अध्यक्ष डॉ. ऊषा कुमार ने अतिथियों, कलाकारों और आयोजन से जुड़े सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन भारतीय परंपराओं को जीवंत रखने के साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का माध्यम बनते हैं।
