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गोरखपुर। सहजनवां थाना क्षेत्र के गोविंदपुर लोनिया गांव के पास युवक की हत्या का मामला शुक्रवार को सुलझ गया। हत्या के आरोप में पुलिस ने मृतक के छोटे भाई को गिरफ्तार किया। भाभी के साथ अवैध संबंधों की वजह से छोटे भाई ने बड़े भाई को मौत के घाट उतार दिया था। अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके पुलिस ने जब पड़ताल की तो सच सामने आया।
जिस दिन युवक की हत्या हुई उस दिन सुबह वह अपने छोटे भाई का इलाज कराने खलीलाबाद गया था। रात में छोटा भाई अकेले घर पहुंच गया। लेकिन युवक का कुछ पता नहीं चला। घटना के दूसरे दिन सुबह ही युवक की हत्या कर फेंकी गई लाश बरामद हुई थी। लोगों ने उसकी पहचान पीपीगंज थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर निवासी सहेंद्र के रूप में की। घटना का पर्दाफाश होने पर एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता ने सहजनवां के थानेदार की पीठ थपथपाई। थानेदार ने बताया रघुनाथपुर निवासी सोमई के छह बेटे और चार बेटियों सहित 10 संतानें हैं। चौथे नंबर का सहेंद्र मुंबई में रहकर कमाता था। कुछ महीने पहले ही वह गांव लौटा था। सहेंद्र का छोटा भाई पांचवें नंबर का सुरेश पीपीगंज में मोबाइल की एक दुकान पर काम करता है। वर्ष 2015 में शैलेंद्र की शादी हुई तो कुछ दिनों के बाद से ही वह परदेश कमाने चला गया। सहेंद्र के घर न रहने पर सुरेश ही अपनी भाभी की देखभाल करता था। इस वजह से वह धीरे- धीरे भाभी के साथ प्रेम संबंध में बंध गया। पांच माह पहले सहेंद्र घर लौटकर आया। बड़े भाई के वापस आने के बाद सुरेश अपनी भाभी के साथ ज्यादा समय नहीं दे पाता था। इसलिए उसने बड़े भाई की हत्या की साजिश रची। 21 जनवरी को सुरेश ने अपने बड़े भाई सहेंद्र से कहा, मेरे कमर में बहुत दर्द है। किसी डॉक्टर के पास ले जाकर दिखा दो। भाई की तकलीफ को समझकर शैलेंद्र उसका इलाज कराने के लिए तैयार हो गया। सुरेश जसवल चौराहे पर पहुंच गया। शैलेंद्र के आने पर दोनों बाइक से खलीलाबाद गए। वहां एक डॉक्टर को दिखाकर दवा ली। घर लौटते समय अंधेरा होने पर रास्ते में मौका देख कर सुरेश ने हत्या को अंजाम दे दिया। लौटते समय सुरेश ही मोटरसाइकिल चला रहा था। चोक का तार खींचकर सुरेश ने कहा कि पेट्रोल कम होने से गाड़ी बंद हो रही है। पेट्रोल लेने के बहाने से उसने रास्ता बदल दिया और एक सुनसान जगह पर पहुंच गया। प्लग गंदा होने के बहाने साफ करने लगा। पहले खुद रूमाल निकालकर पोछा। फिर पेशाब करने के बहाने कुछ दूर चला गया। इस दौरान शैलेन्द्र से बोला कि तुम साफ करो। करीब रोज शराब पीने के आदी शैलेंद्र ने उस दिन भी थोड़ी शराब पी रखी थी। नशे में डूबा शैलेंद्र प्लग खोलकर साफ करने लगा। तभी जैकेट में छुपा कर रखे राड से सुरेश ने भाई के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। सहेंद्र ने हमले का प्रतिकार करने का प्रयास किया। लेकिन नशे में होने की वजह से कामयाब नहीं हो सका। सहेंद्र की मौत पर पहचान छुपाने को सुरेश ने उसके चेहरे और सिर को भी कूच दिया। फिर चुपचाप जाकर घर सो गया। दूसरे दिन जब लाश मिली तो गांव वालों के साथ- साथ वह भी पहचान करने पहुंचा। इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके सहजनवां पुलिस छानबीन में जुट गई।
उधर, भाई की हत्या के बाद सुरेश भरोहियां शिव मंदिर पर पहुंचा। भोलेनाथ के सामने जाकर अपनी करनी पर पश्चाताप किया। फिर घर लौट आया। उसे लगा कि पुलिस इस मामले में कुछ दिनों के बाद फाइल बंद कर देगी। लेकिन जब जांच शुरू हुई तो चौराहे के लोगों ने ही बता दिया सहेंद्र और सुरेश उस दिन एक साथ ही निकले थे। दोनों को खलीलाबाद की ओर जाते हुए देखा गया था। शक गहरा होने पर पुलिस लगातार सुरेश की निगरानी करती रही। परिवार के लोगों से चार- पांच बार पूछताछ हुई तो कत्ल का सच सामने आ गया। पुलिस का कहना है कि सुरेश का अपनी भाभी के साथ मधुर संबंध था। पुलिस की सख्ती पर सुरेश टूट गया और उसने सारी कहानी बता दी। पुलिस का कहना है कि सुरेश ने अकेले ही घटना की साजिश रची। इसमें सहेंद्र की पत्नी की कोई भूमिका नहीं है। एसपी उत्तरी अरविंद पांडेय और सीओ कैंपियरगंज दिनेश कुमार सिंह ने बताया सुरेश के संबंध शैलेंद्र की पत्नी से अवैध संबंधों के कारण ही घटना को अंजाम दिया। अब उसे(सुरेश) को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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