सीएम योगी ने गोरखपुर में की बैठक, रोजाना पांच सौ से एक हजार रैपिड टेस्ट के दिए निर्देश

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गोरखपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनेक्सी भवन सभागार में गोरखपुर और बस्ती मण्डल के साथ कोविड-19 की समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 500 से एक हजार रैपिड टेस्ट कराया जाएं। स्वच्छता,सेनेटाइजेशन, फागिंग का काम नियमित रूप से चलाया जाए। अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई जाए। प्रत्येक कोविड केस की जांच हों। कान्टेक्ट ट्रेसिंग को और बेहतर किया जाए, मास्क का प्रयोग न करने वालों का चालान किया जाए। उन्होंने कहा कि कोविड अस्पतालों में साफ सफाई, समय से भोजन और डाक्टरों के नियमित रूप राउंड की व्यवस्था में कोई लापरवाही न हो। सभी मरीजों की जांच की जाए तथा होम आइसोलेशन के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए तथा पानी उबालकर पीने के लिए भी जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि जहां पर भी 10 से अधिक लोग इकट्ठा हो रहे हैं। वहां पर कोविड हेल्प डेस्क अनिवार्य रूप से बनाया जाए। हेल्पडेस्क पर पल्स आक्सीमीटर और इंफ्रारेड थर्मामीटर की व्यवस्था हो।

निगरानी समिति को करें एक्टिव
मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर वार्ड/ग्राम पंचायतों में नोडल अधिकारी तैनात किया जाएं। निगरानी समिति को और एक्टिव करते हुए सर्विलांस का कार्य और बेहतर किया जाए। उन्होंने डोर टू डोर सर्वे पर बल देते हुए कहा कि इस समय कोविड-19 के कारण चुनौतियां बहुत अधिक है। इसलिए और सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मेडिकल इंफेक्शन न फैले इसके लिए लगातार आईएमए, नर्सिंग होम एसोसिएशन और प्रशासन एक दूसरे से संवाद करते रहें। नर्सिंगहोम/प्राइवेट अस्पताल कोविड मरीजों को रेफर करने की सूचना कन्ट्रोल रूम को दें।

खाद्यान्न माफियाओं के​ खिलाफ हो कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने जनपदवार कोरोना संक्रमण से बचाव के कार्यों, बेडों की संख्या, डोर टू डोर सर्वे, कोविड हेल्प डेस्क की व्यवस्था, कान्टेक्ट ट्रेसिंग, खाद्यान्न वितरण की स्थिति, रोजगार उपलब्ध कराने की स्थिति की जानकारी लेते हुए कहा कि खाद्यान्न माफियाओं पर कड़ी कार्यवाही करते हुए एनएसए लगाया जाए। हर गरीब को खाद्यान्न मिले और खाद्यान्न का वितरण नोडल अधिकारी की देख रेख में किया जाए। उन्होंने लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की समीक्षा के दौरान सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में सेवायोजन विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। प्रतिदिन उनसे समीक्षा भी की जाए। उन्होंने कहा कि उद्योगों को चिन्हित कर लोगों को उनकी क्षमता के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराया जाए।

सस्पेक्ट की जांच हो सुनिश्चित
उन्होंने कहा कि हर सस्पेक्ट की जांच सुनिश्चित की जाए। निगरानी समिति के लोग तत्काल बाहर से आए लोगों की सूचना उपलब्ध कराएं तथा सर्वे का कार्य लगातार चलता रहे। मुख्यमंत्री ने आईएमए और नर्सिंग होम एसोसिएशन के पदाधिकारियों से कोविड अस्पताल के संचालन के लिए जो भी सहायता जिला प्रशासन से मांगी जा रही है उसे उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कोविड प्रोटोकाल के तहत डेड बाडी का निस्तारण शीघ्रता से कराने को कहा। बीआरडी मेडिकल कालेज और बस्ती मेडिकल कालेज में सुविधाओं को और बढ़ाने के संबंध में भी निर्देश दिए। सीएम की बैठक में एडीजी दावा शेरपा, कमिश्नर गोरखपुर जयंत नार्लिकर, कमिश्नर बस्ती अनिल सागर, डीआईजी राजेश डी मोदक, जिलाधिकारी गोरखपुर के. विजयेन्द्र पाण्डियन, सिद्धार्थनगर दीपक मीणा, देवरिया अमित किशोर, महराजगंज डा. उज्जवल कुमार, कुशीनगर भूपेन्द्र एस चौधरी, संतकबीरनगर रवीश गुप्ता, सभी जिलों के सीएमओ, आईएमए, नर्सिंग होम एसोसिएशन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

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