तालियों से गूंजी कलेक्ट्री, जुट गए शहर के थानेदार, प्रत्याशी समर्थक किन्नरों ने लगाया हराने का आरोप

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गोरखपुर। जिला पंचायत वार्ड संख्या 33 भैंसा बाजार, खजनी से चुनाव लड़ने वाली सरिता देवी को जबरन हराने का आरोप लगाते हुए उनके समर्थक में जुटे किन्नरों ने कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध जताया। प्रशासन के खिलाफ ताली बजाते हुए किन्नर मंगलवार की रात जिला पंचायत सदस्य चुनाव के रिटर्निंग आफिसर (आरओ) सुनील कुमार के कमरे में घुस गए। किन्नरों की हरकत पर एसपी सिटी, सीओ कैंट, सीओ कोतवाली सहित शहर के सभी थानों की फ़ोर्स, महिला थानेदार, बड़ी संख्या में महिला कांस्टेबल बुला ली गईं।


घेराबंदी करके गेट पर पहुंचाया, आरओ को बुलाने की मांग
आरओ के कमरे में किन्नरों के पहुंचने पर अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। तत्काल ही अतिरिक्त फ़ोर्स बुला ली गई। मौके पर पहुंची पुलिस फोर्स ने उन्हें बाहर निकाला। तब सभी जाकर मेन गेट पर खड़े हो गए। उन सभी का आरोप था कि जीत उनकी हुई है और प्रमाण पत्र किसी और को दिया गया है। सरिता देवी ने कहा कि वह चुनाव जीत चुकी थीं। उन्हें 500 वोट अधिक मिले थे। सरिता के समर्थक किन्नर आरओ को बुलाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि एक गरीब और विधवा महिला को जबरन हराया गया है। खजनी के किन्नर समुदाय ने उनके लिए वोट मांगा था। दूसरी प्रत्याशी का कोई जनाधार भी नहीं था। करीब एक घंटे तक सभी वहां जमे रहे। उनके चक्कर में पुलिस भी खड़ी रही। फिर अचानक ही सभी किन्नर अपनी प्रत्याशी संग चले गए। इस संबंध में रिटर्निंग ऑफिसर ने कोई बयान नहीं दिया जिससे उनका पक्ष नहीं आ सका।


वार्ड नंबर 32 के प्रमाण पत्र के लिए भी हुआ हंगामा
खजनी क्षेत्र के वार्ड नंबर 32 में भी विजेता घोषित करने को लेकर हंगामा हुआ। यहां से प्रत्याशी रजनी देवी और भाजपा प्रत्याशी की ओर से जीत के दावे किए जाते रहे। रजनी देवी और उनके समर्थकों ने सोमवार को भी ब्लाक पर प्रदर्शन किया था। उनका आरोप था कि किसी भी राउंड में मतों की घोषणा नहीं की गई। जिला मुख्यालय पर जांच करने के बाद रजनी देवी को विजेता घोषित किया गया। देर रात तक विजयी सदस्यों को सर्टिफिकेट वितरित किया गया।

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