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125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी, ग्रामीण विकास को मिलेगी गति
देवरिया।
जनपद के विकास भवन स्थित गांधी सभागार में गुरुवार को “विकसित भारत–जी राम जी योजना” के संदर्भ में आयोजित प्रेस वार्ता को केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यह योजना आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। कैबिनेट मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में यह पहल ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और समावेशी प्रगति को नई गति देगी।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा के नाम पर देश को गुमराह करने की साजिश एक बार फिर बेनकाब हो रही है। अब 100 नहीं, बल्कि 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है। काम उपलब्ध न होने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ते के प्रावधान को और अधिक सशक्त किया गया है। साथ ही मजदूरी भुगतान में देरी होने पर अतिरिक्त भुगतान का भी स्पष्ट प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए ₹1,51,282 करोड़ से अधिक की विशाल धनराशि प्रस्तावित की गई है, जिससे रोजगार के लिए धन की कोई कमी न हो और गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके। विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विकसित, स्वावलंबी, गरीबी-मुक्त और रोजगार-युक्त गांवों के निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका आधारित गतिविधियों तथा प्राकृतिक आपदाओं से बचाव से जुड़े कार्य कराए जाएंगे।
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री ने कहा कि 125 दिनों के रोजगार की गारंटी के साथ यह भी सुनिश्चित किया गया है कि कृषि कार्यों के दौरान छोटे और सीमांत किसान भाई-बहनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अतिरिक्त प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रशासनिक व्यय की सीमा को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि “विकसित भारत–जी राम जी योजना” गांवों को सशक्त बनाकर देश की प्रगति को नई दिशा देने वाली योजना है और यह वास्तव में एक नए युग की शुरुआत है।



















