Categories: CoronaNational

लॉक डाउन : कोरोना से बच गए तो हमें भूख मार डालेगी

Estimated reading time: 0 minutes

गोरखपुर। लॉक डाउन में फंसे परदेसियों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। तीसरे चरण का लॉक डाउन शुरू होने पर देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे गोरखपुर सहित पूर्वांचल के अन्य जिलों के कामगार परेशान हो उठे हैं। यूपी गवर्नमेंट की तरफ से जारी हेल्प लाइन नंबरों पर उनको कोई मदद नहीं मिल रही। कभी नंबर बिजी जा रहा है तो कभी कॉल करने पर फोन रिसीव करने वाले सही जवाब नहीं दे पा रहे। परदेस में फंसे प्रवासी मजदूरों, कामगारों, ठेकेदारों सहित अन्य लोगों के सामने रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि यदि कोरोना के कहर से बच गए तो उनको भूख मार डालेगी। जो जहां पर ठहरा है वहां या तो खाने—पीने का प्रबंध नहीं है। या फिर उनको राशन नहीं मिल पा रहा। आसपास में खुलने वाली राशन की दुकानों से मिलने वाला सामान कई गुने महंगे दामों पर मिल रहा है। चेन्नई में फंसे सैकड़ों लोगों ने किसी तरह से घर पहुंचाने की गुहार सीएम योगी से लगाई है। वहां परदेसी मुसीबत में फंसे हैं तो उनकी समस्याओं को जानने के बाद परिवार के सदस्य भी बेहाल होने लगे हैं।

सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे वीडियो
चेन्नई के कासाग्रैंड, स्रुपमस बिल्डिंग थालामंबर में काम करने के लिए गोरखपुर के विभिन्न गांवों के 260 युवक फंसे हुए हैं। उनके ईदगिर्द के इलाके में पूर्वांचल के अन्य चार सौ लोग फंसे हुए हैं। इन लोगों का कहना है कि शुरूआत में कुछ सरकारी मदद मिली। लेकिन बाद में किसी ने ध्यान नहीं दिया। शिकायत करने पर लोकल प्रशासन सहायता करने के बजाय चुपचाप घर में रहने की हिदायत दे रहा है। मजदूर—ठेकेदार और अन्य कामगारों का कहना है कि लोकल मार्केट में मिलने वाला सारा सामान दो से तीन गुने दामों पर मिल रहा है। रुपए न होने से सभी के सामने भूखमरी का संकट पैदा हो गया है।

पैदल लौटेंगे घर, जिम्मेदार होगी सरकार
प्रवासियों ने एक आडियो जारी किया है। उनका कहना है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो पैदल ही अपने घर को रवाना होंगे। करीब दो हजार किलोमीटर का सफर तय करके वह लोग अपने—अपने घरों को वापस आएंगे। यदि रास्ते में कोई समस्या आई तो इसकी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सरकार की होगी। उनका कहना है कि हर प्रदेश के लिए जारी नोडल अफसरों के नाम और मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के बावजूद मदद नहीं मिल पा रही। प्रवासियों की दिक्कत सामने आने पर गांव के लोगों ने अपने स्तर से प्रयास शुरू कर दिया है।

Chai Panchayat

News of Naya Gorakhpur

View Comments

  • फिर यही लोग आकर रेडजोन करके मुसीबत बढाएंगे सर।जो जहाँ है वहीं रहे , सरकार उनकी वहीं मदद करे तो ठीक रहता।

  • मामला काफी गम्भीर है, उन्हें वहीं रोकना चाहिए
    इस तरह के मूवमेंट काफी ख़तरनाक हो सकते है

  • जब 2 महीने खुद का पेट नहीं पाल सकते है तो क्या ज़रूरत थी बाहर जाकर मज़दूरी करने की। अपने गांव में रहकर भी इससे ज्यादा कमा लेते ये लोग।यहाँ आकर सिर्फ परेशानी पैदा करेंगें।

Recent Posts

होली पर्व को लेकर प्रशासन सतर्क, वरिष्ठ अधिकारियों ने किया सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण

– दो मार्च को मुख्यमंत्री करेंगे भक्त प्रह्लाद रथ यात्रा का शुभारंभ, चार मार्च को…

2 months ago

ईरान, इजराइल सहित खाड़ी देश में फंसे लोगों का जिला प्रशासन ने मांगा ब्यौरा

गोरखपुर। शासन ने ईरान, इजराइल तथा खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों में चल रहे युद्ध…

2 months ago

गंगोत्री देवी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ‘युवा महोत्सव–2026’ का भव्य समापन

* तीन दिनों तक प्रतिभा, आत्मविश्वास और नेतृत्व का साक्षी बना परिसर गोरखपुर। महाविद्यालय परिसर…

3 months ago

गंगोत्री देवी महिला महाविद्यालय में उमड़ा स्नेह का सागर, पूर्व छात्रा मिलन समारोह बना स्मृतियों का उत्सव

गोरखपुर। गंगोत्री देवी महिला महाविद्यालय का प्रांगण उस समय भावनाओं से सराबोर हो उठा, जब…

3 months ago

गोरखपुर में 22 फरवरी को खिलेगा वसंत का महोत्सव

गोरखपुर। वसंत ऋतु के आगमन पर शहर में 22 फरवरी को पुष्पों की बहार सजने…

3 months ago

मुख्यमंत्री से गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी की शिष्टाचार भेंट

– प्रेस क्लब के विकास संबंधी प्रस्तावों पर सकारात्मक आश्वासन गोरखपुर। गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब…

3 months ago