मरीन ड्राइव जैसा रामगढ़झील, चिड़ियाघर की मिली सौगात, साढ़े चार साल के भीतर गोरखपुर में टूरिज्म चढ़ा परवान

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गोरखपुर, चाय पंचायत संवाददाता।

पर्यटन विकास के मामले में कभी गोरखपुर की छवि घिसटते पैरों से चलने वाले क्षेत्र की थी। योगी सरकार में अब इसके पर निकल आए हैं और विकास की उड़ान आसमानी हो चली है। महज साढ़े चार साल पहले तक यहां पर्यटन के नाम पर दायरा विश्व विख्यात गोरखनाथ मंदिर तक सिमट जाता था लेकिन अब यहां आप रामगढ़झील पर जाकर मुंबई के मरीन ड्राइव सा नजारा देख सकते हैं, चिड़ियाघर की सैर कर बब्बर शेर की दहाड़ सुन सकते हैं। आने वाले दिनों में यहां लगभग तैयार वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और प्रस्तावित सी प्लेन सेवा से पर्यटन विकास को और ऊंचाई मिलनी भी तय है।

रामगढ़झील में क्रूज सेवा की शुरू करने की तैयारी
मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही योगी आदित्यनाथ ने हर उस संभावना पर काम किया है जिससे गोरखपुर को पर्यटन के नक्शे पर चमकाया जा सके। मंशा बिलकुल साफ, पर्यटन विकास से जिले की खूबसूरती में चार चांद लगें और रोजगार के नए अवसर भी सृजित हों। सरकार की यह मंशा पूरी भी हो रही है। याद करिए 2017 के पहले के रामगढ़झील को। उपेक्षित रहा 1700 एकड़ का यह नैसर्गिक ताल अब शहर की खूबसूरती का नया पैमाना बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे विहंगम बनाने में खजाना खोल दिया। पूर्व में रामगढ़ताल जो अब झील का दर्जा पा चुकी है उसको कोई मुंबई का मरीन ड्राइव कहता है तो कोई जुहू चौपाटी। शहर ही नहीं अन्य जगहों से बड़ी संख्या में लोग रामगढ़झील की निखरी रंगत निहारने, यहां बोटिंग करने, पिकनिक मनाने आते हैं। सरकार यहां पर्यटकों के लिए क्रूज सेवा शुरू करने की तैयारी में है।

रोमांचक जल क्रीड़ा का उठा सकेंगे आनंद
सीएम योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल रहे रामगढ़झील क्षेत्र में ही विश्व स्तरीय वाटर स्पोर्ट्स का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है। पूरी उम्मीद है कि कुछ महीनों में ही लोग यहां रोमांचक जल क्रीड़ा का आनंद उठाने लगेंगे। यही नहीं, यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के वाटर स्पोर्ट्स इवेंट आयोजित होंगे और युवाओं को वाटर स्पोर्ट्स से संबंधित ट्रेनिंग भी मिलेगी। वाटर स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स में वाटर स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर, रोविंग, केनाईंग, क्याकिंग, स्कीईंग, पैरा ग्लाइडिंग, वाटर स्कूटर, सी स्कूटर, कैफेटेरिया, अलग अलग सीट के बोट, बनाना बोट, स्पीड बोट, फ्लोटिंग जेट्टी, प्लेयर डारमेट्री, फर्स्‍ट एड सेंटर, स्पोर्ट्स मेडिसिन सेंटर, ट्रेनिंग सेंटर, वाटर डेक, चेंजिंग रूम, रेस्तरां, कैफेटेरिया, वेटिंग रूम आदि की भी सुविधाएं मिलेंगी। इन तमाम सुविधाओं से न केवल स्थानीय बल्कि बाहर के पर्यटकों का भी रुझान बढ़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा रामगढ़झील में सी प्लेन उतारने की है। इसकी घोषणा वह जनवरी में आयोजित गोरखपुर महोत्सव में कर भी चुके हैं। सरकार इस दिशा में योजना की रूपरेखा तैयार कर रही है।

चिड़ियाघर की सौगात, रोजाना पहुंच रहे लोग
सीएम योगी के कार्यकाल में गोरखपुर को एक बड़ी सौगात चिड़ियाघर की भी मिली है। अमर शहीद अशफाक उल्ला खां के नामरामगढ़झील के समीप बने चिड़ियाघर में आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक आ रहे हैं। जबकि एक समय ऐसा भी था कि गोरखपुर के लोगों को चिड़ियाघर की सैर के लिए लखनऊ या अन्य शहरों का रुख करना पड़ता था। प्राकृतिक वेटलैंड एरिया में होने से इसकी विशिष्टता और प्रतिष्ठित हो रही है।

गोरखपुर में पर्यटन विकास में हुए काम

चिड़ियाघर : 259 करोड़
राप्ती नदी के घाट : 47 करोड़
गोरखनाथ मंदिर में लाइट एंड साउंड शो : 6.29 करोड़
रामगढ़झील में लाइट एंड साउंड शो : 7 करोड़
नीमेश्वर महादेव मंदिर : 2.13 करोड़
शहीद स्मारक, चौरी चौरा : 3.12 करोड़
पं. रामप्रसाद बिस्मिल शहीद स्थल : 1.88 करोड़
सूर्यकुंड धाम : 2.59 करोड़
मुंजेश्वरनाथ मंदिर : 5.5 करोड़
मुक्तेश्वरनाथ मंदिर : 2.19 लाख
कालीबाड़ी : 24 लाख
जटाशंकर गुरुद्वारा : 94 लाख
मोहद्दीपुर गुरुद्वारा : 1.76 करोड़
रामगढ़ ताल जेटी : 98 लाख
भरोहिया शिव स्थल : 1.54 करोड़
डोरहिया कलां शहीद स्थल : 82 लाख
तिखरा तालाब : 1.12 करोड़
बैसेहीदेवी मंदिर : 1.52 करोड़
समय माता मंदिर सम्मूखोर : 1.6 करोड़
बरगदही शिव स्थल : 73 लाख
दुर्गा मंदिर बांसगांव : 1.19 करोड़
विश्वकर्मा मंदिर, जटाशंकर : 1.18 करोड़

यहां चल रहा काम
गोरखनाथ मंदिर का सुंदरीकरण : 9.5 करोड़
चचाईराम मठ, उरुवा बाजार : 1.59 करोड़
बुढ़िया माई मंदिर, कुसम्ही जंगल : 1.5 करोड़
अघोरपीठ : 66 लाख
गीता वाटिका : 2.37 करोड़
कालीबाड़ी मंदिर : 46 लाख
तरकुलहा देवी मंदिर : 2.12 करोड़
वाटर स्पोट््र्स कांप्लेक्स : 45 करोड़
चिलुआताल : 42 करोड़
नौसढ़-कालेसर बंधे का सुंदरीकरण : 10 करोड़
बुढिय़ामाई मंदिर, जंगल धूसड़ : 1.12 करोड़
गोरख तलैया और कबीर धूनी : 4.9 करोड़
रामलीला मैदान व मानसरोवर मंदिर : 7 करोड़
रामलीला मैदान, बर्डघाट : 4.84 करोड़
शहीद बंधु शहीद स्मारक : 76 लाख

गोरखनाथ मंदिर में शुरू हुआ लाइट एंड साउंड शो
बात सिर्फ रामगढ़झील या चिड़ियाघर तक ही सीमित नहीं है। पर्यटन विकास के ध्येय से सरकार ने गोरखनाथ मंदिर समेत सभी धर्म स्थलों को भी निखारा है। गोरखनाथ मंदिर में साउंड एंड लाइट शो के जरिये गुरु गोरखनाथ की कथा स्मृतियों को भी जीवंत किया गया है। शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ ही पर्यटन संवर्धन योजना से गांव के मंदिरों को भी सुन्दरीकृत किया गया है। इसी कड़ी में योगी सरकार ने मानव काया के अंतिम पड़ाव राप्ती नदी तट पर स्थित राजघाट को शहर का नया पर्यटन स्थल बना दिया है। राप्ती के दोनों तट गुरु गोरखनाथ और प्रभु श्रीराम के नाम पर खूबसूरत पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किए गए हैं। जिले के ऐतिहासिक स्थलों चौरीचौरा शहीद स्मारक, तरकुलहा देवी मंदिर, डोहरिया कलां, जिला जेल स्थित अमर शहीद पंडित रामप्रसाद बिस्मिल स्मारक को भी हेरिटेज टूरिस्ट प्लेस के रूप में विकसित किया गया है।

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