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गोरखपुर। विश्वविद्यालय में बिना परीक्षा दिए अगली क्लास में प्रमोट होने के अरमान पाले छात्रों को बड़ा झटका लग सकता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय उच्च शिक्षा सचिव को विश्वविद्यालयों और संस्थानों को परीक्षाएं आयोजित करने की इज़ाज़त दे दी है। सोमवार को जारी एक बयान में मंत्रालय ने कहा है कि विश्वविद्यालय और शैक्षिक संस्थान, स्वास्थ्य मंत्रालय के कोविड-19 सुरक्षा नियमों को ध्यान में रखते हुए फाइनल परीक्षाएं आयोजित कर सकते हैं। केंद्रीय उच्च शिक्षा सचिव को लिखे पत्र में गृह मंत्रालय ने विश्वविद्यालयों और संस्थानों को परीक्षा आयोजित करने की इजाजत दी है। गृह मंत्रालय के अनुसार फाइनल ईयर की परीक्षाएं अनिवार्य होंगी और यूजीसी की गाइडलाइंस के अनुसार आयोजित किया जाएगा।
परीक्षा के दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रॉसीजर का पालन करना एकदम ज़रूरी होगा। बयान में यह भी कहा गया है कि एग्जाम के संबंध में यूजीसी और विश्वविद्यालयों के एकेडिमक कैलेंडर के दिशा-निर्देशानुसार और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से मंजूर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार सालाना परीक्षाएं अनिवार्य रूप से आयोजित कराई जानी हैं। यूजीसी की नई गाइड लाइंस के अनुसार, विश्वविद्यालयों/शैक्षिक संस्थाओं में स्नातक और परास्नातक की फाइनल ईयर/सेमेस्टर की परीक्षाएं सितंबर 2020 अंत तक आयोजित की जाएंगी।
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