भाई “के बनी माटी के लाल” में बही भोजपुरी की रसधार

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गोरखपुर। भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया की तरफ से शनिवार को यूनिवर्सिटी के दीक्षा भवन में “के बनी माटी के लाल'” का आयोजन किया गया। महापौर सीताराम जायसवाल, नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल, पूर्व महापौर डॉ. सत्या पांडेय, भोजपुरी चैनल के एक्सक्यूटिव प्रोड्यूसर अमित श्रीवास्तव, व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष पुष्पदन्त जैन, बौद्ध संग्रहालय के उप निदेशक मनोज कुमार गौतम ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

‘शिव आराधना’ और ‘निमिया के डारी मइया’ समूहगान प्रस्तुत किया गया। इसके बाद प्रतिभागियों ने पारंपरिक गीतों पर प्रस्तुति दी। गोपालगंज के करुणेश मिश्र ने “डोमकच कहाँ से लैयले रे डोमवा”, सुमित पांडेय ने “आंचल भीग गइल बा”, गोरखपुर की साधना चतुर्वेदी ने विवाह गीत “अरे माई जोग सीखे गयलू मैं बनिया दुकनिया’, कोमल मौर्या ने “शरम लागे” और मनीष पांडेय ने “काल्ह मिले” के जरिए भोजपुरी गीतों की सरिता बहाई।

निर्णायक मंडल में वाराणसी से डॉ. विजय कपूर और लखनऊ की पूनम बाजपेयी शामिल रहीं। “भाई” के क्षेत्रीय निदेशक राकेश श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन शिवेंद्र पांडेय ने किया।

इस अवसर पर डॉ. शिवशंकर शाही, डॉ. रूप कुमार बनर्जी, डॉ. संजयन त्रिपाठी, रमेश सिंह, हरिप्रसाद सिंह, राकेश उपाध्याय, डॉ. सुरेश, राकेश सारस्वत, सुभाष दुबे, अमरचंद श्रीवास्तव, काशी नरेश चौबे, विजय श्रीवास्तव, सारिका श्रीवास्तव, मनीष अग्रवाल, नीरज सिंह, जितेंद्र श्रीवास्तव, मलय मिश्र सहित कई लोग उपस्थित रहे।


गोपालगंज के सुमित पांडेय को ‘के बनी माटी के लाल- सीजन 3’ का विजेता घोषित किया गया। उन्हें 25000 का नकद पुरस्कार, स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। कोमल मौर्या, मनीष पांडेय, साधना चतुर्वेदी और करुणेश मिश्र को 5100 रुपए देकर पुरस्कृत किया जाएगा।

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