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495 करोड़ की परियोजना से उत्तरी गोरखपुर के 17 वार्डों को बड़ी राहत, बारिश का पानी सीधे पहुंच रहा रामगढ़ताल
गोरखपुर। कभी बारिश होते ही जलभराव से जूझने वाला शहर का उत्तरी हिस्सा अब राहत की सांस ले रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से आकार ले रही 495 करोड़ रुपये की गोड़धोइया नाला परियोजना ने इस वर्ष बारिश के दौरान अपना असर दिखाया है। पहली बार उत्तरी महानगर के 17 वार्डों में बारिश का पानी जमा नहीं हुआ। बारिश का पानी गोड़धोइया नाला के रास्ते आरकेबीके, मोहद्दीपुर के पास रामगढ़ताल तक पहुंच रहा है।
कई दशक तक उपेक्षा, अतिक्रमण और गंदगी का पर्याय रहा गोड़धोइया नाला अब शहर की जलनिकासी व्यवस्था की मजबूत कड़ी बन रहा है। नाले का पक्का निर्माण, डायवर्जन, इंटरसेप्शन और ट्रीटमेंट समेत कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे हो चुके हैं। इसका सीधा लाभ उन इलाकों को मिला है, जहां बरसात के दिनों में लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ता था।
9.50 किलोमीटर लंबा पक्का नाला
जल निगम (शहरी) के अधिशासी अभियंता पंकज कुमार के अनुसार गोड़धोइया नाला को 9.50 किलोमीटर लंबाई और 10 मीटर चौड़ाई में पक्का किया गया है। परियोजना के तहत 36 एमएलडी क्षमता की सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण पूरा हो चुका है। नाले पर 14 पुल और 61 एमएलडी क्षमता का मास्टर पंप स्टेशन भी बनाया गया है। इसके साथ ही 18 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा है, जिसे सबकुछ सामान्य रहा तो एक से दो माह में पूरा कर लिया जाएगा। सीवर लाइन पूरी होने के बाद नाले में सीवर गिरने की समस्या भी समाप्त हो जाएगी।
साढ़े तीन लाख आबादी को लाभ
महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव के अनुसार परियोजना से गोरखपुर उत्तर क्षेत्र की करीब साढ़े तीन लाख आबादी को लाभ मिल रहा है। बिछिया जंगल तुलसीराम पश्चिमी, शिवपुर शहबाजगंज, जंगल शालिग्राम, बिछिया जंगल तुलसीराम पूर्वी, रेलवे बिछिया कॉलोनी, शाहपुर, भेड़ियागढ़, घोसीपुरवा, सेमरा, बशारतपुर, मानबेला और राप्तीनगर समेत करीब डेढ़ दर्जन वार्डों में जलभराव की समस्या कम हुई है।
महापौर ने कहा कि गोड़धोइया नाला परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। इसके पूरा होने से महानगर को जलभराव से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने खुद की कई बार निगरानी
गोरखपुर को स्वच्छ, सुंदर और जलभराव मुक्त बनाने के लिए गोड़धोइया नाला परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में रही है। निर्माण शुरू होने से पहले और निर्माण के दौरान मुख्यमंत्री कई बार मौके पर पहुंचकर परियोजना की प्रगति का निरीक्षण कर चुके हैं। उनकी निगरानी में परियोजना के तहत पक्का नाला, एसटीपी और सीवरेज से जुड़े कार्यों को गति मिली।
अब नाला बनेगा शहर का आकर्षण
गोड़धोइया नाला अब सिर्फ बारिश का पानी निकालने का माध्यम नहीं रहेगा। सीवर लाइन का काम पूरा होने के बाद नाले के दोनों किनारों का सुंदरीकरण प्रस्तावित है। इसके किनारे सर्विस लेन, फुटपाथ, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, रेलिंग, बैठने के लिए बेंच और हरियाली विकसित की जाएगी। इसके बाद सुबह-शाम लोग नाले के किनारे टहल सकेंगे। इस तरह कभी उपेक्षा का प्रतीक रहा गोड़धोइया नाला आने वाले समय में शहर के प्रमुख आकर्षण और पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है।
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