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गोरखपुर। झमाझम बारिश के बीच भी जिले के 243 ताइक्वांडो खिलाड़ियों का उत्साह कम नहीं हुआ। डिस्ट्रिक्ट ताइक्वांडो एसोसिएशन ऑफ गोरखपुर (डीटीएजी) के तत्वावधान में आयोजित बेल्ट परीक्षा में प्रतिभागियों ने मौसम की चुनौती को नजरअंदाज करते हुए निर्धारित समय से पहले ही परीक्षा केंद्र पहुंचकर अनुशासन और खेल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया।
सुबह से हो रही तेज बारिश के बावजूद खिलाड़ी सुबह 6:30 बजे ही परीक्षा केंद्र पहुंच गए। परीक्षा के दौरान प्रतिभागियों ने किक, पंच, ब्लॉक, संतुलन, आत्मरक्षा तकनीक, गति, शारीरिक क्षमता, मानसिक एकाग्रता और आत्मनियंत्रण का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों की तकनीकी दक्षता और अनुशासन ने परीक्षकों का ध्यान आकर्षित किया।

डीटीएजी के सचिव गुलशेर सिंह गिल ने कहा कि ताइक्वांडो की प्रत्येक बेल्ट खिलाड़ी के परिश्रम, अनुशासन, धैर्य और आत्मविश्वास की पहचान होती है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियां खिलाड़ी की परीक्षा लेती हैं और झमाझम बारिश के बीच समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचकर खिलाड़ियों ने साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के आगे मौसम भी बेबस हो जाता है।
उन्होंने कहा कि ताइक्वांडो केवल आत्मरक्षा का खेल नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का प्रभावी माध्यम है। नियमित अभ्यास से बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, आत्मसंयम और खेल भावना का विकास होता है। उन्होंने विशेष रूप से बालिकाओं को ताइक्वांडो प्रशिक्षण से जोड़ने पर बल देते हुए कहा कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाता है।
मुख्य परीक्षक शम्भूनाथ कुशवाहा ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि प्रतिभागियों की किक, गति, संतुलन और आत्मविश्वास में नियमित अभ्यास की स्पष्ट झलक दिखाई दी। उन्होंने कहा कि बेल्ट का रंग बदलने के साथ खिलाड़ी का व्यवहार, अनुशासन और जिम्मेदारी भी बेहतर होनी चाहिए।
बेल्ट परीक्षा के सफल आयोजन में कोच सुधांशु, ओम प्रकाश, साहिल गुरुंग, अभिजीत गोस्वामी, कुमारी शांति, अंकित कुमार, अनुराग, प्रियांशु, देवांश, औनिक शर्मा और उमर रजा सहित सभी प्रशिक्षकों व सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एसोसिएशन ने कहा कि जिले के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

