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टीपीनगर से पैडलेगंज तक 2.658 किमी लंबे फ्लाईओवर से जाम से मिलेगी राहत, नेपाल-बिहार जाने वाले वाहनों की राह होगी आसान
गोरखपुर। शहर के लोगों को वर्षों से प्रतीक्षित पहले सिक्सलेन फ्लाईओवर की सौगात 23 जुलाई को मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार पूर्वाह्न 10 बजे टीपीनगर से पैडलेगंज तक बने 2.658 किलोमीटर लंबे सिक्सलेन फ्लाईओवर का लोकार्पण करेंगे। 429.49 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह परियोजना शहर में यातायात व्यवस्था को नई गति देने के साथ ही पूर्वांचल और पड़ोसी राज्यों की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता वाली इस परियोजना का निर्माण उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने किया है। सेतु निगम के महाप्रबंधक मिथिलेश कुमार के अनुसार फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और लोकार्पण की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। फ्लाईओवर के साथ देवरिया बाईपास की ओर अतिरिक्त फोरलेन कनेक्टिविटी भी विकसित की गई है, जिससे विभिन्न दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों का आवागमन और सुगम होगा।
यह मार्ग गोरखपुर शहर का सबसे व्यस्त प्रवेश मार्ग माना जाता है। लखनऊ-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग और वाराणसी-प्रयागराज मार्ग से आने वाले अधिकांश वाहन नौसढ़ होते हुए टीपीनगर, रुस्तमपुर और पैडलेगंज के रास्ते शहर में प्रवेश करते हैं। यही मार्ग आगे महराजगंज और सिद्धार्थनगर होते हुए नेपाल तथा देवरिया और कुशीनगर के रास्ते बिहार को जोड़ता है। घनी आबादी, फल मंडी, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और लगातार बढ़ते यातायात दबाव के कारण इस मार्ग पर अक्सर लंबा जाम लगता रहा है।
यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मार्ग पर सिक्सलेन फ्लाईओवर बनाने के निर्देश दिए थे। इसके तहत टीपीनगर से पैडलेगंज तक फ्लाईओवर और देवरिया बाईपास के लिए अलग फोरलेन लीफ (रैंप) का निर्माण कराया गया है, जिससे शहर और बाईपास का यातायात अलग-अलग संचालित हो सकेगा।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि फ्लाईओवर शुरू होने के बाद इस मार्ग पर लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलेगी। स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और बाहर से आने वाले यात्रियों का समय बचेगा, ईंधन की खपत कम होगी और शहर की यातायात व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सुचारु होगी।
फ्लाईओवर एक नजर में
परियोजना: टीपीनगर–पैडलेगंज सिक्सलेन फ्लाईओवर
लोकार्पण: 23 जुलाई, पूर्वाह्न 10 बजे
लोकार्पणकर्ता: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
लागत: 429.49 करोड़ रुपये
लंबाई: 2.658 किलोमीटर
निर्माण प्रारंभ: फरवरी 2023
निर्माण पूर्ण: जून 2026

