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युवा शक्ति के दम पर अर्थव्यवस्था का इंजन बना पूर्वी यूपी, तीन गुना से अधिक बढ़ी प्रति व्यक्ति आय : योगी

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मुख्यमंत्री ने कहा- प्रतिभा की कमी नहीं थी, पूर्व की सरकारें युवाओं को मंच और अवसर नहीं दे सकीं
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश अपनी युवा शक्ति के बल पर तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। यहां के युवाओं में प्रतिभा और परिश्रम की कभी कमी नहीं रही। अवसर मिलने पर उन्होंने हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित की है। पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था तीन गुना हुई है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय तीन गुना से अधिक बढ़ी है। विश्वास है कि अगले तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री मंगलवार को गोरखपुर में आयोजित ‘बदलता पूर्वी उत्तर प्रदेश’ विषयक एक टीवी चैनल के कॉन्क्लेव में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि युवाओं पर किसी तरह का लांछन लगाना उचित नहीं है। यदि पहले उनकी प्रतिभा का उपयोग विकास में नहीं हो सका तो यह युवाओं की नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की कमी थी, जिसने उन्हें उचित मंच और अवसर नहीं दिया। आज सरकार ने युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल, रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए हैं। इसका परिणाम है कि प्रदेश का युवा देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहा है।
पूर्वांचल से विदेश गए श्रमिकों के वंशज आज नेतृत्व में
योगी ने कहा कि एक समय पूर्वी उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में लोग पंजीकृत श्रमिक के रूप में मॉरीशस, फिजी सहित विभिन्न देशों में गए। आज उनके वंशज कई देशों में नेतृत्वकारी भूमिकाओं में हैं। इससे साबित होता है कि पूर्वांचल में प्रतिभा की कमी कभी नहीं रही। समस्या उचित मंच और अवसर की थी। आजादी के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास को लेकर कोई मजबूरी नहीं थी। फिर भी इस क्षेत्र को अपेक्षित प्रोत्साहन नहीं मिला। पिछले नौ वर्षों में अकेले गोरखपुर में हुए निवेश से करीब 50 हजार युवाओं को रोजगार मिला है।
युवा आबादी को अवसर देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला राज्य है। प्रदेश की करीब 56 से 60 प्रतिशत आबादी युवा है। सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, आधुनिक तकनीक की स्किलिंग, रोजगार और स्वरोजगार से युवाओं को जोड़ने के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत यूपीएससी, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, नीट और आइआइटी-जेईई जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। वर्चुअल के साथ भौतिक कक्षाओं की भी व्यवस्था है। जिलों में तैनात अधिकारी भी युवाओं को मार्गदर्शन देने के लिए समय दे रहे हैं।
एआइ से रोबोटिक्स तक आधुनिक पाठ्यक्रम
योगी ने कहा कि युवाओं की सबसे बड़ी जरूरत स्किलिंग की है। इसके लिए कौशल विकास केंद्र विकसित किए गए हैं। प्रत्येक जिले में कम से कम दो आइटीआइ को हब एंड स्पोक मॉडल पर आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, थ्री-डी प्रिंटिंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। प्रशिक्षण के साथ कैंपस चयन की व्यवस्था भी है। नौकरी के बजाय अपना कारोबार शुरू करने वाले युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना समेत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
नौ वर्ष में पूर्वांचल को मिले पांच नए विश्वविद्यालय
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आया है। गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, बलरामपुर में मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय और भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय की स्थापना हुई है। स्वतंत्रता के बाद लंबे समय तक काशी और प्रयागराज को छोड़कर पूर्वी उत्तर प्रदेश में विश्वविद्यालयों की संख्या बेहद सीमित रही।
अब युवा बाहर नहीं जाते, उद्योग लगाने यूपी आ रहे उद्यमी
योगी ने कहा कि रोजगार के लिए पूर्वांचल समेत प्रदेश के युवाओं का बाहर जाना कम हुआ है। इसका असर दूसरे राज्यों के उद्योगों पर भी पड़ा है। महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु के उद्यमी अब उत्तर प्रदेश में निवेश की इच्छा जता रहे हैं। उनका कहना है कि पहले उन्हें यूपी से मैनपावर मिलती थी, लेकिन अब यहां के लोगों ने बाहर जाना कम कर दिया है। इसलिए वे उत्तर प्रदेश में ही उद्योग लगाना चाहते हैं।
बेसिक शिक्षा में बदली स्कूलों की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में ड्रॉपआउट दर 19 प्रतिशत से अधिक थी। विद्यालयों में भवन, शौचालय, पेयजल, फर्नीचर और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी इसकी प्रमुख वजह थी। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 1.36 लाख विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर किया गया है। स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, अलग-अलग शौचालय, पेयजल, फर्नीचर समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते, मोजे और स्वेटर भी दिए जा रहे हैं। इसका असर ड्रॉपआउट दर पर पड़ा है और यह घटकर करीब तीन प्रतिशत रह गई है।
माफिया और मच्छर दोनों से मुक्त हुआ पूर्वांचल
कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य व्यवस्था का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ‘माफिया’ शब्द की चर्चा पूर्वी उत्तर प्रदेश से ही शुरू होती थी। माफिया और मच्छर इस क्षेत्र की त्रासदी बन गए थे। माफिया जनता का खून चूसता था और मच्छर बीमारियां देता था। दुर्दांत माफिया के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन तक थे और वे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन चुके थे। आज पूर्वी उत्तर प्रदेश इन दोनों समस्याओं से काफी हद तक मुक्त हो चुका है।
दो साल में इंसेफेलाइटिस पर पाया काबू
योगी ने कहा कि उन्होंने इंसेफेलाइटिस के खिलाफ 18-19 वर्षों तक संघर्ष किया। सांसद रहते हुए इस मुद्दे को सड़क से संसद तक उठाया और मुख्यमंत्री बनने के बाद दो वर्ष के भीतर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में काम किया। कभी इंसेफेलाइटिस की त्रासदी झेलने वाला पूर्वांचल आज बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का केंद्र बन रहा है। गोरखपुर का बीआरडी मेडिकल कालेज सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं से विकसित हुआ है और गोरखपुर में एम्स भी स्थापित हो चुका है।
कुशीनगर से सोनभद्र तक मेडिकल कालेजों की श्रृंखला
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, बहराइच, गोंडा, सुलतानपुर, प्रतापगढ़, गाजीपुर, आजमगढ़, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर और अंबेडकरनगर में मेडिकल कालेज संचालित हैं। मऊ में भी मेडिकल कालेज का निर्माण चल रहा है। इससे लोगों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर विश्वास मजबूत हुआ है।
गोरखपुर से अब 14 उड़ानें, एक्सप्रेसवे ने बदली तस्वीर
योगी ने कहा कि करीब एक दशक पहले गोरखपुर से कभी-कभार एक फ्लाइट संचालित होती थी, जबकि आज यहां से 14 उड़ानें चल रही हैं। रोड कनेक्टिविटी में भी बड़ा सुधार हुआ है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, हाईवे और बेहतर अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी ने क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। गोरखपुर का खाद कारखाना फिर शुरू हुआ। पिपराइच और मुंडेरवा की चीनी मिलें चलीं और बंद पड़े उद्योगों को भी गति मिली।
आस्था के केंद्रों के विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी और अयोध्या में हुए विकास ने आस्था को सम्मान देने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दी है। काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के विकास से आध्यात्मिक पर्यटन को नई गति मिली है। इसका सीधा लाभ उत्तर प्रदेश और विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिला है।
विकसित यूपी से बनेगा विकसित भारत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प विकसित भारत का है। यह लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब उत्तर प्रदेश विकसित होगा। विकसित उत्तर प्रदेश की परिकल्पना तभी साकार होगी, जब पूर्वी, मध्य, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश मिलकर विकास की गति को आगे बढ़ाएंगे। सरकार सर्वसमावेशी विकास के लाभ को हर गांव, गरीब, किसान, नौजवान और महिला तक पहुंचाने के लिए काम कर रही है। लोकतंत्र में जनता की आवाज और उसकी अपेक्षाओं को सुनना आवश्यक है।
इस अवसर पर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर, गोरखपुर के सांसद रवि किशन समेत अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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