Estimated reading time: 1 minute
डीपीआरओ और जिला पूर्ति अधिकारी समेत कार्यालय प्रभारियों को चेतावनी, दोबारा निरीक्षण में मिली गंदगी तो तय होगी जवाबदेही
चाय पंचायत, गोरखपुर। विकास भवन के कार्यालयों में गंदगी और सफाई व्यवस्था में कमी मिलने पर मंडलायुक्त इन्द्र विक्रम सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। औचक निरीक्षण के दौरान मिली अव्यवस्थाओं पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यालय प्रभारियों को एक सप्ताह के भीतर सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता बनाए रखना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंडलायुक्त ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ), जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) समेत संबंधित कार्यालय प्रभारियों को व्यवस्था सुधारने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान कार्यालयों में गंदगी नहीं मिलनी चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने कार्यालयों और परिसर में नियमित रूप से साफ-सफाई सुनिश्चित कराएं।
सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता पर जोर
विकास भवन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग विभिन्न सरकारी कार्यों और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में कार्यालयों का साफ-सुथरा होना और लोगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है। मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सफाई व्यवस्था केवल निरीक्षण के दौरान ही दुरुस्त न रहे, बल्कि इसे नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए।
उन्होंने कार्यालयों और कार्यस्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए जिम्मेदारी तय करने पर भी जोर दिया, ताकि व्यवस्था में लगातार सुधार बना रहे। एक सप्ताह बाद होने वाले निरीक्षण में सफाई व्यवस्था की स्थिति सामने आएगी। मंडलायुक्त की सख्ती से विकास भवन के कार्यालयों में स्वच्छता और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर हलचल बढ़ गई है।
