गोरखपुर महोत्सव में बोले सीएम योगी : जल्द ही रामगढ़ताल में उतारी जाएगी सी प्लेन, किया महोत्सव की स्मारिका ’अभ्युदय‘ 2021 का विमोचन

0
420

Estimated reading time: 1 minute

•चाय पंचायत
www.chaipanchayat.com
गोरखपुर। रामगढ़ ताल के चंपा देवी पार्क में आयोजित दो दिवसीय गोरखपुर महोत्सव – 2021 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान में गोरखपुर एयरपोर्ट से दिल्ली-मुंबई की सहित विभिन्न शहरों के लिए नौ उड़ाने हो रही हैं। सभी महत्वपूर्ण शहरों के लिए गोरखपुर से एयर कनेक्टिविटी हो गई है। अब जल्द ही रामगढ़ताल में सी प्लेन उतारी जाएगी। इसे लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

महोत्सव स्मारिका ’अभ्युदय‘ 2021 का विमोचन
इस अवसर पर उन्होंने गोरखपुर महोत्सव स्मारिका ’अभ्युदय‘ 2021 का विमोचन किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने महोत्सव और मेला परिसर में लगे स्टाल एवं प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कृषि विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में फार्म मशीनरी बैंक परियोजना के तहत विकास खण्ड भटहट के प्रकाश उत्पादक कृषि समिति भिसवा के अभय प्रताप सिंह तथा गंगा आजीविका स्वंय सहायता समूह की श्रीमती संगीता सिंह को टैक्टर की चाभी दी। उन्होंने 100 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड साइकिल प्रदान करने के बाद हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।

10 महानुभावों को “गोरखपुर रत्न सम्मान”
मुख्यमंत्री ने देश और दुनिया में गोरखपुर को गौरव दिलाने वाले 10 महानुभावों को ‘‘गोरखपुर रत्न सम्मान‘‘ से सम्मानित किया। इसके बाद उन्होंने रामगढ़ताल के निकट 75 मीटर (246 फीट) ऊंचाई का राष्ट्रीय ध्वज और पैडलेगंज से सर्किट हाउस रोड पर बनाए गए गौतम बुद्ध द्वार का वर्चुअल लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बताया कि मकर संक्रान्ति पर्व के अवसर पर एक 10 रुपए का डाक टिकट जारी होगा जो गोरखपुर की पहचान होगा। उत्तर प्रदेश सरकार की डिजिटल डायरी का लोकार्पण भी होगा।

16 जनवरी को कोरोना के खिलाफ लड़ाई का अंतिम प्रहार
बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री ने महोत्सव के सफल आयोजन पर बधाई देते हुए कहा कि 16 जनवरी को प्रदेश और देश में प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में कोरोना के खिलाफ लड़ाई का अंतिम प्रहार कोरोना वैक्सीन के साथ ही प्रारम्भ हो रहा है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री को बधाई दी तथा कहा कि पिछले वर्ष का लगभग 80 प्रतिशत भाग हमने कोरोना से लड़ते, जूझते, बचते हुए व्यतीत किया है। लेकिन वर्ष 2021 हमारे लिए शुभ समाचार लेकर आया है कि हम कोरोना के खिलाफ प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में सफलता पूर्वक कोरोना प्रबंधन के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाते हुए एक-एक नागरिक के जीवन, उनकी जीविका को बचाने और नए अवसरों को प्रदान करने का कार्य करते रहे। आने वाले समय में कोरोना फिर से एक महामारी का रूप न लेने पाए। इसको ब्रेक करने के लिए वैक्सीनेशन का कार्यक्रम प्रारंभ हो रहा है।

उत्साह और उमंग का नाम है जीवन
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 महीनों के दौरान हम लोगों ने जो मर्यादा, संयम और अनुशासन का पालन किया। यही कोरोना पर हमारी विजय का सबसे बड़ा राज है। उन्होंने कहा कि जब खुशखबरी आती है तो महोत्सव जैसा होता है, गोरखपुर महोत्सव उस खुशखबरी की ही एक पहली मंजिल है जिसका आयोजन करने का गौरव गोरखपुर के प्रशासन को प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर महोत्सव के आयोजन में कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन, उत्साह और उमंग का नाम है हताशा और निराशा का नहीं। हमें स्वदेशी आंदोलन को आगे बढ़ाना है इसके लिए खादी, स्वच्छता एवं स्वावलम्बन को अपनाना होगा।

आगे बढ़ने में सहयोगी सकारात्मक सोच, विकास से जीवन में परिवर्तन
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर विकास की ऊंचाई छू रहा है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से देश और प्रदेश तरक्की की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2016 में बीमारियों से निजात दिलाने के लिए गोरखपुर को एम्स दिया। उन्होंने बताया कि गोरखपुर में बन्द पिपराइच चीनी मिल प्रारम्भ हुई है, सड़कों का चौड़ीकरण कार्य तेजी से हो रहा है, चौड़ी सड़कों से जहां आवागमन सस्ता, सहज होता है। वहीं विकास को आगे भी गति मिलती है। सकरी सड़कों के कारण जाम की स्थिति बनी रहती थी जिससे समय, ईंधन की बरबादी होती थी। उन्होंने कहा कि कुशीनगर में इंटरनेशनल हवाई अड्डा बन रहा है, गोरखपुर में रामगढ़ताल है जहां शीघ्र ही सी-प्लेन उतारा जाएगा। यह एक आधुनिक सुविधा है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति का प्रयास सकारात्मक होना चाहिए, सकारात्मक प्रयास ही निरन्तर नई प्रेरणा प्रदान करता है। विकास में व्यक्ति को बाधक नहीं बल्कि सहभागी बनना चाहिए। सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने से सफलता मिलती है।
मुख्यमंत्री आगे कहा कि विकास आज की आवश्यकता है, जीवन में यह परिवर्तन लाता है, सकारात्मक सोच ही जीवन में आगे बढ़ने के लिए सहयोगी होता है। उ.प्र. देश के भीतर कुछ नया करने को दिखाई देता है, यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा और मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि चौरीचौरा कांड 4 फरवरी 1922 को हुआ था, चौरीचौरा सहित पूरे प्रदेश में स्थित हर शहीद स्मारक पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है।

पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेगें महापुरुष
आजादी की लड़ाई में आने वाले महापुरुषों को स्कूल – कालेज के पाठ्यक्रम का हिस्सा भी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि गोरखपुर के गौरव और लोक कल्याण के क्षेत्र में कार्य करने वाले महान विभूतियों की सूची तैयार की जाए। ताकि उन्हें सम्मानित किया जाए इससे नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि गोरखपुर में जू शीघ्र प्रारम्भ होगा। यह प्रदेश का सबसे खूबसूरत ज़ू होगा। उन्होंने बताया कि 24 फरवरी को उप्र दिवस का कार्यक्रम आयोजित होगा, यह वर्ष 2018 से प्रारम्भ हुआ है, एक जनपद एक उत्पाद योजना संचालित की गई है। यह योजना आत्मनिर्भर भारत का आधार बन रही है।

विकास के लिए सद्भावपूर्ण वातावरण का सृजन
इस अवसर पर कमिश्नर, महोत्सव समिति के अध्यक्ष जयन्त नार्लिकर ने मुख्य अतिथि सहित सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि महोत्सव में सभी विभागों की प्रदर्शनी, पूर्वांचल के महापुरुषों की प्रदर्शनी, स्वदेशी, स्वच्छता पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई है। गोरखपुर में विकास के अनेक कार्य हो रहे हैं। आडिटोरियम का कार्य पूर्ण हो चुका है, एम्स का निर्माण अंतिम चरण में है। सभी विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जा रहा है, विकास पर निरंतर ध्यान दिया जा रहा है, विकास के लिए सद्भावपूर्ण वातावरण का सृजन हुआ है।
अंत में जिलाधिकारी के. विजयेन्द्र पाण्डियन ने मुख्य अतिथि सहित सभी अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. नीलकण्ठ तिवारी, सदर सांसद रविकिशन, सांसद बासगांव कमलेश पासवान, राज्यसभा सांसद जय प्रकाश निषाद, विधायक फतेह बहादुर सिंह, महेन्द्रपाल सिंह, संत प्रसाद, विपिन सिंह, डा. राधामोहन दास अग्रवाल, अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

Leave a Reply