गोरखपुर से अपहरण कर बिहार में युवक की हत्या, खेत में मिली डेड बॉडी

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  • गोरखपुर। रामगढ़ताल एरिया से छह अगस्त को अपहृत राजेश सिंह उर्फ सर्वेश सिंह की सिर कटी लाश बिहार, गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र में बरामद हुई है। सोमवार को गोरखपुर पहुंचे बेलागंज पुलिस ने कपड़े और डेड बॉडी की फोटो दिखाकर परिजनों से पहचान कराई। इस मामले में रामगढ़ताल पुलिस ने कोई मुकदमा नहीं दर्ज किया था। बेटे का अपहरण होने की तहरीर लेकर उसकी मां किशोरी देवी एक माह से लगातार दौड़भाग कर रही थी। इंस्पेक्टर का कहना है कि इस मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। बिहार की पुलिस सोमवार को आई थी। इस मामले में वहीं कार्रवाई हो रही है।

    – एक माह से थाना से लेकर अधिकारियों का चक्कर लगाते रहे परिजन
    – महुईसुघरपुर मोहल्ले से बोलेरो सवारों ने असलहा दिखाकर किया अपहरण



    आरसी पेपर के सहारे मिला गोरखपुर का पता

    10 अगस्त को बिहार, गया जिले के बेलागंज एनएच तीन के पूर्व रिसौध नहर के पास धान के खेत में अज्ञात युवक की लाश मिली थी। बोरे में कसे शव को बाहर निकाला गया तो सिर और धड़ अलग होकर बिखर गया। युवक के हाथ पीछे की तरफ बंधे हुए थे। वहां एक गाड़ी का रजिस्ट्रेशन पेपर पहुंचा। आरसी के आधार पर पुलिस को गोरखपुर का नाम—पता मिला। हत्या के आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस गोरखपुर पहुंची। तब पता चला कि गाड़ी का नंबर फर्जी था। जिस घर का नाम मिला उसी परिवार के एक युवक का अपहरण करके बदमाशों ने हत्या कर दी। फिर बेलागंज थाना क्षेत्र में लाश फेंककर बदमाश फरार हो गए।

    बेटे के अपहरण की तहरीर लेकर भटकती रही मां
    बेलघाट, पिपरसण्डी की मूल निवासी किशोरी देवी ने रामगढ़ताल पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि वह अपने फौजी पति और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रामगढ़ताल क्षेत्र के फुलवरिया में किराए के मकान में रहती हैं। 6 अगस्त की अपराह्न दो से तीन बजे के बीच उसका बेटा सर्वेश सिंह उर्फ राज सिंह घर पर था। तभी मैरून रंग की बोलेरो सवार तीन चार लोग पहुंचे। उन लोगों ने घर का दरवाजा खुलवाया और बेटे को बाहर बुलाया। बेटे के बाहर आते ही उन्होंने एक नंबर के बारे में पूछा। फिर उसे पीटते हुए तमंचा सटाकर जबरन गाड़ी में बैठा लिया। उसे कहीं लेकर चले गए। इसकी सूचना देने जब महिला थाना पर गई तो पुलिस ने बदसलूकी की। यह कहकर कार्रवाई से मना कर दिया कि उनका बेटा हत्या के आरोप में जमानत पर छूटा है। इसलिए वह कहीं भाग गया होगा। पुलिस को लगा कि बेटे को बचाने के लिए मां ने कोई कहानी गढ़ी है। इसके पहले किशोरी देवी ने पुलिस चौकी पर भी सूचना दी। थाना पर जब उनकी बात नहीं सुनी गई तो उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मिलकर बेटे की तलाश करने की गुहार लगाई।

    गोरखपुर पुलिस का दावा, अपनी मर्जी से गया था युवक
    बेटे के अपहरण से परेशान महिला ने पुलिस अधिकारियों के कई नंबर दिए। यह भी बताया कि उनके बेटे से बात हो रही है। लेकिन कई अन्य नंबर से भी काल आती है। लेकिन किसी ने इस प्रकरण पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई। महिला ने पुलिस को यह बता दिया था कि उनके बेटे के खिलाफ सुल्तानपुर जिले के कादीपुर कोतवाली में ट्रिपल मर्डर का केस दर्ज है। इस मामले में वह जमानत पर छूटकर ​नवंबर महीने से घर पर रह रहा है। दो भाइयों में दूसरे नंबर के राजेश के हत्यारोपी होने से पुलिस ने कोई रुचि नहीं ली। उधर अपहरणकर्ताओं ने उसका मर्डर कर दिया। मर्डर के पीछे पुरानी रंजिश हैं या फिर किसी युवती से प्रेम संबंध का प्रकरण। यह बात सामने आ पाती जब पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की होती। क्योंकि युवक का अपहरण करने वालों ने एक मोबाइल नंबर पूछकर करके ही उसे उठाया था। रामगढ़ताल प्रभारी सत्य सान्याल शर्मा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। सोमवार को बिहार की पुलिस आई थी। युवक अपनी मर्जी से गया था।

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