गोरखपुर के डीएम का स्टिंग: डिप्टी रजिस्ट्रार सहित 12 के खिलाफ भ्रष्टाचार की एफआईआर, मचा हड़कंप

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— शिकायत पर डीएम ने बनाई टीम, आरटीओ की डीटीआई में भी हुआ स्टिंग आपरेशन
— वीडियो और आडियो सबूत मिलने पर कैंट और शाहपुर थानों में दर्ज कराया गया मुकदमा

गोरखपुर। डीएम व‍िजय क‍िरण आनंद ने भ्रष्‍टाचार की शिकायतों पर एक्शन लिया है। डीएम ने रजिस्ट्री आफिस में रुपए लेकर काम करने और आरटीओ में दलालों के वर्चस्व पर स्टिंग कराकर अधिकारियों सहित 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। गुलरिहा में रहने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने पकड़ लिया है। सीसीटीवी फुटेज में नजर आ रहे अन्य अज्ञात की पहचान की कोशिश में टीम लगी है। पुलिस के अनुसार तहसीलदार सदर वीरेंद्र गुप्ता ने कैंट थाने में उप निबंधक केके तिवारी, विजय मिश्रा, अशोक उपाध्याय, जितेंद्र जायसवाल, राजेश्वर सिंह, शाहपुर थाने में होमगार्ड अर्जुन, साइबर कैफे और वीडियो फुटेज में दिख रहे पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी। एससएपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर गुलरिहा के जंगल एकला नंबर निवासी विजय मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपितों की तलाश चल रही है।

डीएम से हुई थी करप्शन की शिकायत
कलेक्ट्रेट में स्थित उप निबंधक और आरटीओ की ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल में बड़े पैमाने पर खेल चल रहा था। दलालों के जरिए अधिकारी और कर्मचारी जमकर रिश्वत ले रहे थे। कुछ लोगों ने इसकी शिकायत डीएम विजय किरन आनन्द से कर दी। डीएम ने टीम बनाकर मामले की गोपनीय जांच का आदेश दिया। आडियो और वीडियो के जरिए स्टिंग करने के लिए कहा। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर रविवार की देर रात कैंट और शाहपुर थानों में तहरीर दी गई। इसके आधार पर तहसीलदार सदर ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने, 7/13 भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया। एक आरोपित को अरेस्ट करके डिप्टी रजिस्ट्रार की तलाश में पुलिस जुटी है।

पैसे के लिए रोक देते हैं रजिस्ट्री का काम
कलेक्ट्रेट कैंपस में डीएम आफिस से चंद कदमों पर ही रजिस्ट्री कार्यालय है। इस दफ्तर में रोजाना रुपए लेकर काम करने की शिकायत मिल रही थी। कुछ लोगों ने डीएम को बताया कि रुपए के डिमांड करते हुए रजिस्ट्री कार्यालय में काम रोक दिया जाता है। हर फाइल में कोई न कोई लेकिन लगाई जाती है। पैसे देने के बाद ही फाइलें आगे बढ़ पाती है। मामला सामने आने पर डीएम ने टीम गठित करके जांच करने का निर्देश दिया। वीडियो और आडिया में फुटेज मिलने पर मुकदमा दर्ज कराया गया।

“रजिस्ट्री और आरटीओ कार्यालय के 12 अधिकारी, कर्मचारी और दलालों के खिलाफ कैंट और शाहपुर थाने में तहसीलदार सदर ने भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराया है। इस प्रकरण में जो भी कर्मचारी-अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त मिलेगा उसे अरेस्ट करके जेल भेजा जाएगा। आरोपियों के खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई भी होगी।”
– विजय किरन आनन्द, डीएम, गोरखपुर

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