Gorakhpur : गुलरिहा में भाजपा सांसद के करीबी, पूर्व प्रधान की गोली मारकर हत्या, 3 गिरफ्तार

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गोरखपुर। गुलरिहा इलाके के नरायणपुर में शुक्रवार की रात भाजपा सेक्टर प्रभारी और पूर्व प्रधान बृजेश सिंह की उनके कार्यालय में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस बार पंचायत चुनाव में वह प्रधान पद के दावेदार थे। उनकी हत्या की सूचना पर पहुंचे समर्थकों ने हंगामा किया। एसएसपी ने जल्द घटना का पर्दाफाश करने का दिलासा देकर लोगों शांत कराया। चुनावी रंजिश और प्रॉपर्टी के विवाद में भाजपा नेता की हत्या किए जाने की आशंका है। पुलिस ने पूछताछ के लिए कई लोगों को हिरासत में लिया है।

शनिवार को करने वाले थे पर्चा दाखिला
नरायनपुर गांव के पूर्व प्रधान 52 वर्षीय बृजेश सिंह का मेडिकल कालेज रोड पर मोगलहा के पास मकान है। ग्राम प्रधान की सीट सामान्य होने पर इस बार दावेदार थे। शनिवार को नामांकन के लिए उन्होंने पर्चा भी खरीद लिया था। शुक्रवार की रात करीब 11 बजे लोगों से मिलकर वह अपनी बाइक से मोगलहा स्थित अपने आवास पर लौट रहे थे। तभी हमलावरों उनको घेरकर सीने और सिर में गोली मार दी।गोली की आवाज सुनकर पहुंचे लोग गंभीर हाल में मेडिकल कालेज ले गए जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने ही बड़ी संख्या में उनके करीबी और रिश्तेदार जुट गए।

प्रापर्टी डीलर से हुआ था बृजेश का विवाद
पूर्व प्रधान बृजेश सिंह की हत्या को लेकर पुलिस उलझ गई है। चुनावी रंजिश के साथ ही प्रापर्टी के विवाद को घटना की वजह मानकर पुलिस जांच कर रही है। लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले उनका प्रापर्टी को लेकर विवाद भी हुआ था। हालांकि अपने अच्छे व्यवहार के कारण वह सभी में लोकप्रिय थे।

पिता रह चुके गुलरिहा के थानेदार
बृजेश सिंह के पिता गुप्तेश्वर सिंह गुलरिहा के थानेदार रह चुके थे। बृजेश का सांसद कमलेश पासवान के परिवार से भी करीबी रिश्ता था। वाराणसी, ढेबरूवा के मूल निवासी गुप्तेश्वर सिंह पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर के तौर पर गोरखपुर आए थे। मेडिकल कालेज के पास मोगलहा में उन्होंने मकान बनवा लिया। वह 1972 में गुलरिहा के थानेदार बने। 1987 में गुलरिहा थाने से रिटायर हो गए थे। गुलरिहा के नारायनपुर गांव में भी उन्होंने मकान बनवाया और जमीन खरीदी। गुप्तेश्वर सिंह काफी नामी थे जिसके फायदा परिवार को भी मिला। उनके बेटे बृजेश सिंह 2010 में नारायनपुर गांव से प्रधान बन गए। पिछली बार की सीट पिछड़ी हो गई थी। इस बार फिर नारायनपुर की प्रधानी की सीट सामान्य है। बृजेश सिंह की मां भी बीडीसी सदस्य रह चुकी हैं। वह भी इस बार बीडीसी के लिए पर्चा ली थीं। शनिवार को ही मां और बेटे का पर्चा दाखिला होना था।

मेडिकल कालेज में पत्नी हैं कर्मचारी
बृजेश सिंह की पत्नी मेडिकल कालेज में कर्मचारी हैं। बृजेश सिंह की मेडिकल कालेज के पास मेडिकल स्टोर की दुकान भी है। बृजेश सिंह के छह भाई और एक बहन थे। वह अपने भाइयों में दूसरे नम्बर पर थे। बृजेश सिंह की एक बेटी और दो बेटे हैं। घटना की सूचना पर पुलिस ने कई लोगों को उठाया। बृजेश की हत्या से उनके घर में कोहराम मच हुआ है।

तीन गिरफ्तार, एक की तलाश
बृजेश सिंह मर्डर कांड में परिजनों ने चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया। परिजनों ने सुनील श्रीवास्तव, पवन श्रीवास्तव, विनय श्रीवास्तव और राम समूझ को नामजद किया। रात में ढाई बजे तक घटनास्थल पर मौजूद रहे एसएसपी ने टीम गठित करके अभियुक्तों को पकड़ने का निर्देश दिया। पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों पकड़ लिया है। एक अन्य की तलाश में सरगर्मी से की जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।

रिपोर्ट: आशुतोष मिश्रा

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