डोंट वरी! अपना ‘आजाद’ है ना, वो रोटी संग देगा दरवाजे पर दस्तक

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• आशुतोष मिश्र
गोरखपुर। कोरोना संक्रमण का खौफ, सड़कों पर बेसहारा जीते तमाम लोग। बंद कमरों में कैद तन्हा जिंदगी। तंग रोजी में रोज रोटी की जद्दोजहद। पता नहीं, आगे क्या होने वाला है? कब तक ये सब यूं ही चलता रहेगा? ये हालात कब बदलेंगे? कुछ ऐसा ही सबके दिमाग में चलता रहता है। जो अपने घरवालों के साथ हैं। उनको तो सहारा मिल रहा। लेकिन जरा सोचिए, उनके बारे में जो बेसहारा हैं। उनके आगे—पीछे कोई नहीं। ऐसे में कोई अकेला अस्पताल में भर्ती है तो कोई घर के भीतर तन्हाई पड़ा हुआ है। किसी को दवा की जरूरत हैं तो कोई भोजन की आस लगाए हुए है। ऐसे मजबूर और बेसहारा लोगों के लिए कैंपियरगंज के मूसाबार निवासी आजाद पांडेय देवदूत बन गए हैं।

कोरोना संक्रमण में जरूरतमंदों की मदद
एक बार फिर से कोरोना संक्रमण फैला हुआ है। लोग घरों से बहुत की कम निकल रहे हैं। रात के आठ बजते ही सड़कों पर खौफनाक सन्नाटा पसर जा रहा है। ऐसे में उनके सामने मुश्किल खड़ी जा रही हैं जिनका कोई सहारा नहीं है। ऐसे ही लोगों को दो वक्त की रोटी मुहैया कराने का बीड़ा आजाद पांडेय ने उठाया है। आजाद और उनकी टीम कोरोना काल में ‘चलो कुंडी खड़काओ’ अभियान चला रही है।

पड़ोसियों को करते आगाह, जरूर रखिए ध्यान
आजाद कहते हैं कि ऐसे दौर में जब लोग अपने घरों से बेहद कम निकल रहे हैं तो अगल—बगल वालों के बारे में कुछ पता नहीं चल पा रहा है। कोई नहीं जान पा रहा है ​कौन, किस समस्या से जूझ रहा है। इसलिए आजाद पांडेय और उनके सहयोगी पूरे शहर में ‘चलो कुंडी खड़काओ’ अभियान से सबको जोड़ रहे हैं। आजाद का कहना है कि वह जरूरतमंदों को खोज—खोजकर उनके के​ लिए भोजन का पैकेट उपलब्ध करा रहे हैं। आवश्यक दवाएं और वस्तुएं भी देने का प्रयास करते हैं। आजाद का कहना है कि वह जब किसी मोहल्ले में जाते हैं तो अकेले रहने वाले लोगों के बारे में जानकारी लेकर पड़ोसियों को आगाह करते हैं। उनसे कहते हैं कि दिन में जरूर एक बार ऐसे लोगों की कुंडी खटका लें जिससे यह पता लग जाएगा कि सामने वाला किसी मुश्किल में तो नहीं है।


हर किसी की मांग पूरी करने की कोशिश
जिला अस्पताल से लेकर मेडिकल कॉलेज में भर्ती लावारिस मरीज, सड़कों पर बेसहारा मानसिक रोगी, गरीब और रोटी का जुगाड़ कर पाने में असमर्थ लोगों की मदद आजाद कर रहे हैं। आजाद जब लोगों के पास जाते हैं तो कभी—कभी लोग उनसे अपनी पसंद का खाना भी मांगते हैं। कभी किसी को चिकन तो कभी किसी को जूस की दरकार होती है। आजाद भरसक प्रयास करते हैं कि वह सबकी मांग पूरी कर सकें।

आप करें फोन, आजाद करेंगे मदद
आजाद पाण्डेय ने बताया कि इस अभियान में एक हेल्प लाइन नंबर 9454641501 जारी किया गया है। लोगों से अपील की जाती है कि यदि कोई भूखा और परेशान मिले तो इस नंबर पर जरूर कॉल करें। हमारी टीम तत्काल उस जगह पर पहुंचकर खाना खिलाएगी। आजाद की स्माइल रोटी बैंक नाम की संस्था में अमर पांडेय, दीपक मिश्रा, सत्यप्रकाश विद्यार्थी, पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी अपना योगदान दे रहे हैं।

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