गोरखपुर में 36 घंटे के आक्सीजन सिलेंडर का बैकअप, अब अतिरिक्त बेड भी हुए मुहैया

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गोरखपुर। कोरोना से सतर्क रहें, सभी जरूरी एहतियात बरतें। जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें। फिर भी यदि किसी कारण से कोरोना संक्रमण की चपेट में आ जाने पर पैनिक ना हों। गोरखपुर मंडल में संक्रमितों के इलाज के पर्याप्त इंतजाम हैं। मंडल के गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर जिले में कोविड अस्पतालों में पर्याप्त बेड तो हैं ही, ऑक्सीजन का बैकअप भी भरपूर है। सीएम योगी के निर्देश पर इन व्यवस्थाओं की मंडलायुक्त नियमित समीक्षा के साथ ही इन्हें बढ़ाने के प्रयास भी तेजी से कर रहे हैं।
कोविड संक्रमितों के इलाज के लिए सरकारी चिकित्सकीय संस्थानों की बात करें, तो गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 500 बेड का डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल है। साथ ही 100 बेड के टीबी हॉस्पिटल में 90 बेड और 28 बेड के रेलवे अस्पताल में भर्ती करने की सुविधा है। इसके अलावा महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर में जिला अस्पतालों के एमसीएच विंग में 100-100 बेड के कोविड अस्पताल क्रियाशील हैं। देवरिया के कोविड अस्पताल की क्षमता 230 तक बढ़ाई जा रही है, तो महराजगंज में निजी क्षेत्र के अस्पतालों में 200 बेड की व्यवस्था की गई है। 20 अप्रैल की शाम तक गोरखपुर के 31 निजी अस्पतालों में 916 बेड की व्यवस्था सुनिश्चित की जा चुकी थी। मंडल में कोविड अस्पतालों में उपलब्ध बेडों में 194 पर वेंटिलेटर की भी सुविधा है तो 301 पर एचएफएनसी (हाई फ्लो नजल केन्यूला) की। गम्भीर संक्रमितों के लिए राहत की बात यह भी है कि मंडल में 20 अप्रैल की शाम तक वेंटिलेटर वाले 143 बेड खाली हैं। इन बेडों के अतिरिक्त 1101 बेडों पर ऑक्सीजन की उपलब्धता है।

कोविड अस्पतालों में कम से कम 36 घंटे के लिए ऑक्सीजन का बैकअप उपलब्ध: मंडलायुक्त
मंडलायुक्त जयंत नार्लिकर बताते हैं कि मंडल के सभी कोविड एल 2 अस्पतालों में हर बेड के सापेक्ष ऑक्सीजन उपलब्ध है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप सभी कोविड अस्पतालों को कम से कम 36 घण्टे के लिए ऑक्सीजन का बैकअप उपलब्ध कराया गया है। गोरखपुर में तीन इकाइयों में जरिए प्रतिदिन 2600 सिलेंडर ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है। एक और इकाई में उत्पादन जल्द शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए सभी जरूरी उपायों के साथ ही इलाज पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है।

गोरखपुर के 31 निजी अस्पतालों में 916 बेड, महराजगंज में भी हो रही 200 बेड की व्यवस्था
गोरखपुर जिले में 31 निजी अस्पतालों को अनुमति देकर 916 बेड की व्यवस्था मंगलवार शाम तक ही कर दी गई थी। महराजगंज जिले में भी निजी अस्पतालों में 200 बेड के इंतजाम किए जा रहे हैं। यहां डिजिटल हॉस्पिटल केएमसी में 100 बेड, पीएचसी गोपाला में 50, महराजगंज फ्रैक्चर क्लिनिक में 10, कैशवी अस्पताल में 10, एमएम अस्पताल में 10, स्वास्तिक अस्पताल में 10 और दयागीत अस्पताल में 10 बेड कोविड मरीजों के लिए क्रियाशील किए जा रहे हैं।

जांच के लिए किट पर्याप्त, वैक्सीन भी भरपूर
गोरखपुर मंडल के जिलों में कोरोना जांच के लिए किट की भी कोई कमी नहीं है। मंगलवार तक मंडल के चारों जिलों में 13,100 वीटीएम और 8000 एंटीजन किट उपलब्ध थे। गोरखपुर में 5000, देवरिया में 4700, कुशीनगर में 1400, महराजगंज में 2000 वीटीएम, गोरखपुर में 3000, देवरिया में 100 और महराजगंज में 4900 एंटीजन किट की उपलब्धता थी। जांच और इलाज के साथ कोविड टीकाकरण पर भी खासा ध्यान दिया जा रहा है और यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि वैक्सीन की कहीं कमी नहीं रहे। गोरखपुर में 12,560 कोविशील्ड और 11,100 कोवैक्सिन, देवरिया में 10,610 कोविशील्ड और 5,240 कोवैक्सिन, कुशीनगर में 11,420 कोविशील्ड और 1,660 कोवैक्सिन और महराजगंज में 9770 कोविशील्ड व 7300 वायल कोवैक्सिन उपलब्ध थी।

गोरखपुर मंडल में सरकारी कोविड अस्पतालों में उपलब्ध संसाधन
– बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर – 500 बेड का डेडिकेटेड कोविड अस्पताल। वेंटिलेटर बेड 60
– टीबी अस्पताल गोरखपुर- 90 बेड। वेंटिलेटर बेड 11
रेलवे अस्पताल गोरखपुर – 28 बेड । वेंटिलेटर बेड 5
– जिला अस्पताल देवरिया एमसीएच विंग- 100 बेड। वेंटिलेटर बेड 14
(इस अस्पताल की भर्ती क्षमता 230 तक बढ़ायी जा रही है)
– जिला अस्पताल कुशीनगर एमसीएच विंग- 100 बेड। वेंटिलेटर बेड 14
– जिला अस्पताल महराजगंज एमसीएच विंग – 100 बेड। वेंटिलेटर बेड 14

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