बेतियाहाता का मेडिकल स्टोर्स संचालक आईपीएल का सट्टेबाज, एसटीएफ ने खोला राज

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गोरखपुर। एसटीएफ यूनिट ने आईपीएल में सट्टेबाजी करने वाले तीन युवकों को पकड़ा है। रविवार के तीनों विन्धयवासिनी पार्क के पास सट्टेबाजी करा रहे थे। तीनों ने पुलिस को बताया कि बेतियाहाता में मेडिकल स्टोर्स का संचालक भी सट्टेबाजी कराता है। मेडिकल स्टोर्स संचालक के अलावा कई अन्य कारोबारी भी इससे जुड़े हुए हैं। तीन दिन पहले शाहपुर इलाके में पुलिस ने दो सट्टेबाजों को पकड़ा था। उनके पास से मिली डॉयरी में लिखे नामों और मोबाइल नंबर की छानबीन में कई संदिग्धों की जानकारी मिली। एसटीएफ की टीम सभी के खिलाफ कार्रवाई में जुटी है। इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि बरामद डॉयरी, रजिस्टर सहित अन्य से मिली जानकारी के आधार पर जांच जारी है। जल्द ही कुछ अन्य लोग भी ​पकड़े जाएंगे।

कुशीनगर के ​युवक चला रहे सट्टेबाजी गैंग
रविवार को एसटीएफ को सूचना मिली। किसी ने बताया कि विन्ध्यावासिनी पार्क के पूर्वी गेट के पास तीन लोग सट्टेबाजी कर रहे हैं। एसटीएफ ने घेराबंदी करके कुशीनगर जिले के कसया थाना क्षेत्र के झुगुआ निवासी रवि शंकर प्रसाद, कसया कस्बे के वार्ड नंबर 27 में रहने वाले प्रिंस कुमार और रत्नेश उर्फ गुड्डू सोनी को पकड़ लिया। उनके पास से रजिस्टर सहित कई सामान बरामद हुए। रविशंकर और प्रिंस ने एसटीएफ को बताया कि कोलकाता में रहने वाला बुकी जयदेव कुंडू से उनका संपर्क है। उसने स्काई एक्सचेंज नाम का एक वेबसाइट लिंक उपलब्ध कराया है जिससे आनलाइन सट्टेबाजी होती है। लॉगिन करने पर एक प्वाइंट का 100 रुपया देना होता है। बुकी जयदेव आईडी और पासवर्ड देता है।

फोन पर पासवर्ड, कोड से मिलता पैसा
प्वाइंट लेने के लिए जयदेव को फोन करके उससे मिले आईडी पासवर्ड के जरिए बैंक एकाउंट में पैसा ट्रांसफर हो जाता है। जयदेव की पत्नी मनमोनी कुंडू के नाम से भी बैंक एकाउंट है जिसमें सट्टेबाजी की रकम भेजी जाती है। इसमें जयदेव पांच प्रतिशत का कमीशन रविशंकर को देता है। प्रिंस का काम है कि अपने परिचितों को सट्टेबाजी के लिए तैयार करके उनका पैसा लगवाए। रविशंकर प्रसाद ने पुलिस को बताया है कि बेतियाहाता में मेडिकल स्टोर्स का संचालक भी उसे पांच प्रतिशत का लाभ देता है। 27 अक्टूबर 2020 तक उसने सट्टेबाजी के पैसे का ट्रांजेक्शन किया है। पैसे के लेनदेन का विवाद होने पर सोमनाथ के बजाय सिर्फ वह जयदेव कुंडू से सट्टेबाजी कर रहा था। रत्नेश उर्फ सोनी भी कभी— कभी रविशंकर और जयदेव के जरिए सट्टेबाजी खेलता था।

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