दुखद होती हैं सड़क दुर्घटनाएं, यातायात नियमों का पालन कर रोकें मौत की रफ्तार

0
1700

गोरखपुर। गंगोत्री देवी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय की एनसीसी बटालियन की छात्राओं ने यातायात जागरूकता के लिए गोष्ठी की। रैली निकालकर लोगों को जागरूक किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महाविद्यालय के व्यवस्थापक आशुतोष मिश्र , विशिष्ट अतिथि महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पूनम शुक्ल , डॉ. प्रियंका त्रिपाठी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता और संचालन एनसीसी 15वीं बटालियन की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गौरी पांडेय ने किया।

गोष्ठी में मुख्य अतिथि आशुतोष मिश्र ने कहा यातायात नियमों का पालन करके ही वाहन चलाने के दौरान सुरक्षित रहा जा सकता है। अधिकांश दुर्घटनाएं केवल यातायात नियमों का पालन न करने के कारण होती है। पूरी दुनिया का एक प्रतिशत वाहन, भारत के लोग खरीदते हैं जबकि सड़क हादसे में मृत्यु 10 प्रतिशत से अधिक है। दुनिया में प्रतिवर्ष 15 लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे जा रहे हैं। 90 प्रतिशत हादसे विकासशील देशों में होते हैं। सड़क दुर्घटनाएं प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। भारत में प्रति घंटा 15 लोग मारे जा रहे हैं। इसका अर्थ है 360 लोग 24 घंटे में मारे जा रहे हैं। सड़क हादसों में 70 प्रतिशत लोग 30 में 59 वर्ष आयु वर्ग के लोग हैं जो निश्चित है अपने परिवार के संचालन में मुखिया है।

विशिष्ट अतिथि महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. पूनम शुक्ला ने कहा जीवन अमूल्य है। हम छोटी – छोटी बातों को ध्यान रखकर खुद को और परिवार को सुरक्षित कर सकते है। अप्रत्याशित मौतों का एक बड़ा कारण सड़क दुर्घटनाएं हैं। सड़क दुर्घटना को रोकना तो हमारे हाथ में हैं। इसके लिए सड़क पर चलने के नियम जैसे कि गति सीमा , सीट बेल्ट बांधना , ड्राइविंग के समय मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल ना करना , हेलमेट पहनना , नशे में ड्राइविंग ना करना सहित अन्य का पालन जरूरी है। आपके जीवन से आपके परिवार का, समाज का, देश का कल्याण होता है I एक्सीडेंट में खर्च होने वाले पैसे का उपयोग किसी अन्य उपयोग में किया जा सकता है। दुर्घटना के कारण होने वाले व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक दुष्परिणाम के बारे में भी उन्होंने बताया। कार्यक्रम के अंत में कहा कि बाइक सवार हेलमेट और फोर व्हीलर सवार सीट बेल्ट लगाकर ही वाहन चलाएं। इससे खुद की जान सुरक्षित रहेगी और सामने वाला भी सुरक्षित रहेगा। बाइक और कार के कागजात हमेशा दुरुस्त रखने, बाएं से चलने, ट्रैफिक सिग्नल का नियमानुसार पालन करने, रोड पार करते समय जेब्रा लाइन का ध्यान रखने के साथ ही अन्य नियमों की जानकारी दी। इस अवसर पर उप प्राचार्य डॉ. प्रियंका त्रिपाठी ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि निकट और प्रिय व्यक्ति की मौत कितनी दुखद होती है। इसके अलावा यदि रोजी- रोटी कमाने वाले व्यक्ति की मौत हो गई तो आश्रितों का जीवन खतरे में पड़ जाता है। कार्यक्रम के अंत मे एनसीसी की कार्यक्रम अधिकारी, संचालक डॉ. गौरी पाण्डेय ने समस्त आगन्तुकों का आभार जताया।

Leave a Reply