15 को चढ़ेगी गोरखनाथ बाबा को पवित्र खिचड़ी, 28 को मनेगा बुढ़वा मंगल

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गोरखपुर। ‘मकर संक्रान्ति’ के अवसर पर श्री गोरखनाथ मन्दिर में आयोजित होने वाले परम्परागत खिचड़ी मेला की तैयारी पूरी हो चुकी है। इस अवसर पर शिवावतारी बाबा गोरखनाथ को अपनी पवित्र खिचड़ी चढ़ाने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ख्याल रखा जाएगा। इस वर्ष माघ मास कृष्ण पक्ष पंचमी तिथि बुधवार के दिन में प्रातः 8 बजकर 24 मिनट पर सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं। संक्रान्ति का पुण्यकाल रात्रि 2 बजकर 48 मिनट से प्रारम्भ होकर सायंकाल सूर्यास्त तक सम्पूर्ण दिन तक पुण्यकाल रहेगा। इसलिए इस वर्ष मकर संक्रान्ति का महापर्व निर्विवाद रूप से 15 जनवरी, 2020 को मनाया जाएगा।


उक्त जानकारी श्री गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने दी। उन्होनें बताया कि धनुराशि से मकर राशि में संक्रमण ही ‘मकर संक्रान्ति’ कहलाता है। भगवान् सूर्य इस तिथि को उत्तरायण में प्रवेश करते हैं। इसलिए हर प्रकार के मांगलिक और पुण्य कार्य इस पवित्र तिथि से प्रारम्भ हो जाते हैं। मकर संक्रान्ति के दिन स्नान, दान का महत्व शास्त्रों में विशेष रूप से वर्णित है जिसमें चावल, घी, कम्बल, सुवर्ण, गौ प्रमुख हैं। इस महापर्व को विभिन्न प्रान्तों में खिचड़ी , मकर संक्रान्ति , पोन्गल, लोहड़ी आदि नामों से मनाया जाता हैं । उत्तर प्रदेश, बिहार तथा देश के विभिन्न भागों के साथ-साथ पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन शिवावतार भगवान गोरखनाथ को अपनी पवित्र खिचड़ी चढ़ाते हैं।

लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुजनों की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखते हुए पूरी तैयारी की गई है। योगी कमलनाथ ने बताया कि मकर संक्रान्ति पर्व परम्परागत रूप से 14 जनवरी को श्रद्धालुजन मनाते आए हैं। दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इसलिए 13 जनवरी के दोपहर बाद से ही आने वाले श्रद्धालुओं के परिसर में ठहरने का इन्तजाम किया गया है। गोरखनाथ मन्दिर परिसर स्थित धर्मशाला और अन्य स्थलों पर व्यवस्था रहेगी। मकर संक्रान्ति के अवसर पर खिचड़ी चढ़ाने वाले श्रद्धालुजन सुविधा पूर्वक बाबा गोरखनाथ का दर्शन कर सकें। इसके लिए बेरीकेटिंग का कार्य पूरी तरह से पूर्ण हो चुका है। मन्दिर परिसर में जगह-जगह अलाव की व्यवस्था, पेयजल की व्यवस्था के साथ-साथ परिसर में पहले से मौजूद शुलभ-शौचालय के साथ-साथ मन्दिर परिसर के पश्चिम मेें नए शौचालय बनाए गए हैं। इसके अलावा मन्दिर परिसर में बिजली सप्लाई के लिए जनरेटर रखे गए हैं।

मन्दिर और मेला परिक्षेत्र में प्रत्येक गतिविधि की निगरानी के लिए सीसी टीवी कैमरे लगाए गए हैं। 15 जनवरी को मकर संक्रान्ति का पर्व मनाया जाएगा। इसलिए मकर संक्रान्ति के बाद दूसरे मंगलवार 28 जनवरी को बुढ़वा मंगल के रूप में मनाया जाएगा। योगी कमलनाथ ने अपील की है कि पॉलीथिन मुक्त क्षेत्र गोरखनाथ मंदिर में पॉलीथिन में खिचड़ी ना लाएं। 15 जनवरी को विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाएं दस न. बोरिंग, पचपेड़वा, बरगदवा, मोहद्दीपुर, नौसड़ सहित अन्य जगहों पर श्रद्वालुओं के बीच खिचड़ी के प्रसाद का वितरण करेंगी।

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