“हौसलों में उड़ान रखते हैं। हम भी इक आसमान रखते हैं।”

0
3161

गोरखपुर। सीतापुर आई हॉस्पिटल के सीआरसी सभागार में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन गुरुवार की शाम किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० नंदकुमार रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एनके पांडेय ने सफल आयोजन की बधाई दी। कहा कि छुपी हुई प्रतिभा को अपना अवसर दिखाने का मौका मिलता है। इस तरह के आयोजनों की जितनी भी सराहना की जाए वह कम होगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शायर डॉक्टर कलीम कैसर ने कहा कि, नागफनी के जंगल में आपने गुलाब खिलाने का काम किया है।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए युवा शायर मिन्नत गोरखपुरी ने दिव्यांगता को चुनौती देती हुई पंक्तियां पढ़ी।

“सारे रिश्तों का तमाशा देखते,
आंखें होती तो ये दुनिया देखते,
ठीक है आंखें नहीं हैं मेरे पास,
वरना बस अपना प्रायः देखते”
– मिन्नत गोरखपुरी

किसी के काम आ जाऊं यही ईमान रखता हूँ ,
बिखरूं फिर सिमट जाऊं यही उन्वान रखता हूँ ।
सदा ही साथ चलने की कसम खाई जो हमने है,
तेरी किस्मत बदल जाऊं यही अरमान रखता हूँ।”
– डॉ. आरके राय “अभिज्ञ”

“ए परिंदे तेरे हौसले की क्या दाद दूँ, उड़ ले तेरा पूरा आसमान है।
मगर सुन ले मुझमें पर नहीं हौसले हैं, उड़नें के लिए पूरा हिन्दुस्तान है।”
– सौम्या यादव

“हौसलों में उड़ान रखते हैं।
हम भी इक आसमान रखते हैं।
हमको माज़ूर न समझा जाए।
हम भी अपना जहान रखते हैं।”
– लाएब नूर

“कभी इनके मनोबल को बढ़ा करके देखिये,
फौलाद इरादों को जगा करके देखिये,
है तन पे भारी मन इन्हें कहते हैं दिव्यांग,
ये मन के सिकंदर हैं, लड़ा करके देखिये”
– वेद प्रकाश पाठक

“मेरे ग़म को अपना बनाओ तो कोई बात बने,
दो कदम तुम भी साथ निभाओ तो कोई बात बने,
हसना तो दुनिया की रीत है वो तो हसेगी तुम पर,
मगर तुम रो कर भी मुस्कुराओ तो कोई बात बने।”
– कुँवर विनम्र

“तेरी चाहत में मैं भी सँवर जाऊँगी।
टूटकर वरना मैं तो बिखर जाऊँगी,
ये ज़माना मुझे लाख रोके मगर,
तुम रहोगे जिधर मैं उधर जाऊँगी।”
– प्रतिभा गुप्ता

इसी क्रम में नुसरत अतीक, मुजीब सिद्दीकी, नसीरुद्दीन नासिर, गौरी तिवारी, अनन्या सिंह ने भी अपनी रचनाएं, कविता और शायरियां सुनाकर श्रोताओं का दिल जीत लिया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. मुस्तफा खान ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। सहसंयोजक अमरनाथ जायसवाल ने अतिथियों के साथ- साथ सीआरसी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. सत्या पांडेय, डॉ. रहमत अली, पूजा जायसवाल, आशीष रुंगटा, विजय कुमार श्रीवास्तव, खैरुल बशर, सुधीर कुमार झा, अरशद अहमद, सरदार जसपाल सिंह, प्रवीण श्रीवास्तव, राज शेखर सहित कई लोग मौजूद रहे।

Leave a Reply