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गोरखपुर। ट्रकों की ओवलोडिंग कराकर हर महीने करोडों रुपए की हेराफेरी में सीओ कैंट सुमित शुक्ला की एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई की। मंगलवार को बस्ती और संतकबीरनगर जिलों के एआरटीओ, देवरिया आरटीओ के सिपाही और एआरटीओ के निजी ड्राइवर को पकड़ा। उनके खिलाफ भारी सबूत मिले थे। भ्रष्टाचार के इस मामले में बेलीपार में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज था। अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ यह पहली सीधी कार्रवाई है।
इससे गोरखपुर-बस्ती मंडल के साथ पूरे प्रदेश में परिवहन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। एसआईटी प्रभारी- सीओ कैंट सुमित शुक्ला की अगुवाई में बेलीपार के एसओ संतोष सिंह और जटेपुर चौकी प्रभारी इत्यानंद की टीम ने गिफ्तारी की। आरटीओ के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से ओवरलोडिंग गाड़ियां चलवाने वाले रैकेट के 6 सदस्यों को 24 जनवरी को एसटीएफ ने बेलीपार के मेहरौली स्थित मधुबन ढाबा से पकड़ा था।
सरगना होटल संचालक धर्मपाल सिंह और अन्य के पास से गोपनीय डायरी और रजिस्टर भी बरामद हुए। जिसमें पूर्वांचल के कई जिलों के आरटीओ के अधिकारियों और कर्मचारियों को हर महीने दी गई रकम का हिसाब-किताब लिखा था। सभी आरोपियों के खिलाफ बेलीपार थाना में मुकदमा दर्ज है। इन सभी से एसआईटी पूछताछ कर रही है। एसटीएफ ने मधुबन होटल मालिक, बेलीपार के मेहरौली निवासी धर्मपाल सिंह, मनीष सिंह उर्फ सिब्बू सिंह, विवेक सिंह उर्फ सिक्कू सिंह, श्रवण कुमार गौड़, रामसजन और देवरिया जिले के कपरवारघाट निवासी शैलेष को गिरफ्तार किया था।
मंगलवार को इनको पुलिस ने किया अरेस्ट
1- शैलेंद्र कुमार तिवारी, पीटीओ/ एआरटीओ प्रवर्तन बस्ती, निवासी फूलपुर आजमगढ़।
2- संदीप कुमार चौधरी, पीटीओ सन्तकबीरनगर/ एआरटीओ प्रवर्तन, निवासी हरैया, बस्ती।
3- उत्तम चन्द, प्राइवेट ड्राइवर, बस्ती पीटीओ, निवासी कोतवाली अम्बेडकरनगर।
4- अनिल कुमार शुक्ला, सिपाही देवरिया आरटीओ, निवासी मऊ आईमा, प्रयागराज।
बाराती बनकर एसटीएफ ने किया था खेल का भंडाफोड़
बेलीपार के धर्मपाल सिंह उर्फ डीपी सिंह को ओवरलोड गाड़ियों को एंट्री कराने वाले किंग के रूप में जाना जाता है। सोनभद्र से ही इसका सिक्का चलता था। वह आरटीओ के कई अधिकारियों और कर्मचारियों का चहेता था। इस गैंग को पकड़ने के लिए एसटीएफ की टीम दो दिनों तक होटल में बाराती बनकर ठहरी थी। ओवरलोडिंग के पैसे से करोड़ों की संपत्ति के मालिक बने धर्मपाल की गिरफ्तारी की खबर फैलने पर थाने पर भीड़ जुट गई थी। कभी पान की गुमटी लगाने से ट्रक ड्राइवर फिर ढाबा संचालक का सफर तय करते हुए धर्मपाल होटल मालिक बन गया। गिरफ्तारी के बाद धर्मपाल पुलिस की जीप से कोर्ट जाने को तैयार नहीं था। उसे पुलिस की जीप में जाने पर शर्म आ रही थी। उसे कोर्ट तक ले जाने के लिए लग्जरी गाड़ियां थाने पर पहुंच गईं। लेकिन पुलिस की सख्ती के बाद उसे पुलिस की जीप से कोर्ट तक ले जाया गया।
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