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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती महिला मरीज की इलाज के दौरान सोमवार की रात मौत हो गई। उनको सांस लेने में शिकायत थी। लेकिन उसकी कोरोना संक्रमण की कोई जांच नहीं हुई। डॉक्टर का कहना है कि मरीज को अटैक आया था। महराजगंज के नौतनवा कस्बा अमिनुलहक की पत्नी जुबैदा खातून को सांस लेने में समस्या थी। उनके घरवाले सोमवार की रात में बीआरडी मेडिकल कालेज पहुंचे। सांस लेने में तकलीफ की जांच इमरजेंसी में डॉक्टरों ने की। जांच में कोरोना जैसे लक्षण भी मिले। मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों ने महिला को सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक, कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए बने आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया। उपचार शुरू होने के करीब आधे घंटे बाद महिला की हालत बिगड़ गई। कुछ देर में उनकी मौत हो गई। डॉक्टर ने जो मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया उसमें मौत की वजह दिल और फेफड़े का अटैक बताया। लेकिन महिला का कोरोना टेस्ट नहीं कराया गया जिससे तरह- तरह की आशंका जताई जा रही है। परिजनों का कहना है तीन घंटे तक स्क्रीनिंग हुई थी। इसके बाद मरीज को कोरोना आइसोलेशन में भर्ती किया गया। महराजगंज जिला प्रशासन ने एहतियात के लिए महिला के परिजनों को जिला अस्पताल में बने क्वारंटाइन वार्ड में भर्ती कराया। सभी का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया। महराजगंज के नोडल अधिकारी/ डिप्टी सीएमओ डॉ. आई ए अंसारी ने बताया कि बुधवार को मृतका के चार परिजनों( एक महिला समेत चार) का सैंपल लेकर जांच के लिए गोरखपुर भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर महराजगंज के छह एंबुलेंस चालकों का भी सैंपल जांच के लिए गोरखपुर भेजा गया है।
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