साहस: जब ट्रायल के लिए लोग नहीं मिल रहे थे, अविनाश ने खुद को प्रस्तुत किया, कहा: डोज लेने के बाद कोई नुकसान नहीं हुआ, पूरी तरह स्वस्थ हूं।

Estimated reading time: 1 minute

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने दो वैक्सीन : कोविशील्ड और कोवैक्सीन के आपात इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। इसी के साथ भारत को कोरोना वैक्सीन को लेकर चल रहा लंबा इंतजार अब खत्म हो गया है। माना जाता है कि कोरोना के खिलाफ जारी इस बड़ी लड़ाई में इन दो वैक्सीन की मंजूरी एक हथियार का काम करेगी। डीसीजीआई की ओर से वैक्सीन को मंजूरी दिए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी खुश थे। उन्होंने देश भर को बधाई दी है।


लेकिन, यह सब इतना आसान न था। वैक्सीन तो काफी पहले बन गई थी पर ट्रायल के लिए लोग नहीं मिल रहे थे। देश भर में लोगों के मन में एक भय था कि अगर वैक्सीन उनके ऊपर इस्तेमाल हुई तो पता नहीं क्या होगा। ऐसे में, मूलत: झारखंड के कोडरमा जिले के झुमरीतिलैया निवासी और वर्तमान में गोवा को अपना कर्मक्षेत्र बना चुके वरदा होटल्स के सह-संस्थापक अविनाश सिंह परमार ने खुद को ट्रायल के लिए प्रस्तुत कर दिया।

– सरकार कोवैक्सीन के इस्तेमाल के लिए वोलंटियर खोज रही है, यह जानकारी आपको कब और कैसे मिली? आपने क्या सोच कर खुद को इसके लिए प्रस्तुत किया…
कोरोना के बारे में हम लोग लगातार सुन ही रहे थे। बिजनेस पर भी असर पड़ा था। नवंबर के दूसरे हफ्ते में एक चिकित्सक मित्र ने मुझे इस बारे में बताया। मुझे लगा, इस काम को करना चाहिए। मैंने खुद को प्रस्तुत कर दिया। मेरे मन में यह भी था कि लोग शायद पूरे मेडिकल पैटर्न को समझ नहीं रहे थे और कहीं न कहीं उनके मन में डर भी था। मेरे मन में यह बात आई कि देश के लिए कुछ करने का मौका मिला है तो क्यों न इसे कर दिया जाए। यही सोच कर मैंने खुद को प्रस्तुत कर दिया।
– आपको किस तारीख को वैक्सीन की पहली डोज दी गई?
22 नवंबर को
– डोज लेने के बाद आपमें मानसिक-शारीरिक तौर पर कोई फर्क आया?
लेशमात्र भी फर्क नहीं आया। कुछ भी गड़बड़ नहीं हुआ। पूरी तरह से फिट हूं। सौ फीसद।
– क्या आपने अपनी दिनचर्या में कोई परिवर्तन किया?
एकदम नहीं। मेरा जो रूटीन था, उसे ही फालो करता रहा। आज भी उसे ही फॉलो कर रहा हूं।
– समाज के अलग-अलग हिस्सों से आपको कैसी प्रतिक्रियाएं मिलीं?
ऐसी चीजों में हर किस्म की प्रतिक्रियाएं आती हैं। कोई बोलता था कि आप क्यों तैयार हो गए? कोई बोलता था कि बहुत अच्छा किया। सभी की भावना यही थी कि मैं ठीक से रहूं। ये उनका प्यार है। सबसे अहम था, पत्नी सरिता और दोनों बच्चों का मुझे प्रोत्साहन देना।
– अब जब कोविशील्ड और कोवैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी दे दी गई है, आप कैसा महसूस कर रहे हैं?
ये बहुत ही खुशी की बात है कि जिस वैक्सीन के लिए आप सब्जेक्ट बनते हैं, वह पास हो जाता है। मैं इसका एक हिस्सा रहा हूं। जाहिर है, मुझे बेइंतहा खुशी है।
– क्या स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आपके संपर्क में हैं?
नहीं जी।

एक परिचय
नाम-अविनाश सिंह परमार
पिता-प्रोफेसर देवेंद्र सिंह (विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के प्रथम अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष, संप्रति सेवानिवृत्त)
कंपनीः वरदा ग्रुप आफ होटल्स के सह संस्थापक
कंपनीः आयुर ब्लेज (आयुर्वेदिक कंपनी) के सह-संस्थापक
सामाजिक योगदानः रोटरी इंटरनेशनल के गत 10 साल से सदस्य। 2018-19 में रोटरी क्लब ने इन्हें एक्सीलेंस अवार्ड से नवाजा। इसी साल इन्हें बेस्ट सर्विंस अवार्ड भी मिला।

Chai Panchayat

चुस्की की चौपाल, मुद्दे की पड़ताल

Recent Posts

मासूम रंजीत के निधन पर विधायक ने परिजनों को बंधाया ढांढस

गोरखपुर। पिपराइच के बसडीला रौसड़ निवासी सुरजीत सिंह के चार वर्षीय इकलौते पुत्र रंजीत सिंह…

9 hours ago

जन चौपाल से जनता के बीच मजबूत पकड़ बना रहे विधायक सरवन निषाद, 2027 की तैयारियों की भी दिख रही झलक

चौरीचौरा (गोरखपुर)। विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भले ही अभी समय है, लेकिन चौरी चौरा…

9 hours ago

राष्ट्रीयता और बहुआयामी रोजगारपरक शिक्षा का प्रमुख केंद्र बना एमजीयूजी : प्रो. रवि शंकर सिंह

अनुसंधान और नवाचार पर विशेष ध्यान दें विद्यार्थी महंतद्वय दिग्विजयनाथ व अवेद्यनाथ की स्मृति में…

10 hours ago

पूर्वांचल के पोल्ट्री उद्योग को मिलेगी नई उड़ान, पहली बार गोरखपुर में जुटेंगे विशेषज्ञ

पोल्ट्री कॉन्क्लेव में आधुनिक तकनीक, उत्पादन बढ़ाने और आय वृद्धि पर होगा मंथन गोरखपुर। पूर्वी…

1 day ago

जलभराव से मुक्ति की राह बना गोड़धोइया नाला

495 करोड़ की परियोजना से उत्तरी गोरखपुर के 17 वार्डों को बड़ी राहत, बारिश का…

1 day ago

आखिरी सांस के बाद भी जारी रहेगी सेवा, रामेश्वर की आंखों से दो जिंदगियों में आएगा उजाला

गोरखपुर। किसी इंसान की जिंदगी की असली कीमत इस बात से नहीं तय होती कि…

1 day ago