भरोसे का कत्ल… परिचित चेहरों के पीछे छिपे खतरनाक इरादे
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भरोसे के रिश्तों में छिपा खौफ, मासूमों की हत्या के पीछे अपनों के चेहरे
Ashutosh mishra www.chaipanchayat.com
गोरखपुर। खजनी के वैभव हत्याकांड ने एक बार फिर उस कड़वी सच्चाई को सामने ला दिया है कि मासूमों के खिलाफ होने वाले कई अपराधों में खतरा अक्सर किसी अनजान चेहरे से नहीं, बल्कि भरोसे के दायरे में शामिल लोगों से निकलता है। फिरौती, लालच और आपराधिक मानसिकता के पीछे कई मामलों में रिश्तों की आड़ में छिपे चेहरे सामने आए हैं।
खजनी में कारोबारी के बेटे वैभव के अपहरण और हत्या की जांच में पुलिस को कई चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपराध की योजना बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। एआई से फिरौती मांगने के तरीके, पहचान छिपाने के उपाय और जहरीले पदार्थों से जुड़ी जानकारी जुटाई गई। कंबोडिया के वर्चुअल नंबर से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर संदेश भेजकर परिवार और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई। यह पहला मामला नहीं है जब भरोसे के रिश्ते ने ही मासूम की जिंदगी छीन ली हो। गोरखपुर में बीते वर्षों में सामने आए कई हत्याकांडों में परिचितों, पड़ोसियों और रिश्तेदारों की भूमिका ने समाज को झकझोरा है। घटनाक्रम : वैभव हत्याकांड 01:30 बजे – वैभव स्कूल से घर लौटा। 01:40 बजे – साइकिल लेकर घर से निकला। 02:07 बजे – सीसीटीवी कैमरे में अंतिम बार अकेले नजर आया। 02:32 बजे – सीसीटीवी फुटेज में सर्वेश के साथ दिखाई दिया। 02:50 बजे – लावारिस साइकिल मिलने पर परिजनों को सूचना दी गई। 03:10 बजे – परिजन थाने पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। 07:00 बजे – पुलिस ने सर्वेश के घर की तलाशी शुरू की। 09:00 बजे (अगली सुबह) – सर्वेश ने पूछताछ के दौरान हत्या की बात कबूल की। 11:00 बजे – पुलिस ने सर्वेश के घर के बेसमेंट से वैभव का शव बरामद किया। 12:00 बजे – घटना से आक्रोशित लोगों ने सड़क और थाने के बाहर जाम लगा दिया। 04:00 बजे – डीएम और एसएसपी के समझाने के बाद जाम समाप्त हुआ। 04:10 बजे – पुलिस ने आरोपी के घर को सीज कर दिया। 07:00 बजे – पोस्टमार्टम के बाद वैभव का शव घर लाया गया। 08:30 बजे – नगर पंचायत ने आरोपी के घर पर नोटिस चस्पा किया। ——— 03 जुलाई 2026: सहजनवां का अंशुमान हत्याकांड छह वर्षीय अंशुमान को किरायेदार दंपती ने फिरौती की साजिश के तहत अगवा किया। आरोपी उसे बहला-फुसलाकर लुचुई रेलवे ओवरब्रिज के नीचे बंद पड़े मकान में ले गए और हत्या कर दी। 24 जनवरी 2025: सहजनवां में दो किशोरों की हत्या भक्सा गांव के सिवान में अभिषेक और प्रिंस की लाश मिली थी। दोनों के हाथ-पैर बंधे थे और मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था। 05 नवंबर 2023: बड़हलगंज में बच्ची की हत्या दिन में लापता हुई दस वर्षीय बच्ची की शाम को पड़ोसी के घर में लाश मिली। मामले में गांव के लोगों पर आरोप लगे। 09 अगस्त 2023: चिलुआताल में मासूम की हत्या तीन वर्षीय बच्ची को आरोपी ने घर से अगवा कर लिया। जांच में आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि भी सामने आई थी। 11 मई 2023: हरपुर बुदहट में आयुष हत्याकांड रिश्ते में चाचा लगने वाले व्यक्ति ने फिरौती के लिए दस वर्षीय आयुष का अपहरण किया और हत्या कर दी। अगस्त 2022: चिलुआताल के राजन की हत्या 11 वर्षीय राजन की हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। 29 अप्रैल 2022: सिकरीगंज में मिला मासूम का सिर मैरिज हॉल के पास मासूम का कटा सिर मिला था, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी। 06 अप्रैल 2022: बांसगांव में बच्चे की हत्या सात वर्षीय बच्चे का शव घर से कुछ दूरी पर मिला था। हाथ बंधे थे और मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था। अगस्त 2021: पिपराइच में गजेंद्र निषाद हत्याकांड पांच वर्षीय गजेंद्र रात में घर से गायब हुआ और सुबह गन्ने के खेत में उसका शव मिला। पुलिस ने तांत्रिक को गिरफ्तार कर मामले का पर्दाफाश किया। सवाल छोड़ जाती घटनाएं इन घटनाओं में एक समान बात सामने आती है—अपराधी अक्सर पीड़ित परिवार के विश्वास के घेरे में होते हैं। कभी पड़ोसी, कभी रिश्तेदार तो कभी परिचित बनकर करीब आने वाले लोग ही सबसे बड़ा खतरा बन जाते हैं। ऐसे मामलों ने समाज के सामने यह चुनौती खड़ी कर दी है कि भरोसे और सतर्कता के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।