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सीएम योगी के विजन से बदल रही तस्वीर, करीब 45 किमी सड़कों के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण पर खर्च होंगे 177 करोड़ रुपये
गोरखपुर। कभी खराब सड़क और कमजोर कनेक्टिविटी के कारण जिले का सबसे उपेक्षित क्षेत्र माना जाने वाला दक्षिणांचल अब विकास की नई राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप क्षेत्र में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। दक्षिणांचल के विभिन्न हिस्सों में कई प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण से आवागमन सुगम बनाने की दिशा में काम हो रहा है। इनमें तीन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं ऐसी हैं, जिन्हें 30 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इनके पूरा होने से करीब 45 किलोमीटर मार्ग टूलेन स्वरूप में विकसित हो जाएगा। इन परियोजनाओं पर करीब 177 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
दक्षिणांचल में सड़क सुविधाओं के विस्तार को गति तब मिली, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 जून को 57 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली धुरियापार-उरुवा-शाहपुर-बेलघाट मार्ग चौड़ीकरण परियोजना का लोकार्पण किया। इसके बाद क्षेत्र में निर्माणाधीन अन्य सड़कों के कार्यों में भी तेजी आई है।
लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड की ओर से कराई जा रही तीन प्रमुख परियोजनाओं को सितंबर के अंत तक पूरा कराने की तैयारी है। गोरखपुर-खजनी-सिकरीगंज मार्ग पर 13.075 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण 95 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। 60.59 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को अगले माह शत-प्रतिशत पूरा करने का लक्ष्य है।
इसी तरह महदेवा-दुधरा-सोपरा मार्ग पर 15.20 किलोमीटर लंबी टूलेन सड़क का करीब 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इस परियोजना पर 35.56 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वहीं भीटी-बांसगांव-गोला मार्ग पर चैनेज 25.2 से 41.33 के बीच 16.13 किलोमीटर लंबाई में टूलेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। 81.01 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का 70 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। इसे भी 30 सितंबर तक पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता आरपी सिंह ने बताया कि निर्माणाधीन सड़कों को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने पर विभाग का विशेष जोर है। गुणवत्ता के साथ कार्यों में तेजी लाकर परियोजनाओं को समय से पूरा कराया जा रहा है।
इलाज, शिक्षा और कारोबार की राह होगी आसान
सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का सबसे बड़ा लाभ दक्षिणांचल के ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा। लंबे समय तक खराब और गड्ढायुक्त सड़कों के कारण यहां के लोगों को इलाज, शिक्षा और व्यापार के लिए शहर तक पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ती थी। अब चौड़ी और मजबूत सड़कों के निर्माण से आवागमन आसान होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की शहर से कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ कारोबार, रोजगार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
दक्षिणांचल में इन मार्गों पर भी चल रहा काम
भीटी-बांसगांव-गोला मार्ग : चैनेज शून्य से 10.4 और 48 से 58 के बीच, लंबाई 20.40 किमी, लागत 95.27 करोड़ रुपये।
हाटा-ढेबरा-ढकवा-शिवपुर मार्ग : लंबाई 8.20 किमी, लागत 30.71 करोड़ रुपये।
कौड़ीराम-जगदीशपुर-डिहवा-हरपुर चीनी मिल मार्ग : लंबाई 18 किमी, लागत 52.87 करोड़ रुपये।
रिकौली-बनकटा मार्ग : लंबाई 9 किमी, लागत 28.11 करोड़ रुपये।
मिनी आइटीआइ हरिहरपुर मार्ग से तहसील रोड संपर्क मार्ग : लंबाई 7.85 किमी, लागत 25.19 करोड़ रुपये।
उरुवा-दुधरा-पिपरी मार्ग : लंबाई 11 किमी, लागत 36.20 करोड़ रुपये।
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