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28 अगस्त को मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री एवं कुलाधिपति योगी आदित्यनाथ देंगे विद्यार्थियों को मार्गदर्शन
22 अगस्त से शुरू होगी महंत दिग्विजयनाथ व महंत अवेद्यनाथ स्मृति सप्तदिवसीय व्याख्यानमाला
गोरखपुर। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) के पांचवें स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति योगी आदित्यनाथ विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देंगे। स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 22 से 28 अगस्त तक विश्वविद्यालय परिसर में साहित्यिक, सांस्कृतिक, खेलकूद और शैक्षणिक गतिविधियों के साथ विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समारोह का मुख्य आयोजन 28 अगस्त को होगा।
कार्यक्रमों की शुरुआत 22 अगस्त को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज स्मृति सप्तदिवसीय व्याख्यानमाला से होगी। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह होंगे। अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. भूपेश कुमार गोयल करेंगे।
अलग-अलग विषयों पर होगा मंथन
22 अगस्त को ‘विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी, कृषि, चिकित्सा : नवप्रवर्तक भारत के लिए’ विषय पर प्रो. रविशंकर सिंह व्याख्यान देंगे। 23 अगस्त को आईसीएआर के पूर्व निदेशक डॉ. अश्विनी दत्त पाठक ‘विकसित और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कृषि का योगदान’ तथा कृषि विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक अरविंद कुमार सिंह ‘भारत में प्राकृतिक खेती का वर्तमान परिदृश्य’ विषय पर विचार रखेंगे।
24 अगस्त को डीआरडीओ, नई दिल्ली के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनंत नारायण भट्ट ‘वायरल संक्रमण और कैंसर में चिकित्सीय लाभ के लिए चयापचय संबंधी परिवर्तनों को लक्षित करना’ विषय पर तथा वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. पंकज कुमार ‘मानसून और रोगाणु : शहरी झुग्गी-झोपड़ियों में जलजनित हेपेटाइटिस ए और ई के प्रकोप को रोकने की रणनीतियां’ विषय पर व्याख्यान देंगे।
25 अगस्त को महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के पूर्व कुलपति डॉ. संजीव कुमार शर्मा ‘भारत : लोकतंत्र की जननी’ तथा महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय के काय चिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार सिंह ‘विश्वविद्यालय के छात्रों में शैक्षणिक तनाव की रोकथाम और प्रबंधन’ विषय पर अपने विचार रखेंगे।
26 अगस्त को आईसीएफएआई विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश के कुलाधिपति डॉ. राजशेखरन पिल्लई ‘भारत में फार्मास्युटिकल और स्वास्थ्य सेवा शिक्षा एवं अनुसंधान में उद्योग-अकादमिक सहयोग’ तथा एमएमएमयूटी गोरखपुर की प्रोफेसर स्मृति ओझा ‘औषधि खोज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ विषय पर व्याख्यान देंगी।
27 अगस्त को द परमानेंट मेडिकल ग्रुप, कैलिफोर्निया, अमेरिका के सीनियर पार्टनर एवं मेडिकल डायरेक्टर डॉ. विजय तिवारी ‘भविष्य के डॉक्टर : कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नैदानिक उत्कृष्टता और मानवीय स्पर्श’ तथा रॉयल कॉलेज ग्लासगो, लंदन के अंतरराष्ट्रीय सलाहकार डॉ. विवेक चंद्र ‘चिकित्सा नैतिकता और व्यावसायिकता : स्वास्थ्य सेवा में विश्वास का निर्माण’ विषय पर व्याख्यान देंगे।
पांच वर्षों में 5000 विद्यार्थियों का परिवार
एमजीयूजी के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव ने बताया कि विश्वविद्यालय की स्थापना युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के लोक कल्याण व राष्ट्रीयता के आदर्शों के अनुरूप की गई है। सप्तदिवसीय व्याख्यानमाला दोनों महापुरुषों के विचारों और पुण्य स्मरण को समर्पित होगी।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में 22 से 27 अगस्त तक विद्यार्थियों के लिए साहित्यिक, सांस्कृतिक और खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। स्थापना दिवस के मुख्य समारोह में मेधावी विद्यार्थियों समेत विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 180 विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय का राष्ट्रार्पण 28 अगस्त 2021 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया था। पांच वर्षों की यात्रा में विश्वविद्यालय ने शिक्षा, चिकित्सा और सेवा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्तमान में यहां करीब 5000 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
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