घर बैठे ‘रेट’ के खिलाफ हल्ला बोल, गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्र नेताओं ने किया हंगामा

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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। आगामी 10 जनवरी को होने वाली शोध पात्रता परीक्षा(रेट) में होम बेस सेंटर (घर से परीक्षा देने की सुविधा) में नेटवर्क प्रॉब्लम और अन्य तरह से गड़बड़ी की आशंका को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों ने विरोध जताया। विश्वविद्यालय प्रशासन के नए फैसले के खिलाफ एबीवीपी, एनएसयूआई और सयुस सहित अन्य छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। सुबह 10 बजे से प्रशासनिक भवन पर जुटे नेताओं ने नारेबाजी की। हंगामे को देखते हुए विवि प्रशासन ने प्रशासनिक भवन के सभी चैनल गेट को बंद करा दिया। इसके बाद छात्र प्रशासनिक भवन के कैंपस में ही घूम-घूम कर नारेबाजी करने लगे।

एबीवीपी के छात्रों ने कुलपति को घेरा, जताई आपत्ति
सुबह करीब 11.30 बजे कुलपति प्रो. राजेश सिंह कैंपस में पहुंचे तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(एबीवीपी) के छात्रों ने उनको घेर लिया। इस वजह से कुलपति को करीब आधे घंटे तक बाहर खड़ा रहना पड़ा। इस अवसर पर महानगर मंत्री प्रभात राय, संगठन मंत्री आकाश, प्रान्त सहमंत्री अभिषेक हरि सिंह, विभाग संयोजक सौरभ गौड़, राज्य विश्वविद्यालय प्रमुख मयंक राय, शक्ति सिंह, पूजा, सुलोचना, अर्पित कसौधन, निखिल गुप्ता, प्रशांत त्रिपाठी ने कहा कि ऑनलाइन घर बैठे परीक्षा देने की सुविधा से शोध परीक्षा कतई गुणवत्तापूर्ण नहीं होगी। छात्रों को परीक्षा देने के लिए दो मोबाइल, लैपटॉप, अच्छे नेट स्पीड की आवश्यकता होगी जबकि विश्वविद्यालय के अधिकांश छात्र ग्रामीण अंचल से हैं। वह इन संसाधनों को नहीं जुटा सकेंगे। इस प्रारूप में अनुचित संसाधनों का उपयोग करना आसान होगा।

हूटिंग करके लगाए आरोप
एबीवीपी से कुलपति की वार्ता के दौरान कुछ छात्र हूटिंग करने लगे। चीफ प्रॉक्टर ने उनको समझाने का प्रयास किया तो छात्र उलझ गए। वह प्रॉक्टर के खिलाफ भी नारेबाजी करने लगे। इसकी सूचना मिलने के बाद रजिस्ट्रार डॉ. ओम प्रकाश, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरेन्द्र सिंह पहुंचे। छात्रों की हरकत से नाराज कुलपति अपने ऑफिस में चले गए।
एबीवीपी ने ज्ञापन देकर आंदोलन खत्म कर दिया।

अन्य छात्र संगठनों ने भी किया प्रदर्शन
एबीवीपी के लोगों से बात करके कुलपति चले गए। इसके बाद प्रदर्शन कर रहे एनएसयूआई और सयुस समेत अन्य संगठनों के छात्र नेता भड़क गए। वह कुलपति से वार्ता की मांग करने लगे। छात्रों ने प्रशासनिक भवन के वीआईपी गेट के पास प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों के तेवर से विवि और पुलिस- प्रशासन की स्थिति असहज हो गई। निर्वतमान छात्रसंघ अध्यक्ष अमन यादव, नितेश मिश्र, शिव शंकर गोंड़, भास्कर चौधरी, अंशुमान पाठक, बादल चतुर्वेदी, गौरव वर्मा, प्रशान्त कुमार, रोशन राव, आलोक सिंह, पवन कुमार, आर्य यादव, आदित्य शुक्ला, योगेश प्रताप सिंह, जितेंद्र प्रजापति, नितेश कुमार, निकेत वर्मा, शाहिद, सुशांत शर्मा, सतीश चंद्र सिंघम, दिलीप गौतम, आकाश पासवान, संध्या कुमारी, वंदना, दीक्षा , विनय यादव बंद चैनल गेट के बाहर धरने पर बैठ गए।

हंगामा देख बंद गेट से कुलपति ने की बातचीत
छात्रों और कुलपति के बीच संवाद स्थापित करने के लिए प्रॉक्टर बोर्ड की टीम हलकान रही। करीब तीन बजे कुलपति नरम पड़े। वह चैनल गेट तक आए। बंद गेट के दूसरी तरफ से छात्रों ने अपनी बात रखी। छात्रों ने कहा कि उनके पास हाईस्पीड इंटरनेट की व्यवस्था नहीं है। कई लोगों के पास स्मार्टफोन की सुविधा भी नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने रेट की परीक्षा कराने के नाम पर 1000 रुपए बतौर शुल्क वसूला है। छात्रों ने कुलपति को बताया खुराफाती रिमोट के जरिए लैपटॉप को कमांड कर सकते हैं। ऐसे में एक छात्र लैपटॉप के सामने बैठेगा जबकि उसकी जगह कोई दूसरा प्रश्न हल कर देगा। इससे कुलपति भी सहमत हुए। उन्होंने मौके पर ही कहा कि इस परीक्षा को लेकर आवेदकों से फीडबैक लिया जाएगा। उनके मेल पर मैसेज भेजा जाएगा। इसके साथ ही परीक्षा के दूसरे विकल्प पर भी विचार किया जाएगा। जिसके पास संसाधन नहीं होंगे उन्हें ऑफलाइन परीक्षा दिलाई जा सकती है।

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