Estimated reading time: 1 minute
साइबर क्राइम
गोरखपुर। गोरखनाथ थाना क्षेत्र के धर्मशाला बाजार, कोयला गली निवासी विशेष सिंह के बैंक एकाउंट से तीन लाख 95 हजार रुपए निकाले जाने की शिकायत पर साइबर थाना की पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके शातिर जालसाज को अरेस्ट किया। फर्जी वेबसाइटर पर भारत सरकार के वित्त मंत्रालय का लोगो लगाकर वह लोगों से ठगी करता रहा। फैजाबाद जिले के कोतवाली रुदौली के पुरेखा में किराए पर फ्लैट लेकर जालसाजी कर रहा शातिर खुद को आरबीआई अधिकारी दीपक श्रीवास्तव बताकर लोगों को झांसे में लेता था। विशेष सिंह ने पुलिस को बताया था कि उनको एक START UP के लिए 25,00,00 रुपए की आवश्यकता थी। उन्होंने PMEGP (Prime Minister’s Employment Generation Programme)की जानकारी ली। फिर www.Indiafinanceloan.com पर 25,00000 रुपए के लोन के लिए आवेदन किया। आवेदक के मोबाइल नंबर पर 9454876639 से किसी दीपक श्रीवास्तव खुद को आरबीआई का अधिकारी बनकर सारे Document WhatsApp के जरिए मंगा लिए। फिर INDIAN POST PAYMENT BANK पर एक खाता खुलवाया गया। उसकी एकाउंट में 25,00000 लोन का 15 प्रतिशत MARGINAL MONEY 24 घंटे तक जमा करने को बताया गया। विशेष सिंह ने 3,75,000 रुपए जमा किए। उनके एकाउंट में 20,000 पहले से थे। रुपए जमा कराने के बाद अचानक 3,95,000 का ट्रांजेक्शन कर लिया गया। जांच में पता लगा कि www.indiafinanceloan.com के नाम से PMEGP की फर्जी वेबसाइट बनाई गई थी।
ऐसे बनाया जरूरतमंद लोगों को ठगी का शिकार
दानिश उर्फ दीपक श्रीवास्तव ने पूछताछ में बताया कि प्रधान मंत्री रोजगार सृजन योजना (PMEGP)के नाम पर फर्जी वेबसाइट www.indiafinanceloan.com बनाई गई। उस पर भारत सरकार का लोगो होने से लोग जल्दी झांसे में आने लगे। उसका प्रचार प्रसार ई- मीडिया और उसके अपने एजेंट ने किया। लोन के जरुरतमंद लोगो से ऋण के लिए online आवेदन करवाया जाता था। आवेदन के बाद दानिश दीपक श्रीवास्तव बनकर खुद को आरबीआई का अधिकारी बताकर आवेदक को फोन करता था। आवेदक से जरुरत के सभी दस्तावेज WhatsAppके माध्यम से मंगाकर एक नया बैंक खाता भिन्न – भिन्न बैंको में खुलवाया जाता था। एकाउंट खुलने के बाद जालसाज यह बताते थे कि लोन एमाउंट का 5, 10, और 15 प्रतिशत (जाति और ऋण धन के आधार पर )marginal money, 24 घंटे के लिए उसी खाते में रखना अनिवार्य है। जैसे ही आवेदनकर्ता loan amount का 15 प्रतिशत जमा करता था। आवेदक के दस्तावेज का इस्तेमाल कर के उसी दिन वह रुपए फर्जी तरीके से निकाल लिए जाते थे। दानिश ने लॉक डाउन में साइबर क्राइम के कई नए तरीके भी सीखे हैं। एसपी क्राइम अशोक वर्मा और सीओ प्रवीण सिंह ने बताया कि दानिश की गिरफ्तारी में क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर कन्हैया यादव, साइबर क्राइम सेल इंचार्ज विनायक सिंह, एसआई उपेंद्र कुमार सिंह साइबर अपराध थाना और कांस्टेबल मनीष यादव, राजीव यादव, प्रमोद यादव की विशेष भूमिका रही है।
गोरखपुर। पिपराइच के बसडीला रौसड़ निवासी सुरजीत सिंह के चार वर्षीय इकलौते पुत्र रंजीत सिंह…
चौरीचौरा (गोरखपुर)। विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भले ही अभी समय है, लेकिन चौरी चौरा…
अनुसंधान और नवाचार पर विशेष ध्यान दें विद्यार्थी महंतद्वय दिग्विजयनाथ व अवेद्यनाथ की स्मृति में…
पोल्ट्री कॉन्क्लेव में आधुनिक तकनीक, उत्पादन बढ़ाने और आय वृद्धि पर होगा मंथन गोरखपुर। पूर्वी…
495 करोड़ की परियोजना से उत्तरी गोरखपुर के 17 वार्डों को बड़ी राहत, बारिश का…
गोरखपुर। किसी इंसान की जिंदगी की असली कीमत इस बात से नहीं तय होती कि…