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गोरखपुर। जिले में तैनात थानेदार और चौकी इंचार्ज अब कप्तान को झांसा नहीं दे पाएंगे। रात में गस्त पर निकलने के दौरान लाइव लोकेशन भेजकर अपनी मौजूदगी बताएंगे। लोकेशन के आधार पर उनकी जांच की जाएगी। रात में गस्त के दौरान मिलने वाली लापरवाही को देखते हुए डीआईजी/एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने यह निर्देश दिए हैं। वाट्सएप ग्रुप पर लाइव लोकेशन भेजने के बाद जांच के लिए अलग— अलग अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
लूट, चोरी रोकने के लिए लगती है ड्यूटी
रात में चोरी, लूट, डकैती और राहजनी सहित अन्य घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाती है। थानावार स्थान चिन्हित करके उनको पिकेट और गस्त पर मौजूद रहने के लिए निर्देश दिए गए होते हैं। थानेदारों और चौकी प्रभारियों को मोबाइल रहने के निर्देश है।
वायरलेस पर लोकेशन बताकर हो जाते गायब
कई बार अधीनस्थ पुलिस कर्मियों को जिम्मेदारी सौंप करके थानाध्यक्ष और चौकी प्रभारी गायब हो जाते हैं। कंट्रोल रूम से लोकेशन पूछे जाने पर ड्यूटी स्थल बता देते हैं. लेकिन असल में वहां उनकी मौजूदगी नहीं होती।
कागजों में ड्यूटी करने की शिकायत सामने आने पर डीआईजी/एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने थानेदार और चौकी प्रभारियों के लिए नई व्यवस्था बनाई है। उन्होंने आदेशित किया है कि अपने सीयूजी नंबर से व्हाट्सएप ग्रुप पर लाइव लोकेशन भेजकर अपनी उपस्थित बताएंगे। रात में ड्यूटी के दौरान इसका उपयोग करना होगा। रात में 12 बजे के बाद जब लोकेशन जारी होगी तो किसी भी उपस्थिति को जांचने के लिए संबंधित इलाके एडिशनल या सर्किल आफिसर को भेज दिया जाएगा। इससे उन थानेदारों की गतिविधियों पर लगाम कसेगी जो ड्यूटी का झांसा देकर गायब हो जाते हैं।
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