ब्लैक फंगस: यूपी सरकार ने जारी की एडवाइजरी, उपचार के इंतजाम में जुटा स्वास्थ्य महकमा

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गोरखपुर। यूपी सरकार ने ब्लैक फंगस को लेकर एडवाइजरी जारी की है। प्रदेश सरकार ने कहा है कि कोविड-19 संक्रमण बाद ब्लैक फंगस या म्यूकरमाइकोसिस चेहरे नाक, साइनस, आंख और दिमाग में फैलकर उसको नष्ट कर देता है। कोविड के बाद ब्लैक फंगस पूरे उत्तर प्रदेश में पैर पसार रहा है। इसलिए इसको लेकर अलर्ट रहने की जरूरत है। कई जिलों से ब्लैक फंगस के मरीज मिलने पर गवर्नमेंट ने उपचार की व्यवस्था बनाई है।

किसे हो सकता है ब्लैक फंगस
1. कोविड के दौरान स्टेरॉयड दवा दी गई हो जैसे कि डेक्सामिथाजोन, मिथाइल प्रेडनिसोलोन।
2. कोविड मरीज को ऑक्सीजन पर रखना पड़ा हो या आईसीयू में उपचार चला हो।
3. डायबिटीज पर कंट्रोल ना हो।
4. कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट इत्यादि के लिए दवा चल रही हो।

क्या हैं इसके लक्षण
1. बुखार आ रहा हो, सिरदर्द हो रहा हो, खांसी हो, सांस फूल रही हो।
2. नाक बंद हो, नाक में म्यूकस के साथ खून आ रहा हो।
3. आंख में दर्द हो, आंख फूल जाए. दो दिख रहा हो या दिखना बंद हो जाए।
4. चेहरे में एक तरफ दर्द हो, सूजन हो या सुन्न हो (छूने पर छूने का अहसास ना हो)।
5. दांत में दर्द हो, दांत हिलने लगें, चबाने में दर्द हो।
6. उल्टी में या खांसने पर बलगम में खून आए

ये बरतें सावधानियां
— खुद से या किसी गैर विशेषज्ञ डॉक्टर के, दोस्त, रिश्तेदार के कहने पर स्टेरॉयड दवा कतई शुरू ना करें। स्टेरॉयड दवाएं जैसे – डेक्सोना, मेड्रोल इत्यादि नुकसान पहुंचा सकती हैं।
— इसके लक्षण के पहले 5 से 7 दिनों में स्टेरॉयड देने से नुकसान होते हैं। बीमारी शुरू होते ही स्टेरॉयड शुरू ना करें। इससे बीमारी बढ़ जाती है।
— स्टेरॉयड का प्रयोग विशेषज्ञ डॉक्टर कुछ ही मरीजों को केवल 5-10 दिनों के लिए देते हैं, वो भी बीमारी शुरू होने के 5-7 दिनों बाद केवल गंभीर मरीजों को इसकी डोज दी जाती है। इसके पहले बहुत सी जांच आवश्यक है।
— इलाज शुरू होने पर डॉक्टर से पूछें कि इन दवाओं में स्टेरॉयड तो नहीं है। अगर है, तो ये दवाएं मुझे क्यों दी जा रही हैं?
— स्टेरॉयड शुरू होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर के नियमित संपर्क में रहें।

प्रभावित होने पर क्या करें
उपर्युक्त में से कोई भी लक्षण होने पर तत्काल सरकारी अस्पताल में या किसी अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाना जरूरी है। नाक कान गले, आंख, मेडिसीन, चेस्ट या प्लास्टिक सर्जरी के विशेषज्ञ को दिखाकर उचित सलाह लेते हुए उपचार शुरू करें।

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