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गोरखपुर। शहर के भीतर फर्जी टेलीकाम एक्सचेंज खोलकर भारत सरकार को चूना लगाने वाले एक गिरोह का शुक्रवार को एसटीएफ ने खुलासा किया। देवरिया जिले के रहने वाले दो युवक इस धंधे को गोरखपुर में विजय चौराहे के पास एक किराये के मकान में चला रहे थे। एसटीएफ ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है वहीं इनका सरगना बंग्लादेश में बैठा है। वह इनके हिस्से की रकम को बैंक खाते में भेजता था। एसटीएफ के मुताबिक करीब डेढ़ साल से यह गिरोह अंतराष्ट्रीय कॉल को भारतीय नम्बरों के जरिये लोकल कॉल में बदल कर सरकार को चूना लगा रहा था। एसटीएफ ने उनके खिलाफ कोतवाली थाने में केस दर्ज कराया है।
यूपी एसटीएफ को सूचना मिल रही थी कि फर्जी टेलीकाम एक्सचेंज खोलकर कुछ लोग विदेश से आने वाले कॉल को अपने एक्सचेंज के माध्यम से भारतीय नम्बर पर ट्रान्सफर कर धोखाधड़ी कर रहे हैं। वह लोकल कॉल पर बात कराकर भारत सरकार के राजस्व का भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। गोरखपुर एसटीएफ प्रभारी सत्य प्रकाश सिंह के नेतृत्व में एसआई सूरजनाथ सिंह, आलोक कुमार राय की टीम ने इस पर काम शुरू किया और मुखबिर की सूचना पर टीम ने शुक्रवार को विजय चौकी गैस गोदाम गली में स्थित एक मकान से देवरिया जिले के तरकुलवा थाना क्षेत्र स्थित कौलाचक गांव निवासी आरिफ खान तथा इसी गांव के अरबाज खान को भारी मात्रा में सिमकार्ड व अन्य सामानों के साथ गिरफ्तार किया।
अरबाज और आरिफ गोरखपुर में चलाते थे धंधा
अरबाज ने एसटीएफ को बताया कि उनके गांव का आरिफ कुबैत में वेल्डर का काम करता था। उसने केटी नामक एक बांग्लादेशी से बात कराई थी। केटी से व्हट्सएप कॉल के माध्यम से बात की थी। केटी ने अरबाज को बताया कि सिम बाक्स के माध्यम से भारत के लोगों की बांग्लादेश, पाकिस्तान व अन्य खाड़ी देशों में बात कराकर वह काफी पैसा कमा सकता है। अरबाज ने बताया कि विजय चौराहा गैस गोदाम गली में वह किराये पर रहता है। दिसम्बर 2019 में केटी ने उसके पते पर सिम बाक्स व अन्य सेटअप को कोरियर के माध्यम से सिंगापुर से भेजा था। अरबाज ने बताया कि केटी के बताने के अनुसार उसने अपने लैपटाप से टीम व्यूवर डाउनलोड किया और उसी के माध्यम से केटी ने लैपटाप पर सेटअप बनाया था।
प्रति मिनट के हिसाब से 15 पैसा होती थी इनकी कमाई
अरबाज ने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय कॉल को केटी मेरे सिम बाक्स के जरिये कस्टमर से आधिकारिक टेलीफोन एक्सचेन्ज को बाईपास कराके बात करा देता था। प्रति मिनट के हिसाब से इस तरह के अंतराष्ट्रीय कॉल का हमें 15 पैसा के हिसाब से मिलता था। वह पैसा मेरे पूर्वाचल बैंक खाते में केटी भेजता था। इस काम में उन्हें तेज नेट की जरूरत होती थी जिसके लिए उन्होंने रेल वेयर का इन्टरनेट कनेक्शन लिया था। उसने बताया कि सैकड़ों कॉल वह कराते थे।
फैयाज ने मिलाया था केटी से,सस्ती दर पर कराई बात
आरिफ ने पूछताछ पर बताया कि वर्ष 2019 वह कुवैत में था वहाँ फैयाज नामक व्यक्ति से उसकी मुलाकात हुई। उसने बताया कि भारत में सस्ते दर पर बात हो सकती है और इस धंधे से वह कमाई भी कर सकता है। उसने मेरी बात उसने केटी से करवाई। केटी ने बताया कि सिम सेटअप बॉक्स ले लो सस्ते दर पर बात हो जाएगी। इस धंधे से पैसा भी कमा लोगे। आरिफ ने बताया कि केटी ने 150 दीनार सिम सेटअप बॉक्स की कीमत बताई तब मैने 50 दीनार केटी के बताए खाते पर जमा किया तथा अरबाज से केटी से बात करवा दी तब केटी ने सिम सेटअप बॉक्स कूरियर से सिंगापुर से दिसम्बर 2019 में आरबाज के बताए पते पर भेजवाया था फिर जब मैं वापस भारत आया तब से हम दोनों यह काम कर रहे हैं।
यह हुआ बरामद
उनके कब्जे से 2160 रुपये नगद, एक सिम बाक्स (100 नेट शेयर स्लाट) मोबाइल फोन (विभिन्न कम्पनियों के), 69 नेट सेंटर, 24 सिमकार्ड (एयरटेल और वीआई),2 लैपटाप, प्रिंटर सहित,3 राउटर एटीएम कार्ड एसबीआई, 2 मोबाइल, 1 टूलकिट, 2 पैनकार्ड,4 फर्जी/कूटरचित आधार कार्ड, 2 फर्जी / कूटरचित मतदाता पहचान पत्र बरामद किया।
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