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जंगल औराही में चक संख्या 306 की पैमाइश का निरीक्षण, राजस्व कर्मियों को तकनीक के अधिकतम उपयोग के दिए निर्देश
गोरखपुर, 15 जुलाई। जिले में राजस्व विभाग की पैमाइश प्रक्रिया अब आधुनिक तकनीक के जरिए अधिक सटीक और सरल हो गई है। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने बुधवार को सदर तहसील के जंगल औराही गांव में तहसीलदार/डिप्टी कलेक्टर ज्ञान प्रताप सिंह के साथ चक संख्या 306 की रोवर (Rover) तकनीक से की जा रही पैमाइश का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश ने प्रदेश की सभी तहसीलों को रोवर उपकरण उपलब्ध कराया है। इस तकनीक से भूमि की पैमाइश पहले की तुलना में अधिक तेज, आसान और शत-प्रतिशत सटीकता के साथ की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि पैमाइश से पहले एक फिक्स प्वाइंट बनाया जाता है, जो उपग्रह (सैटेलाइट) के माध्यम से अक्षांश और देशांतर निर्धारित करता है। इसके आधार पर चक की पैमाइश अभिलेखों में दर्ज रकबे और नक्शे के अनुरूप की जाती है।
रोवर तकनीक की विशेषता यह है कि पैमाइश के दौरान बीच में पेड़, इमारत, खेत में भरा पानी या ऊबड़-खाबड़ भूमि जैसी बाधाएं भी परिणाम को प्रभावित नहीं करतीं। पैमाइश का पूरा डिजिटल डाटा कंप्यूटर में सुरक्षित रहता है, जिससे भविष्य में उसी गांव के अन्य खेतों की पैमाइश में भी इसका उपयोग बेस डाटा के रूप में किया जा सकता है।
मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने रोवर उपकरण की कार्यप्रणाली और सभी फीचर्स का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों को इस तकनीक का अधिकतम उपयोग करने तथा इसके संचालन में दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए।
इस दौरान नायब तहसीलदार सदर देवेंद्र यादव, राजस्व निरीक्षक विनय श्रीवास्तव सहित अन्य राजस्व कर्मी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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