गोरखपुर में फेमस हो रहे एक पुलिस अधिकारी, जानिए क्या है उनके ‘भौकाल’ की कहानी

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गोरखपुर। यूपी पुलिस के एक आईपीएस जो कभी गोरखपुर में तैनात नहीं रहे हैं फिर भी उनकी कहानी चर्चा में है। आजकल महकमे में अक्सर उनकी बातें हो रही हैं। जी हां, आप बिल्कुल सही समझ रहे हैं। हम बात कर रहे हैं तेजतर्रार आईपीएस नवनीत सिकेरा की, जो बात कम और ज्यादा गोली चलाने के लिए मशहूर हैं। मोबाइल टीवी के दर्शकों के बीच सिकेरा की लाइफ पर वेब सीरीज ‘भौकाल’ खूब हिट हो रहा है। सीरीज में उनकी दबंग कार्यशैली और बेखौफ पुलिसिंग के बारे में दिखाया गया है।

सीरीज में 10 एपिसोड, चलाया बेख़ौफ़ ऑपरेशन
10 एपिसोड के सीरीज ‘भौकाल’ में दिखाया गया है कि जिस भी शहर में इनकी पोस्टिंग होती थी। तो वहां के अपराधियों को शहर छोड़ना पड़ता था। क्राइम का ग्राफ डाउन हो जाता था। क्रिमनल को खत्म करने के लिए बेखौफ होकर ऑपरेशन चलाते थे। उनके जिले में नेताओं की नेतागिरी नहीं चल पाती थी। कुख्यात रमेश कालिया सहित 60 से अधिक अपराधियों का एनकाउंटर कर चुके सिकेरा की स्टोरी भी फिल्मी रही है। सीरीज में मोहित रैना को नवनीत सिकेरा की भूमिका निभाई है। यूपी में अपराधियों के खात्मे को लेकर बनी पहली सीरीज में मीडिया की भूमिका और जवाबदेही का भी जिक्र है।

लखनऊ, आसपास में हुई शूटिंग
मुजफ्फरनगर के अपराधी गैंग पर फ़ोकस वेब सीरीज की शूटिंग लखनऊ, बाराबंकी और आसपास के क्षेत्रों में हुई थी। बाराबंकी को मेरठ और मुजफ्फरनगर के रूप में दिखाया गया है। लखनऊ के हजरतगंज, क्रिश्च्यिन कॉलेज, चौक, कैसरबाग और अन्य जगहों पर शूटिंग हुई थी। शूट के दौरान कई बार सिकेरा भी सेट पर पहुँचे थे।

कौन हैं नवनीत सिकेरा
लखनऊ में कुख्‍यात गैंगेस्‍टर रमेश कालिया के एनकाउंटर के बाद आईपीएस नवनीत सिकेरा का नाम चर्चा में आया था। मीडिया से बातचीत में उन्होंने एक बार बताया था कि एटा से हाईस्कूल करने के बाद वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते थे। उन्हें रूड़की इंजीनियरिंग में एडमिशन भी मिला। लेकिन एक घटना ने उनकी जिंदगी ही बदल दी। उनके पिता को कुछ धमकी भरे फोन आ रहे थे। पिता जब इसकी शिकायत करने थाने पहुंचे तो थानेदार ने कार्रवाई करने के बजाय उनको ही बेईज्जत कर दिया। इससे वो काफी आहत हुए। तभी उन्होंने सोचा कि लापरवाह पुलिस वाले कैसे, किसी सम्मानित व्यक्ति की इंसल्ट कर सकते हैं। उसी दिन उन्होंने आईपीएस बनने की ठानी।

पहले अटेम्पट में बने एसएसपी
सिकेरा ने बताया था, जिस समय उन्होंने आईपीएस बनने के बारे में सोचा। उसी साल वो सिविल सर्विसेज की परीक्षा में बैठे और सिलेक्ट हो गए। 1996 बैच के सिकेरा मेरठ सहित कई जिलों के एएसपी रहे। आम लोगों को न्याय दिलाने का काम किया। यूपी पुलिस की अलग छवि बनाई।

1090 से जीता महिलाओं का विश्वास
अखिलेश सरकार में लखनऊ परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक बने नवनीत सिकेरा ने अपराधियों पर शिकंजा कसने के साथ महिलाओं को इंसाफ दिलाने की पहल की। उनके सुझाव पर वीमेन पावर लाइन-1090 शुरू की गई। शिकायतों पर कार्रवाई का सिलसिला शुरू होने से वीमेन पावर लाइन पूरे प्रदेश में मशहूर हो गई। गांव से भी महिलाएं 1090 पर कॉल कर शोहदों की शिकायत करने लगीं। अब इसका काफी प्रचार-प्रसार हो चुका है।

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