गोरखपुर- वाराणसी हाइवे: दलदल बनी सड़क पर 3 घंटे में 60 किमी सफर

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गोरखपुर। शहर को वाराणसी से जोड़ने वाले हाइवे के निर्माण में लापरवाही जनता के लिए परेशानी का सबब बन गई है। खोदकर कर छोड़ी गई सड़क पर जहां-तहां पटी मिट्टी बारिश में दलदल बन गई है। बरसात के पहले एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने दावा किया था कि मानसून से पहले फोरलेन को चलने लायक बना दिया जाएगा। लेकिन उनकी पोलपट्टी मिट्टी में फंसे ट्रक और भारी वाहन रोज खोल रहे हैं।

हालत यह कि गोरखपुर से बड़हलगंज तक 60 किमी के सफर में तीन घंटे से अधिक समय लग रहा है। बारिश में हाईवे की स्थिति और खराब हो गई है। रोजाना ट्रक और भारी वाहन मिट्टी में फंस रहे हैं। निर्माणाधीन फोरलेन पर ट्रक और किसी भारी वाहन के मिट्टी में धंस जाने से घंटों जाम लगा रहता है। बेलीपार से मेहरौली महावीर छपरा तक करीब दो किमी में दोनों तरफ मिट्टी है और बीच में पानी भरने से सड़क नाला बन गई है। इससे ट्रक वाले मिट्टी की तरफ गाड़ी निकालने में फंस जा रहे हैं।

फोरलेन निर्माण में सुस्ती, झेल रही पब्लिक
गोरखपुर से वाराणसी फोरलेन का निर्माण चल रहा है। तीन साल से अधिक समय हो गया है। लेकिन काम की ढिलाई बरकरार है। निर्माण कार्य में लापरवाही का खामियाजा जनता भुगत रही है। सोशल मीडिया पर लोग रोज इसे लेकर सरकार की बखिया उधेड़ते हैं। बड़लगंज, गोला, कौड़ीराम, महावीर छपरा से गोरखपुर आने वाले लोगों की मजबूरी इस सड़क पर सफर करने की है। सड़क पर फंसी गाड़ियों को निकालने के लिए महावीर छपरा के पास एक क्रेन रखी गई है। खराब सड़क के कारण वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़ से आने जाने वाली सरकारी बसों के ड्राइवर इस रूट पर आवागमन में कांप जा रहे हैं। उनको गोरखपुर से बड़हलगंज तक पहुंचने में 3 घंटे से अधिक का समय लग रहा है। इस रूट पर लोकल सवारी भी बड़ी मुश्किल से मिलती है।

“फोरलेन का निर्माण काफी तेजी से हो रहा था। लॉकडाउन में काम प्रभावित हुआ है। जैसे ही अनुमति मिली वैसे ही काम तेज किया गया। मिट्टी का काम जहां हुआ है, बारिश के कारण वहां अधिक दिक्कत है। मौसम साफ होते ही काम तेज होगा।”
– श्रीप्रकाश पाठक, परियोजना प्रबंधक, एनएचएआई

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