लॉक डाउन: इनकी ​इंसानियत मर गई, इसलिए ले रहे ज्यादा पैसे

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गोरखपुर। लॉक डाउन में जनता की समस्याओं को देखते हुए तमाम लोग उनको भोजन—पानी और राशन मुहैया करा हैं। सोशल डिस्टेसिंग पालन कराते हुए सोशल वर्कर, बिजनेसमैन, पुलिस, पालीटिकल पार्टियों से जुड़े लोग हाथ आगे बढ़ाकर सबका सहयोग कर रहे हैं। सरकार भी लॉक डाउन के दौरान जनता को सस्ती दरों पर राशन उपलब्ध कराने की कोशिश में लगी है। रोजाना के इस्तेमाल की सब्जी, मसाला, दाल जैसी जरूरत की वस्तुओं का रेट प्रशासन जारी कर रहा है। लेकिन जहां पर इस तरह की कवायदें चल रही हैं। वहां पर तमाम कारोबारी इंसानियत को भूलकर मुनाफाखोरी में जुटे हैं।

अधिक दाम लेकर कम दे रहे थे राशन
गरीब परिवारों को मिलने वाले फ्री और सामान्य परिवारों को कंट्रोल रेट में दिए जाने वाले राशन के वितरण में मनमानी कर रहे हैं। दो रुपए प्रति किलो गेहूं को चार रुपए में बेच रहे हैं। जिन परिवारों को 20 किलो गेंहू मिलना चाहिए। उनको महज 15 किलो राशन दे रहे हैं। 15 किलो की जगह 10 किलो ही दिया जा रहा है। मिर्जापुर में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ एसडीएम सदर गौरव सिंह सोगरवाल के निर्देश पर नायब तहसीलदार सदर राधेश्याम गुप्ता की अध्यक्षता में राजस्व टीम ने जांच की। दुकान पर सोशल डिस्टेसिंग का पालन नहीं हो रहा था। लोगों ने कोटेदार पर मनमानी का आरोप लगाया। जांच टीम को बताया कि दो रुपए की जगह चार रुपए लिया जा रहा था। जबकि निर्धारित वजन से कम अनाज भी कोटेदार दे रहे थे। गड़बड़ी मिलने पर जांच टीम ने दुकान को सील कर दिया। इसके पूर्व जिला प्रशासन की टीम ने तारामंडल रोड पर जीडीए आफिस के सामने एक किराना स्टोर्स को सील किया था।

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