गोरखपुर में ठेले वाले भी हुए डिजिटल, पीएम मोदी का सपना साकार कर रहे सगे भाई

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गोरखपुर। सीएम योगी के शहर में पीएम मोदी का डिजिटल इंडिया का सपना साकार हो रहा है। दो सगे भाइयों की मेहनत और लगन से ठेले-रेहड़ी वालों की जिंदगी भी बदलने लगी है। पीएम मोदी के डिजिटल इंडिया के सपने को गोरखपुर के दो भाइयों ने अपनी रगों में बसा लिया है। दोनों पीएम के सपने को अपना बनाकर लोगों की जिंदगी को डिजिटली बदलने में जुटे हैं। ‘डिजिटल उड़ान’ अभियान के जरिए दोनों शहर के छोटे व्यापारियों को कामयाबी का हुनर सिखा रहे हैं। बात हो रही है 27 वर्षीय राहुल मिश्र और उनके भाई 23 साल के विशाल मिश्र की, जिनकी जिंदगी को एक नया मकसद मिल गया है। वेबसाइट और सॉफ्टवेयर डिजाइनिंग कंपनी बनाकर स्टार्टअप शुरू करने वाले सगे भाइयों पर पीएम के नारे का ऐसा असर हुआ कि दोनों ने शहर के छोटे व्यापारियों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने की मुहिम छेड़ दी।

बाबू बनारसी दास कॉलेज, लखनऊ से 2013 में बीटेक (इलेक्ट्रॉनिक्स) और फिर सीडैक नोएडा से 2015 में एमटेक (मोबाइल एप्लीकेशन) करने वाले राहुल मिश्र ने नौकरी की जगह स्टार्टअप को तरजीह दी। एनीमेशन में डिप्लोमा किए अपने छोटे भाई को साथ लिया। पांच साल पहले कोड्स जेस्चर कंपनी की नींव रखी। शुरुआती दिनों में नोएडा में काम किया। फिर अपने शहर को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने का अरमान लेकर गोरखपुर आ गए।

पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर हैं पिता, बेटों को किया प्रोत्साहित
राहुल और विशाल के पिता राजेंद्र मिश्र, यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती गोरखपुर एसएसपी के पीआरओ के रूप में है। माता आरती मिश्रा गृहणी हैं। राहुल और विशाल का कहना है पिता ने समाज में कुछ नया करने की प्रेरणा दी। छोटे कारोबारियों के डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने के प्रयास को खूब सराहा

अब तक का सफर

  • फोटोग्राफर्स की संस्था क्लिकर्स की वेबसाइट तैयार किया है।
  • चित्रकारों को मंच देने के लिए पेंटेकल की वेबसाइट बनाई।
  • आधा दर्जन रेहड़ीवालों की भी बना चुके हैं वेबसाइट
  • डिजिटल उड़ान के तहत ‘बिजनेस नहीं तरीका बदलें’ को बढ़ावा।
  • डिजिटल रक्तदता से शहर में रक्त खोजने की जरूरत दूर करने के लिए पोर्टल बनाया।
  • डिजिटल दुर्गा पोर्टल से शहर की महिला उद्यमियों को आगे बढ़ने मंच दिया।

चाय पंचायत टीम

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