Gorakhpur में बोलीं पाखी: भोजपुरी में अच्छी कहानी और स्क्रिप्ट की कमी

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गोरखपुर। भोजपुरी फिल्मों की अभिनेत्री पाखी हेगड़े ने कहा कि भोजपुरी सिनेमा के पास आज भी अच्छी कहानी और स्क्रिप्ट की कमी है। इनके अभाव में ये फिल्में दर्शकों पर प्रभाव नहीं छोड़ पा रही हैं। भोजपुरी इंडस्ट्री को ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए काफी प्रयास किए जाने की जरूरत है। पाखी हेगड़े बुधवार को गोरखपुर आई थीं।

भोजपुरी में एक से बढ़कर एक फ़िल्म देने वाली हीरोइन ने कहा कि भोजपुरी सिनेमा से बी- ग्रेड का टैग हटाने के लिए भी कोशिश करनी होगी। अभी यह माना जाता है कि अश्लील आइटम सांग डालकर ही फिल्म चलाई जा सकती है। इसलिए इस धारणा को पूरी तरह से बदलना होगा। तेलगू फिल्मों की शुरूआत भी कम बजट से हुई थी। लेकिन आज यह इंडस्ट्री, हॉलीवुड को टक्कर दे रही है। भोजपुरी सिनेमा की ओर दर्शकों के आकर्षित न होने का एक प्रमुख कारण थियेटर की दुर्दशा भी है। जहां ये फिल्में चलती हैं, वहां दुर्व्यवस्था का अंबार होता है। दक्षिण की फिल्में मल्टीप्लेक्स में जाती हैं। भोजपुरी सिंगल स्क्रीन को तरसती रहती है।

यहां एक ओर भोजपुरी को आठवीं अनसूची में शामिल करने की मांग हो रही है तो दूसरी ओर सरकार भोजपुरी फिल्मों को मल्टीप्लेक्स तक नहीं पहुंचा पा रही। भोजपुरी में कई फिल्में बिल्कुल पारिवारिक हैं, लेकिन थियेटर में उन्हें पर्याप्त दर्शक नहीं मिले। चैनलों पर ये फिल्में खूब देखी गईं। लोगों ने इसे खूब सराहा। सरकार को चाहिए कि भोजपुरी फिल्मों को मल्टीप्लेक्स में चलाने को अनिवार्य बनाएं। पाखी ने कहा कि लोक परंपराओं को सहेजने को लेकर भोजपुरी सिनेमा अपेक्षाकृत योगदान नहीं कर पा रहा। रियल कांसेप्ट से जुड़ने में हम कहीं न कहीं चूक रहे हैं। महिलाओं को भोजपुरी सिनेमा से जोड़ना बहुत जरूरी है। लेकिन वो जुड़ नहीं पा रहे हैं। इसके पहले भी अपनी फिल्मों के प्रोमोशन के लिए पाखी गोरखपुर आ चुकी हैं।

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