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गोरखपुर। जिले में कोरोना पॉजिटिव की संख्या में इजाफा होने लगा है। शुक्रवार की सुबह मुंबई से लौटे एक व्यक्ति में कोरोना की पुष्टि हुई। अभी तक कि जांच में जिले के भीतर कुल 11 कोरोना पेशेंट पाए गए। हालांकि दो को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। बताया जाता है कि 11वां मरीज रसूलपुर मोहल्ले का है। वह पांच दिन पहले मुंबई से लौटा था। मुंबई से आने के बाद दो दिन तक वह नौसढ़ में अपनी घर के रहा। तीसरे दिन अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे दोस्त बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गया था। जांच में कोरोना की पुष्टि होने से हड़कंप मच गया। उसके संपर्क में आए लोगों की तलाश शुरू कर दी गई है।
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी के अनुसार युवक मुंबई से चलकर 10 मई को गोरखपुर पहुंचा और नौसढ़ स्थित अपनी बहन के घर दो दिन रुक गया। तबीयत खराब होने पर बिलंदपुर के एक युवक के साथ मेडिकल कालेज गया। वहां कोरोना संक्रमण की जांच के लिए उसका सैम्पल लेकर उसे छोड़ दिया गया। वह युवक रसूलपुर स्थित अपने चाचा के घर चला गया। गुरुवार की देर रात रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद रसुलपुर व नौसढ़ को सील करने की तैयारी शुरू हो गयी है। मौके पर पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंच चुकी है।
मुंबई से लौटे, जांच में मिले कोरोना पॉजिटिव
गोरखपुर में गुरुवार को भी चार युवकों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। सभी ट्रक और दूसरे साधनों से मुंबई से गोरखपुर आए थे। सभी जिले के बाथ बुजुर्ग-हरपुर, शाहपुर-बेलघाट, इटौवा-झंगहा, जिगिना-बांसगांव के रहने वाले हैं। जिला प्रशासन ने इनके गांवों को पूरी तरह से सील कर दिया है।गुरुवार को ही बस्ती मंडल में 9 नए कोरोना के मामले सामने आए। इनमें चार बस्ती, चार सिद्धार्थनगर और एक संतकबीनगर में कोरोना पॉजिटिव मिला।
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जिस मरीजों का सैंपल ले कर जांच के लिए भेजा जाता है उन मरीजों को घर क्यों जाने दिया जाता है। यह मेडिकल कॉलेज के डाक्टरों की घोर लापरवाही हैं।