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एसटीएफ के दारोगा को पटका, नाम से कांपने लगी गोरखपुर पुलिस, अब होगा 50 हजार का इनाम

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• आशुतोष मिश्रा
गोरखपुर। गुलरिहा, थाना क्षेत्र के झुंगिया निवासी राकेश यादव के खिलाफ जारी इनाम बढ़कर 50 हजार होगा। एसएसपी डॉ. सुनील ने इनाम बढ़ाने की संस्तुति कर दी है। इसकी फाइल डीआईजी रेंज को भेजी जा चुकी है। इसलिए क्राइम ब्रांच और गुलरिहा पुलिस ने राकेश तलाश तेज कर दी है। पुलिस की अलग—अलग टीम उसके साथियों, सगे—संबंधियों और गैंग से जुड़े लोगों का ब्यौरा भी बना चुकी है। जिले में कभी श्रीपत ढाढ़ी गैंग से जुड़े रहे राकेश यादव के नाम से गोरखपुर पुलिस कांपने लगी थी।

छोटू पर दो बार हुआ हमला, अरुण को बनाया निशाना
झुंगिया गांव के प्रापर्टी डीलर छोटू प्रजापति चार अक्टूबर 2019 को फर्टिलाइजर कैंपस में बदमाशों ने गोलियां चलाई थीं। लेकिन हमले में वह बाल—बाल बच गए। इसके बाद 19 दिसंबर 2019 को मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी के पास बदमाशों ने छोटू प्रजापति को उस समय गोली मार दी जब वह एक जन्मदिवस की पार्टी में शामिल होकर घर लौट रहे थे। इस मामले में पुलिस ने शाहपुर के जंगल सालिकराम, बधिक टोला, व्यासनगर कॉलोनी के बदमाश विपिन सिंह को गिरफ्तार किया। उस समय उसने बताया था कि माफिया राकेश यादव ने ही छोटू प्रजापति और अरुण निषाद की हत्या की सुपारी दी है। फर्टिलाइजर कैंपस में छोटू पर हमला विपिन और उसके साथियों ने किया था। इसके आधार पर पुलिस ने दोनों मुकदमों में साजिश रचने के आरोप में राकेश यादव को नामजद किया। लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी।

राकेश के कहने पर विपिन सिंह ने किया जानलेवा हमला
पुलिस का दावा है कि नौ जून को राकेश यादव के कहने पर बदमाश विपिन सिंह ने छोटू प्रजापति के घर पहुंचकर गोली चलाई। लेकिन वह फिर बच गया तो बौखलाया विपिन अपने साथियों के साथ शाहगंज में अरुण निषाद के घर पहुंचा। वहां अरुण नहीं मिला तो उसके भाई दीप चंद को गोली मारकर बदमाश भागने लगे। बदमाशों के हमले में मोहल्ले का 10 साल का एक बच्चा भी घायल हो गया। गोली चलाकर भाग रहे बदमाशों को पुलिस ने घेर लिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में विपिन के पेट में गोली लगी। अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इस मामले में भी राकेश यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उसकी तलाश में पुलिस ने तीन—चार बाद दबिश दिया। लेकिन फिर भी वह बच निकला।

बांसगांव बम कांड से दहला उत्तर प्रदेश, कुख्यात हुआ श्रीपत ढाढ़ी गैंग
पुलिस रिकार्ड में राकेश यादव बतौर माफिया दर्ज है। 90 के दशक में सहजनवां के श्रीपत ढाढ़ी गैंग से लोग कांपते थे। अपहरण करके फिरौती वसूलने, ​पेट्रोल पंप लूटने सहित कई घटनाओं में श्रीप​त ढाढ़ी गैंग शामिल रहा। पुराने जानकार बताते हैं ​कि बरगदवां पुलिस चौकी पर तत्कालानी दारोगा रघुवीर सिंह पर श्रीपत गैंग ने गोलियां चला दी थीं। गोरखपुर के बड़े कारोबारी का 2002 में अपहरण करके पांच करोड़ की फिरौती वसूलने, गोरखनाथ के एक डॉक्टर का अपहरण करके उनसे रुपए लेने और आजमगढ़ के ज्वेलरी कारोबारी का अपहरण करके बिहार में सिर काटकर में भी श्रीपत ढाढ़ी गैंग का नाम आया। हालांकि इस गैंग और राकेश तब पूरे देश में हाईलाइट हुए जब 25 मार्च, वर्ष 1996 को बांसगांव बम कांड हुआ। मानीराम के पूर्व विधायक ओम प्रकाश पासवान माल्हनपार कस्बे में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। शाम करीब साढ़े पांच बजे ट्राली पर बने मंच के ठीक पीछे छत पर साड़ी पहनकर बैठे पांच—छह बदमाशों ने घी के डब्बों में भरा बम सभा में फेंक दिया। लोकसभा चुनाव के ठीक पहले हुई घटना से पूरा प्रदेश दहल उठा। पूर्व विधायक ओम प्रकाश पासवान सहित 10 से अधिक लोग घटना में मारे गए। 50 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर आई। जांच में पुलिस ने कहा कि यह दुस्साहस को श्रीपत ढाढ़ी गैंग ने किया है। आरोप लगा कि पुरानी रंजिश को लेकर राकेश यादव ने अपने साथियों संग मिलकर पासवान की जनसभा में मंच उड़ा दिया। इस मामले में राकेश यादव कोर्ट से बरी हो चुका है।

श्रीपत ढाढ़ी गैंग में इनका नाम
राधे यादव, जयेश यादव, श्रीप्रकाश उर्फ प्रकाश ढाढ़ी, राकेश यादव, शंकर उर्फ दयाशंकर यादव, नन्हें पांडेय, कामोद मणि, लल्लू उर्फ जलालुद्दीन, ऋषिमुनि तिवारी, ब्रह्मा यादव, रुपेश यादव, शिव प्रसाद ढाढ़ी, पन्ने सहित अन्य का नाम शामिल हुआ। इनमें अधिकांश को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया।

और जब राकेश ने दारोगा को सड़क पर पटक दिया
राकेश यादव नाम से एक चर्चा पुलिस विभाग में होती है। पुलिस के लोग बताते हैं कि पांच अगस्त 2009 को पश्चिम बंगाल के डायसन रोड पर एसटीएफ के एक दारोगा को राकेश ने उठाकर पटक दिया था। लोकेशन मिलने पर एसटीएफ ने घेराबंदी की तो वह भिड़ गया। लेकिन दारोगा के चंगुल से नहीं छूट पाया। सड़क पर पटका—पटकी देखकर लोकल पुलिस आ गई। एसटीएफ और राकेश सहित अन्य को लॉकअप में बंद कर दिया गया। जानकारी होने पर उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों ने पश्चिम बंगाल के अफसरों से बात करके टीम को छुड़ाया। राकेश यादव पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस रिकार्ड के अनुसार वर्तमान में जिले के विभिन्न थानों में 48 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। राकेश यादव ने राजनीति में किस्मत भी आजमाई। मानीराम से विधायक बनने का ख्वाब भी देखा। लेकिन उसे सफलता नहीं मिल सकी। फिर भी अपने लोगों के बीच वह सिद्दत से लगा रहा। प्रापर्टी डीलर छोटू प्रजापति पर जानलेवा हमले के बाद से दोबारा राकेश फरार घोषित कर दिया गया है।

“गुलरिहा थाना के हिस्ट्रीशीटर, माफिया राकेश यादव की तलाश चल रही है। उसके खिलाफ इनाम की राशि बढ़ाई जाएगी।”
डॉ. सुनील गुप्ता, एसएसपी

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