योगी की सभा से बदल गई देवरिया की फिजा

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देवरिया। विधानसभा उपचुनाव के नतीजों ने राज्य में योगी सरकार की लोकप्रियता पर मुहर लगा दी है। भारतीय जनता पार्टी ने सात में से उन सभी छह सीटों को बरकरार रखा है जो पहले से उसके खाते में थीं। इनमें सबसे अहम है देवरिया की प्रतिष्ठापरक सीट। माफिया विकास दुबे के एनकाउंटर और विजय मिश्रा के खिलाफ सख्त करवाई को लेकर सरकार पर तथाकथित ब्राह्मण विरोधी होने के आरोप, सभी प्रमुख दलों से ब्राह्मण प्रत्याशी होने और दिवंगत भाजपा विधायक के पुत्र की बगावत से ऐसी कयासबाजी थी कि यह सीट भाजपा के हाथ से फिसल जाएगी। पर, देवरिया में प्रचार के आखिरी दौर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा ने सियासी फिजा ही बदल दी। नतीजा, भाजपा प्रत्याशी सत्य प्रकाश मणि त्रिपाठी ने सपा के कद्दावर ब्राह्मण नेता और पूर्व मंत्री ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी को चुनावी मैदान में करीब 20 हज़ार मतों के अंतर से धूल चटा दी।
विधायक जनमेजय सिंह के निधन से रिक्त देवरिया विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में बसपा ने अभयनाथ त्रिपाठी और कांग्रेस में मुकुंद भाष्कर त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाकर ब्राह्मण कार्ड खेला था। ऐन मौके पर सपा ने पूर्व मंत्री ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी को टिकट देकर सियासी लड़ाई को और पेंचीदा कर दिया। कानपुर के कुख्यात माफिया विकास दुबे को एनकाउंटर में मार गिराने और भदोही ज्ञानपुर के हिस्ट्रीशीटर विधायक विजय मिश्रा पर सरकार की सख्ती को कतिपय सियासतदानों ने योगी सरकार पर ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप लगाकर सियासी लाभ लेने की कोशिश भी शुरू कर दी। प्रतिकार करते हुए भाजपा ने सत्य प्रकाश मणि त्रिपाठी को प्रत्याशी घोषित कर आरोपों की हवा निकालने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। लेकिन इसी बीच टिकट के दावेदार स्मृतिशेष विधायक जनमेजय सिंह के पुत्र अजय प्रताप उर्फ पिंटू सिंह ने निर्दल ताल ठोंककर भाजपा खेमे की पेशानी पर बल डाल दिया।
चुनाव प्रचार के जोड़ पकड़ने के साथ चर्चाओं में भाजपा की मुश्किलें बढ़ती दिख रही थीं। ऐसे में पार्टी और प्रत्याशी के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ की चुनावी सभा ने संजीवनी का काम किया। आखिरी दौर में चुनावी रैली करने आए योगी ने अपने सियासी कौशल से हवा का रुख मोड़ दिया। योगी की रैली में जनसंवाद करने के उनके अंदाज और अपने कार्यों पर जनता से भराई गई हामी ने कार्यकर्ताओं में भी जोश भर दिया। अपनी चुनावी रैली के दौरान माफिया पर सरकार की कार्रवाई पर जनता से मुहर लगवाकर योगी ने दो टूक संदेश भी दिया कि सरकार किसी जाति की नहीं अपराधियों की विरोधी है। टिकट को लेकर पार्टी में बगावत पर भी उन्होंने बिना नाम लिए कह दिया था कि टिकट की चाह हर कार्यकर्ता को होती है लेकिन जिसे पार्टी का सिम्बल मिलता है, उसके लिए जी जान से जुट जाना भी हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी होती है। चर्चाओं से इतर आए देवरिया के नतीजे ने इस बात की तस्दीक कर दी है कि लोगों तक योगी की रैली का संदेश असरकारक रहा।

देवरिया विधानसभा उपचुनाव परिणाम एक नज़र में

सत्य प्रकाश मणि त्रिपाठी भाजपा 68732

ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी सपा 48643

अभयनाथ त्रिपाठी बसपा 22069

अजय प्रताप उर्फ पिंटू सिंह निर्दल 19299

मुकुंद भाष्कर त्रिपाठी कांग्रेस 3962

Chai Panchayat

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