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16 दिसंबर से पड़ सकती है कड़ाके की ठंड, हो जाएं तैयार

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लखनऊ/ गोरखपुर। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के तेज होने के साथ ही मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ने के आसार हैं। फिलहाल, पश्चिमी विक्षोभ से आए बादलों के कारण तापमान में अपेक्षित कमी नहीं हो पा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि बादलों के हटते ही 16 दिसंबर के आसपास ठंड कहर बरपाने लगेगी।
अरब सागर से उठे पश्चिमी विक्षोभ से पूर्व राजस्थान में इसका असर पड़ा था। चार-पांच दिनों बाद यह शांत हुआ। इसी क्रम में अब अरब सागर से उठा विक्षोभ गुजरात तक पहुंचकर देशभर का मौसम बदल रहा है। पहले 12 दिसंबर से शीत लहर चलने का अनुमान मौसम वैज्ञानिकों ने लगाया था‚ जो इस विक्षोभ की भेंट चढ़ गया और ठंड नहीं बढ़ पाई। अब अरब सागर के विक्षोभ के शांत होने के बाद ही ठंड़ बढ़ने का अनुमान हैं।
मौसम विभाग के जेपी गुप्ता का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ आने से पृथ्वी की एनर्जी कोहरे‚ धुंध के साथ प्रदूषण में समा जाती है और ऊपर नहीं उठ पाती है। इसी इनर्जी से बारिश आदि का योग ऊपर उठने पर बनता है‚ जो नहीं बन पा रहा है। इसीलिए ठंड बढ़ने में रुकावट आ रही है। उधर, विक्षोभ से उत्पन्न एस्ट्रो टर्फ बनने से बादल आये‚ जिससे तापमान गिरा है। यह क्रम आने वाले चार दिन बरकरार रहेगा जिससे ठंड बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन पांडेय सुनील ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव खत्म होने के साथ ही 16 दिसंबर के बाद कड़ाके की ठंड होने की गुंजाइश बन रही है। इस दौरान हवा चलने से भी ठंड में इजाफा हो सकता है। उन्होंने बताया कि बादल तो आये हैं। किंतु बारिश की संभावना नगण्य है‚ कहीं- कहीं बूंदाबांदी हो सकती है।

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