आर्यावर्ती सरोज “आर्या”का नाम गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में हुआ दर्ज

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गोरखपुर। एक अच्छे लेखक की पहचान उसकी कलम होती है और उसकी लेखनी ही उसके व्यक्तित्व एवं विचारों की अभिव्यक्ति। देवरिया जिले के तिलईबेलवा गांव में जन्मी आर्यावर्ती सरोज “आर्या” वर्तमान निवासी लखनऊ ( उत्तर प्रदेश) देश की जानी- मानी कवयित्री, लेखिका, एवं साहित्यकार हैं जो कि लेखन कार्य में निरंतर कार्यशील रहने के कारण साहित्य क्षेत्र में अपना विशेष स्थान बना चुकी हैं। अनेकों उपलब्धियों को हासिल कर इसी क्रम में इन्होंने एक और विशिष्ट उपलब्धि हासिल कर लिया है जो कि अति प्रशंसनीय एवं सराहनीय है।


विदित हो कि आर्यावर्ती सरोज “आर्या”का नाम “गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड” में दर्ज हो चुका है।
दरअसल131, अर्जुन पुरस्कार विजेता खिलाड़ियों पर अंतरराष्ट्रीय काव्य संकलन में मुक्केबाजी की मशहूर महिला खिलाड़ी “लवलीन बोरगोहेन”के जीवन पर काव्य शोध भेजा था, जिसे गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। आर्या को इसके लिए इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स आर्गेनाइजेशन की ओर से ई सर्टिफिकेट दिया गया है।

इग्नू की अकादमिक काउंसलर एवं विशेषज्ञ केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय उच्चतर शिक्षा विभाग मंत्रालय भारत सरकार की डॉ विदुषी ने बताया कि इस अंतराष्ट्रीय काव्य संकलन देश विदेश के लगभग 131, बड़े शोधकर्ताओं/रचनाकारों ने भाग लिया। सभी ने ऐसे खिलाड़ियों पर शोध किया जिन्होंने खेल के विभिन्न क्षेत्रों में अपना योगदान दे कर भारत का नाम गौरवान्वित किया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सभी लेखकों ने अपने द्वारा चयनित खिलाड़ियों पर 20 से 25 पंक्तियों की कविता में ही उनके जीवन का सार प्रस्तुत किया है।

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