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अमेरिका से लौटे कुलपति : मीटिंग में बोले – सकारात्मक सोच से होगा विश्वविद्यालय का विकास

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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने मंगलवार को नववर्ष के उपलक्ष्य में संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ अलग अलग मुलाकात की। इस दौरान विश्वविद्यालय के अंदर पठन पाठन के माहौल को उत्कृष्ट बनाने, आपसी संवाद के माध्यम से समस्याओं के निदान पर विस्तारपूर्वक विमर्श हुआ।

कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कहा कि इस मुलाकात में विशेष तौर पर चर्चा होगा। पहला नए साल की शुभकामनाएं, दूसरा 11 दिवसीय अमेरिका यात्रा और तीसरा उनकी अनुपस्थिति में विश्वविद्यालय में हुई गतिविधियां। उन्हें पता चला कि कुछ विभागाध्यक्ष अपनी समस्या कुलपति के समक्ष रखना चाहते हैं। मुलाकात के दौरान कुलपति ने प्रत्येक विभागाध्यक्ष को अपनी बात रखने का मौका देते हुए पूछा कि आप को कुलपति कार्यालय या अपने कुलपति से कोई शिकायत तो नहीं है। नए साल का मौका है कड़ी बात का भी संज्ञान नहीं लिया जाएगा। सभी विभागाध्यक्षो ने कहा कि उन्हें कुलपति या कुलपति कार्यालय से कोई समस्या नहीं है वो विभागीय समस्याओं पर चर्चा करना चाहते हैं। सभी ने कुलपति के पहल की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया।

बैठक में कुलपति ने विभागाध्यक्षों से सीबीसीएस सिस्टम को लागू न करने, मीटिंग में ना आने पर जारी 13 विभागाध्यक्षो को नोटिस पर विस्तार पूर्वक चर्चा की। उनको वापस लेने का संकेत दिया। कुछ विभागाध्यक्षों ने कहा कि सीबीसीएस पैटर्न पर सराहनीय कार्य हुआ है उस पर विभागाध्यक्षो को प्रशंसा पत्र भी मिलना चाहिए। जिस पर कुलपति ने सभी विभागाध्यक्षो और संकायाध्यक्षो को प्रशंसा पत्र जारी करने का निर्देश कुलसचिव को दिया।

सकारात्मक सोच के साथ यूनिवर्सिटी को बढ़ाएं आगे
कुलपति ने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाना चाहते हैं। कल ही अमेरिका से 11 दिन की यात्रा के बाद शहर में वापसी हुई है। इस यात्रा के दौरान वो अमेरिका की जाॅन होपकिंग यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड काॅलेज पार्क, यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्का, गए। इन ख्यातिलब्ध संस्थानों से विश्वविद्यालय को नई उचाईयों पर ले जाने के लिए समझौता करार होगा। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में विश्वविद्यालय ने पठन पाठन और शोध के क्षेत्र ज्यादा काम किया है। संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों, शिक्षकों के सहयोग से ही नई शिक्षा नीति के अंतर्गत सीबीसीएस पैर्टन के सिलेबस को तैयार किया गया है। नैक मूल्यांकन और एनआईआरएफ रैंकिंग में अच्छी ग्रेड हासिल करने के लिए प्रयास किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के अधिनियम पर ही नियम के अंतर्गत सभी समस्याओं को दूर कराया जाएगा। अनुशासनहीनता के लिए विश्वविद्यालय में जगह नहीं है इसलिए कोई भी अपने साथियों को भड़काए नहीं। सकारात्मक सोच से विश्वविद्यालय का विकास होगा।

ईमेल या मैसेज भेजकर कर सकते हैं मुलाकात
कुलपति ने कहा कि वो सभी से मुलाकात के लिए सर्वथा उपलब्ध हैं। विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी उनसे मुलाकात के लिए उनकी ईमेल आईडी या व्हाट्सएप नंबर पर संदेश भेजकर मिल सकता हैं। बैठक में उन्होंने ईमेल आईडी और नंबर भी संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों और शिक्षकों के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि वो स्वयं इनका अवलोकन करते हैं और जवाब देते हैं। इसके साथ ही सभी विभागाध्यक्षों से हर महीने में एक बैठक भी करने का आश्वासन दिया।

26 जनवरी से पहले प्रमोशन, आवास, पीएचडी इंक्रीमेंट पर निर्णय
एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर की बैठक में प्रमोशन, आवास आवंटन, पीएचडी इंक्रीमेंट, मेडिकम इंश्योरेंस सरीखे अहम मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई। कुलपति ने कहा कि 26 जनवरी से पहले इन समस्याओं का निदान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसोसिएट प्रोफेसर के प्रमोशन और पीएचडी इंक्रीमेंट के मुद्दे पर विचार के लिए तीन संकायाध्यक्ष, कुलसचिव, वित्त अधिकारी की समिति बनाई जाएगी। समिति दो सप्ताह में अपनी रिपोर्ट कुलपति को देगी। एसोसिएट प्रोफेसर के प्रमोशन के लिए एपीआई की गणना कराकर, एक्सपर्ट पैनल लेने की प्रक्रिया को भी पूर्ण किया जाएगा। अप्रैल 2018 में नियुक्ति हासिल करने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर शिक्षकों के प्रमोशन के फार्म को भरवाने की प्रक्रिया भी जल्द प्रारंभ होगी। इसके साथ ही असिस्टेंट प्रोफेसर के आवास आवंटन की प्रक्रिया भी 26 जनवरी तक पूरी की जाएगी।

15 के बाद विभागों का दौरा
बैठक के दौरान विभागों में लैब, शिक्षक कक्ष, गेस्ट फैकल्टी बिजली, पानी समेत बुनियादी सुविधाओं को उपलब्ध कराने की मांग भी विभागाध्यक्षों और संकायाध्यक्षों की ओर से की गई। जिसपर कुलपति ने 15 जनवरी के बाद हर सप्ताह तीन से चार विभागों के निरीक्षण की बात कही।

विश्वविद्यालय ने की पहल, समाधान के लिए मांगा सुझाव
कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने अपनी तरफ से पहल करते हुए प्रो. कमलेश कुमार गुप्त, हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. दीपक त्यागी, पूर्व अध्यक्ष प्रो. अनिल राय को आमंत्रित किया था। विभागाध्यक्ष प्रो. दीपक त्यागी ने फ़ोन से प्रो. कमलेश कुमार गुप्त को सूचना भी दी, मगर वो नहीं आए। इस बारे में विभागाध्यक्ष को एक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है की समस्या का निदान कैसे हो।

आज भी कुलपति करेंगे मुलाकात
कुलपति ने कहा कि वो नए वर्ष के उपलक्ष्य में कोविड प्रोटोकाॅल के चलते जिन जिन असिस्टेंट प्रोफेसर से मुलाकात नहीं कर सके हैं, उनसे भी जल्द मिलेंगे। बुधवार को कुलपति गैर शैक्षणिक कर्मचारियों, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों, सिक्योरिटी गार्ड, हॉस्टल वार्डन और पुरातन छात्रों को भी चाय पर आमंत्रित कर संवाद करेंगे।

जितने पाठ्यक्रम की हुई पढ़ाई उतना ही पूछा जाएगा
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्री पीएचडी वर्ष 2019-20 के अभ्यर्थियों के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा में रिसर्च मेथाडोलॉजी और कंप्यूटर एप्लीकेशन का सिलेबस उतना ही परीक्षा में पूछा जाएगा जितना पढ़ाया गया है। बुधवार को से लेकर कुलसचिव कार्यालय से नोटिफिकेशन भी जारी होगा।

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