Categories: Education

गंगोत्री देवी महिला महाविद्यालय में उमड़ा स्नेह का सागर, पूर्व छात्रा मिलन समारोह बना स्मृतियों का उत्सव

Estimated reading time: 1 minute

गोरखपुर। गंगोत्री देवी महिला महाविद्यालय का प्रांगण उस समय भावनाओं से सराबोर हो उठा, जब युवा महोत्सव के अंतर्गत आयोजित पूर्व छात्रा मिलन समारोह में पैंतीस वर्षों की पुरातन छात्राएँ पुनः अपने शिक्षालय की गोद में लौटीं। वर्षों बाद मिलन का यह दृश्य ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्मृतियाँ स्वयं चलकर आँगन में उतर आई हों। कहीं हँसी की मधुर गूँज थी, तो कहीं आँखों में छलकती पुरानी यादों की नमी—पूरा वातावरण अपनत्व, गौरव और आत्मीयता से आलोकित दिखा।
विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ शिक्षाविद् डॉ. अर्चना तिवारी ने कहा कि किसी भी शिक्षालय की वास्तविक धरोहर उसकी पूर्व छात्राएँ होती हैं, जो अपने संस्कार और ज्ञान से समाज का पथ आलोकित करती हैं। उन्होंने नारी शक्ति का स्मरण कराते हुए कहा कि शिक्षित नारी परिवर्तन की वह ज्योति है, जो परिवार ही नहीं, युग की दिशा भी प्रकाशित कर सकती है। उनके शब्दों ने छात्राओं के अंतर्मन में आत्मविश्वास की नई किरण जगा दी।
संरक्षिका रीना त्रिपाठी ने भावपूर्ण स्वर में कहा कि आप सब इस शिक्षालय की केवल पूर्व छात्राएँ नहीं, बल्कि इसकी अमिट पहचान हैं। यह परिसर आपका अपना घर है और यह परिवार सदा आपके साथ खड़ा रहेगा। उनके उद्गारों ने उपस्थित जनसमूह को गहन भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. मनीष पांडेय ने कहा कि जब पूर्व छात्राएँ जीवन के विविध क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित करती हैं, तभी किसी शिक्षालय का गौरव साकार होता है।
इस अवसर पर कनक मिश्रा, अनुप्रिया मिश्रा, अल्पना पांडेय, प्रियंका श्रीवास्तव, तृप्ति सिंह, संगीता पांडेय तथा डॉ. कुमुद त्रिपाठी सहित अनेक पूर्व छात्राओं ने अपने जीवन की यात्रा साझा करते हुए बताया कि इसी शिक्षालय से मिले संस्कार उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी पूँजी बने।
कई पुरातन छात्राएँ आज उच्च शिक्षा, न्याय सेवा, विधि क्षेत्र तथा शिक्षण संस्थान संचालन जैसे क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान दे रही हैं। समारोह के दौरान वर्तमान छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को और भी उल्लासपूर्ण बना दिया। अंत में सभी पूर्व छात्राओं को स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया तथा अनेक छात्राओं ने शिक्षालय के विकास में सक्रिय सहभागिता का संकल्प व्यक्त किया।
प्राचार्य डॉ. गौरी पांडेय ने कहा कि इस शिक्षालय से विदा होने वाली प्रत्येक बेटी समाज में अपनी अलग पहचान बनाती है और समय आने पर स्नेहवश अपने मूल की ओर लौटती है—यही इस संस्थान की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

Chai Panchayat

चुस्की की चौपाल, मुद्दे की पड़ताल

Recent Posts

मासूम रंजीत के निधन पर विधायक ने परिजनों को बंधाया ढांढस

गोरखपुर। पिपराइच के बसडीला रौसड़ निवासी सुरजीत सिंह के चार वर्षीय इकलौते पुत्र रंजीत सिंह…

5 hours ago

जन चौपाल से जनता के बीच मजबूत पकड़ बना रहे विधायक सरवन निषाद, 2027 की तैयारियों की भी दिख रही झलक

चौरीचौरा (गोरखपुर)। विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भले ही अभी समय है, लेकिन चौरी चौरा…

5 hours ago

राष्ट्रीयता और बहुआयामी रोजगारपरक शिक्षा का प्रमुख केंद्र बना एमजीयूजी : प्रो. रवि शंकर सिंह

अनुसंधान और नवाचार पर विशेष ध्यान दें विद्यार्थी महंतद्वय दिग्विजयनाथ व अवेद्यनाथ की स्मृति में…

5 hours ago

पूर्वांचल के पोल्ट्री उद्योग को मिलेगी नई उड़ान, पहली बार गोरखपुर में जुटेंगे विशेषज्ञ

पोल्ट्री कॉन्क्लेव में आधुनिक तकनीक, उत्पादन बढ़ाने और आय वृद्धि पर होगा मंथन गोरखपुर। पूर्वी…

1 day ago

जलभराव से मुक्ति की राह बना गोड़धोइया नाला

495 करोड़ की परियोजना से उत्तरी गोरखपुर के 17 वार्डों को बड़ी राहत, बारिश का…

1 day ago

आखिरी सांस के बाद भी जारी रहेगी सेवा, रामेश्वर की आंखों से दो जिंदगियों में आएगा उजाला

गोरखपुर। किसी इंसान की जिंदगी की असली कीमत इस बात से नहीं तय होती कि…

1 day ago