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महिला दिवस पर पूर्वांचल की नारी शक्तियों का सम्मान, गंगोत्री देवी पीजी कॉलेज में आयोजित हुआ कार्यक्रम

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गोरखपुर। गंगोत्री देवी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय और स्कूल ऑफ़ नर्सिंग के संयुक्त तत्वावधान में महाविद्यालय के सभागार में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अपने विधा में पारंगत पूर्वांचल की नारी शक्तियों का सम्मान समारोह (गंगोत्री देवी नारी शक्ति सम्मान 2021) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालक सर्वेश दुबे ने किया। अध्यक्षता समाजसेवी रीना त्रिपाठी ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और सरस्वती वंदना से हुआ। लिटिल चैंप विहानी मिश्रा ​पीहू के डांस से आडोटोरियम में तालियां खूब गूंजी। सांस्कृतिक परिषद की अध्यक्ष डॉ. गौरी पांडेय के नेतृत्व में छात्राओं ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया।

प्रतिष्ठित महिलाओं किया सम्मानित
1. डॉ. शोभा शुक्ला, बस्ती के जिला महिला अस्पताल के सीएमएस पद से रिटायर, चिकित्सा सेवा की स्तंभ, संवेदनशीलता में महारथ हासिल, लोगों की प्रेरणा स्रोत हैं। 2001 में रिटायर होने के बाद समाजसेवा कर रही हैं।

2. डॉ. सुरहिता करीम, बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर (1976 बैच) से प्रशिक्षण प्राप्त, स्टार हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड की प्रबंध निदेशक डॉ. सुरहिता करीम जिन्होंने अपने पति डॉ. विजाहत करीम के साथ वर्ष 1988 में स्थापित किया था। डॉ. करीम गोरखपुर ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी सोसाइटी के पूर्व अध्यक्ष रही हैं, अब तक 50 से अधिक युवा और साथ ही वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञों को प्रशिक्षित कर चुकी है। डॉ. करीम इनर व्हील क्लब गोरखपुर, रोटरी इंटरनेशनल के एक विंग की अध्यक्ष हैं।

3. डॉ. मधुबाला, प्रसिद्ध स्त्री रोग हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज से प्रशिक्षण लेकर तकरीबन तीन दशक से अपने पति डॉ. रविकांत के साथ महिलाओं की चिकित्सा सेवा करते हुए उनको अवेयर कर रही हैं।

4. डॉ. रचना बनर्जी, होम्योपैथ क्षेत्र में गोल्डमेडलिस्ट हैं। पिछले तीन दशकों से पूर्वांचल में महिलाओं की सेवा के लिए ततपर रहती है। अपने पिता यश भारती प्राप्त होम्योपैथी चिकित्सक राम रतन बनर्जी को आदर्श मानने वाली डॉ. रचना अपनी समयबद्धता, महिलाओं के प्रति अनेक सामाजिक कार्य करके अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में सम्मानित की जा चुकी हैं। भारत के अलावा कई देशों में होम्योपैथ के क्षेत्र में देश का प्रतिनिधित्व करने का इन्हें गौरव प्राप्त है। 2016 में भारत के आयुष मंत्रालय के साथ दुबई में अंतरराष्ट्रीय होम्योपैथ सेमिनार में इन्होंने भारत देश का प्रतिनिधित्व किया। 2018 में सोरेंटो में होम्योपैथ पर अपना शोधपत्र देश की तरफ से प्रस्तुत कर देश को गर्वान्वित किया। अपने अनुशासन से बेटी डॉ. रचिता चटर्जी मिश्रा एमबीबीएस,एमडी को बाल रोग विशेषज्ञ बनाया। दामाद डॉ. विश्वदीप मिश्रा, एमडी रेडिएशन ऑन्कोलॉजी है। इन्होंने 2018 में अपनी टीम के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा की है। इनके जज्बे को देख मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। चिकित्सालय एक हज़ार से अधिक महिलाओं को ट्रेनिंग दे चुकी हैं।

5. डॉ. चेतना पांडेय, वर्तमान में एक महाविद्यालय में हिंदी विभाग की प्रवक्ता हैं। माता स्व.माया पांडेय
और पिता राम दत्त पांडेय को अपना आदर्श मानती हैं। राष्ट्रीय मंचों की लोकप्रिय कवयित्री, मंच संचालक, गोरखपुर विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष रह चुकी हैं। प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक सभी कक्षाओं प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण चेतना ने संगीत प्रभाकर( तबला), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म, बीएड,पीएचडी(हिन्दी साहित्य), नेट की डिग्री हासिल की है। विजेता(तबला वादन) उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी चेतना ने
गणतंत्र दिवस शिविर( एनसीसी) मैं बतौर कैडेट उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया।
अंतरराष्ट्रीय युवा महोत्सव घूमर, जयपुर में स्वर्ण पदक(तबला वादन) और स्वर्णपदक (हिन्दी काव्य पाठ) पा चुकी हैं। तबला वादन और गायन के लिए रेडियो से अप्रूव्ड कलाकार चेतना किशोर वय से ही अखिल भारतीय काव्य मंचों पर निरंतर काव्यपाठ कर रही हैं। उनके दो काव्य संग्रह ‘चेतना के गीत’ और दुर्गम पंथ चुनेगा कौन’ प्रकाशित हो चुके हैं। चेतना के कई शोध पत्र भी प्र​काशित हुए हैं।

6. डेजी मैथ्यूज, तकरीबन तीन दशक से बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पीड़ितों की सेवा कर रही हैं। इस वजह से कई पुरस्कारों से नवाज़ा जा चुका है। कुछ वर्ष पूर्व इनके सेवा के ज़ज़्बे को देखते हुए पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने राष्ट्रपति भवन बुला कर सम्मानित किया था।

7. सुप्रिया द्विवेदी ने कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग की। फिर एमबीए इन फाइनेंस करके तीन साल तक बैंक में नौकरी की। वर्ष 2018 में अपना खुद का उद्यम रंगरेज़ा— रेस्तरां और बैंक्वेट हॉल ओपेन किया। अपनी मेहनत के बल पर इन्होंने दो साल में अपना दो रेस्टोरेंट खोल लिया। सुप्रिया, सामजिक सरोकारों से जुड़ीं रहती है। जरूरतमंदों की मदद करने और भूख से लड़ने के लिए जनता फ्रिज के नाम से एक सामुदायिक फ्रिज भी स्थापित किया है।

8. आरटीओ अनिता सिंह 1999 बैच की पीसीएस अधिकारी हैं। वर्तमान में सम्भागीय परिवहन अधिकारी गोरखपुर में तैनात हैं। बेहद कर्मठ, संघर्षशील और जुझारू अधिकारी अनिता सिंह की कार्य प्रणाली से छात्राएं प्रेरणा ले रही हैं।

9. मेधा सिंह शहर की जानी—मानी कॉस्मेटोलॉजिस्ट, जूबेना से जुड़ी,सौंदर्य,स्वास्थ्य और पर्सनालिटी डेवलपमेंट विशेषज्ञ है। सिडको की उच्चतम योग्यता के साथ ब्यूटी और वेलनेस इंडस्ट्री में अहम मुकाम हासिल कर चुकी हैं। रत्न प्रकाश सम्मान के साथ ब्रांड आइकन, थाईलैंड में उद्यमिता के लिए अंतर्राष्ट्रीय उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त मिल चुका है।

10. चंद्रलेखा मणि त्रिपाठी, शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान और महिलाओं के लिए प्रेरणाश्रोत बनी हैं।

11. प्रोफेसर दिव्या रानी सिंह, 20 वर्षों से शिक्षण का अनुभव। वर्तमान में दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर में गृह विज्ञान की विभागाध्यक्ष। अब तक आपकी 14 पुस्तकें और 70 शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं। चार विशेष पुरस्कार की विजेता प्रोफेसर दिव्या की छात्राएं विभिन्न शिक्षण संस्थानों में शिक्षा सेवा दे रही हैं।

12. रेहाना शमीम, प्रधानाध्यापिका उप्रावि बूढ़ाडीह, भटहट में तैनात हैं। वर्ष 2006 में रेहाना जब स्कूल में तैनात हुईं तो वहां की हालत देखकर वह रो पड़ीं। इसके बाद उन्होंने स्कूल की दशा बदल दी। अब स्कूल अंग्रेजी मीडियम को मात देने में लगा है।

13. चेता सिंह, पूर्वांचल की फेमस सिंगर अपने आवाज का जादू चलाकर बेहतरीन मुकाम हासिल कर चुकी हैं। संगीत की विधा में पारंगत चेता सिंह के बेटै कुमार वर्सिकेय भी अपनी मां की प्रेरणा से युवा गायक बनकर ख्याति पा रहे हैं।

14. प्रोफेसर अनुभूति दुबे, दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष हैं। तकरीबन 6 वर्षो तक प्रदेश स्तरीय एचआईवी एड्स के मरीजों की काउंसिलिंग और ट्रेनिंग देने का काम सफलता पूर्वक कर चुकी हैं। 2009 से 2013 तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में साइको सोशल डायनमिक ऑफ हेल्थ ऑफ विमेन आफ ईस्टर्न यूपी पर काम किया। प्रोफेसर अनुभूमि के पति प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन डॉ. रणविजय दुबे की अस्वस्थता के दौरान देखभाल कर नारी शक्ति को धैर्य और साहस का संदेश दिया।

15. डॉ. ऋतु सहाय, प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ गोरखपुर स्थित कान्हा हेल्थकेयर में दिव्यांग बच्चों की थैरेपी सेंटर के उपचार के लिए विशेष योगदान रहा।

16. मीरा सिकदार, अपने मेहनत और ज़ज़्बे से मंच पर अपनी कला के माध्यम से अभिन्य योगदान दे रही हैं। नारी सशक्तिकरण की पक्षधर मीरा सिकदार प्रतिभा के बलबूते बेहतरीन मुकाम हासिल कर रही हैं।

डॉ. शोभा शुक्ला, चंद्रलेखा मणि को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार
कार्यक्रम में 75 वर्षीय डॉ. शोभा शुक्ला और वरिष्ठ शिक्षिका चंद्रलेखा मणि त्रिपाठी को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार दिया गया। कार्यक्रम समन्वयक वरिष्ठ समाजसेविका रीना त्रिपाठी ने अपने उदबोधन में कहा कि सभी नारी शक्तियों को सम्मानित करके सुखद अनुभव कर रही हैं। इस मौके पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पूनम शुक्ला, नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य लोरिटा याकूब, सीएम त्रिपाठी, डॉ. गौरी पांडेय, डॉ. नूतन त्रिपाठी, डॉ. दिव्या शुक्ला, डॉ. प्रियंका तिवारी,डॉ. नूतन त्रिपाठी,डॉ. शीला त्रिपाठी, डॉ. आशा पांडेय, डॉ. संगीता पांडेय, डॉ. प्रत्या उपाध्याय, डॉ. अजिता श्रीवास्तव, डॉ. करुणा गुप्ता, डॉ. सीमा श्रीवास्तव, डॉ. रजनी मिश्रा, दीपांजलि, सत्या शर्मा, श्वेता रावत, आराधना यादव सहित कई लोग मौजूद रहीं। कॉलेज की इंदिरा देवी, लक्ष्मी, नित्यानंद, आकाश रैना,तिवारी, देवेंद्र चौधरी,नवी मोहम्मद,अशोक सिंह, अनिल पांडेय, अर्जुन यादव, दयानन्द को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत मे व्यवस्थापक आशुतोष मिश्र ने संचालक सर्वेश दुबे को अंगवस्त्र और बुके देकर मान बढ़ाया गया।

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चुस्की की चौपाल, मुद्दे की पड़ताल

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  • Aadarniy sampadak sir Dr Shobha Shukla ji BRD medical college se nahi , 2001 me Mahila Aspatal Basti Se CMS pad se retired hai. Kripya sanshodhit krne ki kripa kren

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